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Thursday, 19 February 2026

"ईरान में भूकंप या परमाणु विस्फोट? 5.5 तीव्रता के झटके ने दुनिया में मचा दी अफरा-तफरी, सोशल मीडिया पर उड़ी अफवाहें"

"ईरान में भूकंप या परमाणु विस्फोट? 5.5 तीव्रता के झटके ने दुनिया में मचा दी अफरा-तफरी, सोशल मीडिया पर उड़ी अफवाहें"
-Friday World 19th Feb 2026
                   प्रतिकात्मक तस्वीर 
दुनिया भर में तनाव का माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन रही है। डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य कार्रवाई की धमकियां, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगातार बहस, और मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच गुरुवार सुबह दक्षिणी ईरान में एक ५.५ तीव्रता का भूकंप आया। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को डराया, बल्कि पूरी दुनिया में अफवाहों का बाजार गर्म कर दिया। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं—क्या यह प्राकृतिक भूकंप था या ईरान ने गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर दिया? 

भूकंप का केंद्र कहां? जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, भूकंप का केंद्र २७.३६ डिग्री उत्तर अक्षांश और ५२.६० डिग्री पूर्व देशांतर पर था। यह स्थान फार्स प्रांत में मोहर शहर से लगभग ३५ किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है। भूकंप की गहराई मात्र १० किलोमीटर थी, जो काफी उथली मानी जाती है। इसी वजह से सतह पर झटके बहुत तेज महसूस हुए। स्थानीय समयानुसार सुबह ७:१३ बजे (लगभग ३:४३ जीएमटी) यह झटका आया। आसपास के इलाकों में खेतों, तटीय कस्बों और गैस फील्ड्स (जैसे तबनक, होमा, शनोल और वरावी) तक हलचल महसूस हुई।

 ईरान एक भूकंप-प्रवण क्षेत्र है। यहां टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल लगातार चलती रहती है। ५.५ की तीव्रता और १० किमी की गहराई प्राकृतिक भूकंप के लिए पूरी तरह सामान्य है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां जैसे USGS और GFZ ने इसे प्राकृतिक घटना ही बताया है। अभी तक किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। ईरानी अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है और लोगों से शांत रहने की अपील की है। 

परमाणु परीक्षण की अफवाहें क्यों उड़ीं? ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर है। ट्रंप प्रशासन ने परमाणु समझौते को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अगर बातचीत विफल हुई तो सैन्य हमले की धमकी दी जा रही है। ऐसे में यह भूकंप आया तो सोशल मीडिया पर अफवाहें उड़ने लगीं—

 - क्या ईरान ने गुप्त परमाणु परीक्षण किया? 

- क्या यह झटका परमाणु विस्फोट का नतीजा था?

 - क्या ईरान अब परमाणु हथियार बनाने की कगार पर पहुंच गया? 

यूट्यूब, ट्विटर (एक्स) और फेसबुक पर वीडियो और पोस्ट वायरल हो गए। कुछ यूजर्स ने दावा किया कि फार्स प्रांत में परमाणु साइट्स के पास यह घटना हुई। कुछ ने इसे "खामेनेई का नया टेस्ट" तक कह दिया। यहां तक कि कुछ चैनलों ने "अमेरिकी बेस पर हमले की तैयारी" जैसी सनसनीखेज हेडलाइंस चला दीं। 

पिछले कुछ महीनों में भी ऐसा हुआ है। फरवरी की शुरुआत में बूशहर प्रांत में ५.२-५.३ का भूकंप आया था, तब भी यही अफवाहें फैलीं कि यह परमाणु परीक्षण था। अक्टूबर २०२४ में भी ४.५ का भूकंप आया था, जिसे लोग परमाणु टेस्ट बताने लगे थे। लेकिन हर बार वैज्ञानिकों ने इन अफवाहों को खारिज किया। 

वैज्ञानिक क्या कहते हैं? भूवैज्ञानिकों और सिस्मोलॉजिस्ट्स का कहना है कि परमाणु विस्फोट और प्राकृतिक भूकंप की सिस्मिक वेव्स में फर्क होता है। परमाणु टेस्ट में विस्फोट की वजह से स्पष्ट "कंप्रेशनल वेव्स" (P-वेव्स) और "शियर वेव्स" (S-वेव्स) का पैटर्न अलग होता है। साथ ही, रेडिएशन, हाइड्रोजन गैस या अन्य संकेत मिलते हैं।

 इस बार GFZ, USGS और अन्य एजेंसियों ने डेटा का विश्लेषण किया। उन्होंने पुष्टि की कि यह पूरी तरह टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल से हुआ प्राकृतिक भूकंप था। कोई असामान्य सिग्नल या रेडियोएक्टिविटी नहीं पाई गई। ईरान के परमाणु स्थल (जैसे नतांज, फोर्डो या बूशहर) से इसकी दूरी काफी है। फार्स प्रांत मुख्य रूप से गैस और तेल क्षेत्र है, न कि परमाणु टेस्ट साइट। 

ईरान की स्थिति और वैश्विक प्रभाव ईरान सरकार ने तुरंत राहत कार्य शुरू किए। कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इलाके में गैस रिफाइनरी और पाइपलाइंस पर हल्का असर पड़ा। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) और अन्य संगठन डेटा मॉनिटर कर रहे हैं। 

यह घटना दर्शाती है कि कैसे भू-राजनीतिक तनाव में हर छोटी घटना को साजिश से जोड़ दिया जाता है। सोशल मीडिया पर अफवाहें तेजी से फैलती हैं, लेकिन तथ्य जांचने में समय लगता है। ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले से दबाव है। सैटेलाइट इमेजरी से पता चला है कि ईरान कुछ साइट्स पर मरम्मत और छिपाने का काम कर रहा है। लेकिन भूकंप को परमाणु टेस्ट से जोड़ना बिना सबूत के गलत है। 

सच्चाई क्या है? अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि यह परमाणु परीक्षण था। वैज्ञानिक डेटा स्पष्ट रूप से प्राकृतिक भूकंप की ओर इशारा कर रहा है। ईरान एक भूकंप-झोन में है—यहां हर साल दर्जनों झटके आते हैं। अफवाहें फैलाना आसान है, लेकिन सच्चाई जांच से ही सामने आती है। 

दुनिया को अब शांति और संवाद की जरूरत है, न कि अफवाहों और युद्ध की। ईरान-अमेरिका तनाव कम हो, तभी क्षेत्र स्थिर रहेगा। फिलहाल, यह ५.५ का भूकंप एक प्राकृतिक घटना है—परमाणु विस्फोट नहीं। 

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 19th Feb 2026