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Monday, 23 February 2026

बेरिंग सागर में 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप: अलास्का-रूस में हड़कंप, सुनामी का कोई अलर्ट नहीं

बेरिंग सागर में 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप: अलास्का-रूस में हड़कंप, सुनामी का कोई अलर्ट नहीं
-Friday World 24 February 2026
23 फरवरी 2026 को सुबह करीब 10:41 बजे (IST) बेरिंग सागर में 6.1 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने अमेरिका के अलास्का और रूस के साइबेरिया इलाकों में लोगों को डरा दिया। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने इसकी पुष्टि की है।

 भूकंप का केंद्र 52.81°N अक्षांश और 170.08°W देशांतर पर था, और यह 45 किलोमीटर की गहराई में आया। NCS ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया: "EQ of M: 6.1, On: 23/02/2026 10:41:52 IST, Lat: 52.81 N, Long: 170.08 W, Depth: 45 Km, Location: Bering Sea."

 यह भूकंप अलास्का के निकोल्स्की (Nikolski) से लगभग 93 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में आया, जो एल्यूशियन द्वीप समूह के पास है। USGS (यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे) के अनुसार, गहराई कुछ रिपोर्टों में 14-20 किमी बताई गई है, लेकिन NCS की रिपोर्ट 45 किमी की है। भूकंप के झटके अलास्का के दूरस्थ इलाकों और रूस के पूर्वी हिस्सों तक महसूस किए गए, हालांकि कोई बड़ा नुकसान या हताहत की खबर नहीं है। सुनामी का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया, क्योंकि भूकंप की गहराई और स्थान के कारण सुनामी का खतरा कम था। 

बेरिंग सागर: सामान्यतः शांत, लेकिन 'रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा! 

बेरिंग सागर का मध्य भाग सामान्य रूप से भूकंपों से मुक्त माना जाता है (aseismic region), लेकिन यह क्षेत्र प्रशांत महासागर की "रिंग ऑफ फायर" (Ring of Fire) के प्रभाव क्षेत्र में आता है। यहां टेक्टॉनिक प्लेट्स की गतिविधियां अक्सर भूकंप पैदा करती हैं। 

- उत्तरी हिस्सा: बेरिंग माइक्रोप्लेट की उत्तरी सीमा से जुड़ा, जहां प्लेट्स स्लिप (strike-slip) गतिविधियां होती हैं।

 - दक्षिणी हिस्सा: एल्यूशियन आर्क (Aleutian Arc) से प्रभावित, जहां सबडक्शन (एक प्लेट दूसरी के नीचे सरकना) प्रमुख कारण है। 

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह क्षेत्र बेरिंग माइक्रोप्लेट की सीमा दर्शाता है, जहां उत्तर-पश्चिम दिशा में एक्सटेंशन और पूर्व-पश्चिम में कम्प्रेशन होता है। अलास्का यूनिवर्सिटी के अध्ययनों से पता चलता है कि यहां की संरचना जेमचुग कैन्यन (Zhemchug Canyon) जैसी विशाल सबमरीन कैन्यन से जुड़ी हो सकती है, जो दुनिया की सबसे बड़ी सबमरीन कैन्यन मानी जाती है। 

इतिहास में पहले भी आए हैं ऐसे भूकंप यह क्षेत्र पूरी तरह शांत नहीं है। अतीत में भी मध्यम-तेज भूकंप आ चुके हैं: 

- 1991: 6.6 तीव्रता का भूकंप, जो वर्तमान घटना से लगभग 210 किमी दक्षिण-पूर्व में आया था।

 - 2010 (30 अप्रैल): 6.5 और 6.3 तीव्रता के भूकंप, जो जेमचुग कैन्यन के हेडवॉल क्षेत्र की ग्रेबेन संरचना से जुड़े थे। इनमें स्ट्राइक-स्लिप मैकेनिज्म था।

 ये घटनाएं दर्शाती हैं कि क्षेत्र में प्लेट्स की गतिविधियां जारी हैं, हालांकि बड़े पैमाने पर विनाशकारी नहीं होतीं। 2026 का यह भूकंप भी इसी पैटर्न का हिस्सा लगता है। 

अमेरिका और रूस में अलर्ट: क्या खतरा अभी बाकी है? भूकंप के बाद अलास्का और रूस के पूर्वी इलाकों में सतर्कता बढ़ गई। दूरस्थ द्वीपों और तटीय इलाकों में झटके महसूस होने से स्थानीय लोग घबरा गए। हालांकि, कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ क्योंकि इलाका कम आबादी वाला है। USGS को कुछ रिपोर्ट्स मिलीं कि लोगों ने हल्के झटके महसूस किए।

 वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में आफ्टरशॉक्स (पराभूकंप) आ सकते हैं, लेकिन सुनामी का जोखिम कम है। "रिंग ऑफ फायर" में ऐसे भूकंप आम हैं, लेकिन यह घटना क्षेत्र की टेक्टॉनिक जटिलता को फिर से उजागर करती है।

  प्रकृति की चेतावनी! यह भूकंप याद दिलाता है कि पृथ्वी की प्लेट्स कभी शांत नहीं बैठतीं। बेरिंग सागर जैसे "शांत" दिखने वाले इलाके भी कभी-कभी सक्रिय हो जाते हैं। वैज्ञानिक निगरानी और अलर्ट सिस्टम की वजह से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। 

धरती मां की थरथराहट हमें सतर्क रहने की याद दिलाती है – तैयार रहें, सुरक्षित रहें!
Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 24 February 2026