अंकारा: तुर्की की ग्रैंड नेशनल असेंबली (TBMM) में 11 फरवरी 2026 को ऐसा हंगामा मचा कि संसद का माहौल युद्धक्षेत्र जैसा हो गया। सत्ताधारी AK पार्टी और मुख्य विपक्षी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (CHP) के सांसदों के बीच हाथापाई, मुक्केबाजी और लात-घूंसे चले। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दर्जनों सांसद एक-दूसरे पर टूट पड़े, कुर्सियां उछाली गईं और सदन में अफरा-तफरी मच गई। यह सब हुआ नए न्याय मंत्री अकिन गुरलेक (Akın Gürlek) की शपथ ग्रहण समारोह के दौरान, जब विपक्ष ने उन्हें शपथ लेने से रोकने की कोशिश की।
क्या था पूरा विवाद?
राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन ने कैबिनेट में फेरबदल करते हुए इस्तांबुल के पूर्व मुख्य अभियोजक (चीफ प्रॉसिक्यूटर) अकिन गुरलेक को न्याय मंत्री बनाया। साथ ही एरज़ुरुम के गवर्नर मुस्तफा चिफ्तची को आंतरिक मंत्री नियुक्त किया गया। यह बदलाव 2023 के चुनावों के बाद पहली बड़ी कैबिनेट शफल थी। लेकिन गुरलेक की नियुक्ति पर विवाद छिड़ गया क्योंकि विपक्ष उन्हें "राजनीतिक बदले की भावना" से काम करने वाला मानता है।
गुरलेक ने इस्तांबुल के मुख्य अभियोजक के रूप में CHP के कई नेताओं के खिलाफ हाई-प्रोफाइल ट्रायल चलाए थे। इनमें इस्तांबुल के मेयर एकरेम इमामोग्लू (Ekrem İmamoğlu) की गिरफ्तारी भी शामिल है, जो एर्दोगन के सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं। इमामोग्लू की गिरफ्तारी ने पिछले साल देशव्यापी विरोध प्रदर्शन भड़काए थे। विपक्ष का आरोप है कि ये ट्रायल राजनीतिक रूप से प्रेरित थे और न्यायपालिका को सत्ताधारी पार्टी के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया। अब उसी गुरलेक को न्याय मंत्री बनाना विपक्ष के लिए "अपमान" जैसा था।
CHP सांसदों ने सदन में कुरसी (पोडियम) पर कब्जा कर लिया और गुरलेक को शपथ लेने से रोकने की कोशिश की। CHP ग्रुप डिप्टी चेयरमैन मुरात एमिर ने कहा कि गुरलेक की नियुक्ति संविधान के खिलाफ है क्योंकि एक अभियोजक को सीधे राजनीतिक पद पर नहीं लाया जा सकता। तनाव बढ़ते ही AK पार्टी के सांसदों ने गुरलेक को घेरकर सुरक्षा दी। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई, जो जल्द ही मुक्कों और लातों में बदल गई। CHP सांसद महमूत तनाल (Mahmut Tanal) के नाक से खून बहने की खबर आई। सदन की कार्यवाही बीच में स्थगित करनी पड़ी।
बाद में AK पार्टी के सांसदों ने गुरलेक को "मानव दीवार" बनाकर कुरसी तक पहुंचाया और उन्होंने शपथ ली। मुस्तफा चिफ्तची ने भी इसी तरह शपथ पूरी की। गुरलेक ने बाद में कहा, "हम न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जजों, अकादमिक जगत, बार एसोसिएशन और नागरिक समाज के साथ मिलकर काम करेंगे।"
यह घटना तुर्की की राजनीति में गहरी खाई को उजागर करती है। एर्दोगन सरकार पर आरोप लगता रहा है कि वह न्यायपालिका को नियंत्रित कर विपक्ष को दबा रही है। पिछले साल CHP नियंत्रित नगर पालिकाओं में सैकड़ों अधिकारियों की भ्रष्टाचार जांच में गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें इमामोग्लू भी शामिल थे। सरकार का दावा है कि न्यायपालिका स्वतंत्र है और ये कार्रवाई कानूनी हैं।
इस बदलाव का समय भी संदिग्ध है। तुर्की PKK (कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी) के साथ शांति वार्ता की दिशा में बढ़ रहा है और संवैधानिक सुधारों पर चर्चा चल रही है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि गुरलेक जैसा सख्त रुख रखने वाला मंत्री न्याय व्यवस्था में "कड़े कदम" उठाने के लिए लाया गया है।
विपक्षी नेता ओजगुर ओजेल ने कहा, "यह नियुक्ति लोकतंत्र पर हमला है। हम सत्ता की ओर बढ़ रहे हैं और कोई नहीं रोक सकता।" दुनिया भर में इस घटना ने सुर्खियां बटोरीं। AP, Reuters, Euronews जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे "तुर्की संसद में मुक्केबाजी" के रूप में रिपोर्ट किया।
तुर्की की राजनीति में यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन सांसदों के बीच इतनी हिंसा दुर्लभ है। यह दिखाता है कि एर्दोगन और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि यह हंगामा राजनीतिक संकट में बदलता है या नहीं। लेकिन एक बात साफ है – तुर्की की संसद अब सिर्फ बहस का नहीं, बल्कि हाथापाई का मैदान बन गई है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday world 13th Feb 2026