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Thursday, 19 February 2026

"बिल गेट्स की AI समिट से पीछे हटने की वजह: एपस्टीन फाइल्स में नाम आने पर लिया फैसला, अब अंकुर वोरा देंगे भाषण"

"बिल गेट्स की AI समिट से पीछे हटने की वजह: एपस्टीन फाइल्स में नाम आने पर लिया फैसला, अब अंकुर वोरा देंगे भाषण"
-Friday World 19th Feb 2026
नई दिल्ली में चल रही 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट २०२६' में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी बिल गेट्स ने अपना मुख्य भाषण रद्द कर दिया है। गेट्स फाउंडेशन ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि यह फैसला "बहुत सोच-विचार" के बाद लिया गया, ताकि समिट का पूरा फोकस AI की वैश्विक प्राथमिकताओं पर बना रहे। 

फाउंडेशन ने बताया कि बिल गेट्स की जगह अब अंकुर वोरा, जो गेट्स फाउंडेशन के अफ्रीका और भारत कार्यालयों के अध्यक्ष हैं, समिट में फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व करेंगे। अंकुर वोरा आज समिट के एक प्रमुख सत्र में बोलेंगे। वे लंबे समय से फाउंडेशन के भारत और अफ्रीका कार्यक्रमों की देखरेख कर रहे हैं और AI के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में फाउंडेशन के प्रयासों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 

एपस्टीन फाइल्स ने फिर उछाला विवाद बिल गेट्स के समिट से हटने का सबसे बड़ा कारण जेफ्री एपस्टीन से जुड़े हाल ही में जारी किए गए गोपनीय दस्तावेजों में उनका नाम आना बताया जा रहा है। अमेरिकी अदालतों द्वारा सार्वजनिक किए गए इन दस्तावेजों में एपस्टीन के साथ गेट्स के कई मुलाकातों और ईमेल संवाद का जिक्र है। एपस्टीन, जो यौन अपराधी और नाबालिगों की तस्करी के आरोपी थे, की २०१९ में जेल में मौत के बाद ये फाइलें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं। दस्तावेजों में दावा किया गया है कि: 

- एपस्टीन ने गेट्स को कई बार मिलने के लिए आमंत्रित किया। 

- गेट्स ने एपस्टीन के साथ न्यूयॉर्क, पाम बीच और अन्य जगहों पर कई बैठकें कीं। 

- कुछ दावों में कहा गया कि एपस्टीन ने गेट्स के वैवाहिक जीवन और अन्य निजी मामलों में "मदद" करने की कोशिश की। 

बिल गेट्स ने पहले भी इन मुलाकातों पर पछतावा जताया था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "मुझे एपस्टीन से मिलने का फैसला बहुत गलत था। मैं उस समय से बहुत अफसोस महसूस करता हूं और इसके लिए माफी मांगता हूं।" लेकिन नई फाइलों के जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर फिर से पुराने विवाद गरम हो गए। कई लोग इसे "AI समिट में गेट्स की मौजूदगी अनुचित" बता रहे थे।

 ऐसे में गेट्स फाउंडेशन ने फैसला लिया कि समिट का फोकस AI के सकारात्मक प्रभावों पर ही रहे, न कि किसी व्यक्तिगत विवाद पर। 

एनवीडिया CEO जेन्सन हुआंग ने भी भारत यात्रा टाली समिट में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला। 
एनवीडिया के CEO जेन्सन हुआंग, जो AI चिप्स के क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े नाम हैं, भी कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्होंने आखिरी समय में अपना दौरा रद्द कर दिया। कंपनी ने कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया, लेकिन अटकलें लगाई जा रही हैं कि बिल गेट्स की मौजूदगी या एपस्टीन विवाद से जुड़े माहौल ने इस फैसले को प्रभावित किया हो सकता है। 

समिट में अभी भी गूगल के CEO सुंदर पिचाई, ओपनAI के सैम ऑल्टमैन, माइक्रोसॉफ्ट के अन्य टॉप एग्जीक्यूटिव्स और कई वैश्विक AI लीडर्स मौजूद हैं। 

पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, थीम 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने १६ फरवरी को भारत मंडपम में 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट २०२६' का उद्घाटन किया। उन्होंने स्टार्टअप पवेलियन्स का दौरा किया और युवा इनोवेटर्स से मिलकर उनके AI समाधानों के बारे में जाना। समिट २० फरवरी तक चलेगी।

 इसके साथ ही 'इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो २०२६' भी चल रहा है, जहां दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने लेटेस्ट AI टूल्स, रोबोटिक्स, हेल्थकेयर AI, एग्री-टेक और एजुकेशन टूल्स प्रदर्शित कर रही हैं। आम लोग भी यहां आकर देख सकते हैं कि AI वास्तविक जीवन में कैसे काम करता है और भविष्य में खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा, ट्रांसपोर्ट जैसे क्षेत्रों में क्या बड़े बदलाव आने वाले हैं। 

समिट की थीम 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' है, जो भारत के राष्ट्रीय विजन से प्रेरित है। इसका मकसद AI के वैश्विक सिद्धांतों को मानवता के हित में इस्तेमाल करना है। इस समिट में ११० से ज्यादा देशों और ३० अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। लगभग २० देशों के राष्ट्राध्यक्ष और ४५ से ज्यादा मंत्री इस आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं।

 AI का भविष्य विवादों से परे** बिल गेट्स का पीछे हटना भले ही एपस्टीन फाइल्स से जुड़ा विवाद माना जा रहा हो, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि AI जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दे पर चर्चा के दौरान व्यक्तिगत छवि और विश्वसनीयता कितनी अहम हो जाती है। गेट्स फाउंडेशन ने सही कदम उठाते हुए फोकस को AI के सकारात्मक प्रभावों पर बनाए रखा।

 अंकुर वोरा जैसे अनुभवी लीडर के हाथों में फाउंडेशन का भारत और अफ्रीका कार्यक्रम मजबूत हैं। समिट अभी भी AI के भविष्य को लेकर उम्मीदों से भरी हुई है। दुनिया को ऐसे प्लेटफॉर्म्स की जरूरत है जहां टेक्नोलॉजी मानवता के हित में काम करे, न कि विवादों का शिकार बने।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 19th Feb 2026