-Friday world 14th Feb 2026
भारत की रक्षा क्षमता में एक बार फिर से बड़ा उछाल! राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के ठीक बाद, डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने गुरुवार को एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रूस से 288 अतिरिक्त S-400 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी गई, जिसकी अनुमानित लागत ₹10,000 करोड़ है। यह डील भारत की वायु रक्षा को अभेद्य किले में बदल देगी और पड़ोसी दुश्मन देशों के लिए बड़ा खतरा साबित होगी।
यह खरीद फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत हो रही है, जिसमें 120 शॉर्ट-रेंज और 168 लॉन्ग-रेंज मिसाइलें शामिल हैं। ये मिसाइलें पिछले साल मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल हुई S-400 सिस्टम की स्टॉक को रीप्लेनिश करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार की जा रही हैं।
ऑपरेशन सिंदूर: S-400 का कमाल, पाकिस्तान को झुकना पड़ा मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल अटैक की कोशिश की। लेकिन भारत की S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम ने कमाल दिखाया। इसने 300 किमी से ज्यादा दूरी पर पाकिस्तानी फाइटर जेट्स, AWACS (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) और ड्रोन को नेस्तनाबूद कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, S-400 ने 314 किमी दूर पाकिस्तान के एयरबेस पर सटीक प्रहार किया, जिससे पाकिस्तान को अपने विमानों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना पड़ा। इस ऑपरेशन में S-400 ने 5-6 पाकिस्तानी फाइटर जेट्स और एक स्पाई प्लेन को मार गिराया, जिससे पूरी दुनिया में भारत की वायु रक्षा की ताकत की चर्चा हुई।
यह सफलता देखकर भारतीय सेना का आत्मविश्वास चरम पर पहुंच गया। अब DAC की मंजूरी से S-400 की स्टॉक बढ़ने से भारत की एयर डिफेंस लेयर और मजबूत हो जाएगी। भारतीय वायु सेना 5 और S-400 स्क्वाड्रन और पैंटसिर (Pantsir) शॉर्ट-रेंज सिस्टम की खरीद पर विचार कर रही है। अगर ये डील्स पूरी हुईं, तो भारत के पास कुल 10 S-400 स्क्वाड्रन हो जाएंगे, जो किसी भी ड्रोन, क्रूज मिसाइल या बैलिस्टिक मिसाइल अटैक को आसानी से नाकाम कर देंगे।
कुल ₹3.60 लाख करोड़ के डिफेंस प्रपोजल्स को हरी झंडी
यह S-400 डील अकेली नहीं है। DAC ने कुल ₹3.60 लाख करोड़ के डिफेंस प्रपोजल्स को मंजूरी दी है। इसमें शामिल हैं:
- फ्रांस से 114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर जेट्स
– जो पहले से ही ऑपरेशन सिंदूर में SCALP क्रूज मिसाइलों के साथ कमाल दिखा चुके हैं। ये भारत की एयर सुपीरियरिटी और डीप स्ट्राइक कैपेबिलिटी को बढ़ाएंगे।
- अमेरिका से 6 P-8I मारिटाइम रिकॉनिसेंस एयरक्राफ्ट– लगभग ₹30,000 करोड़ में, जो समुद्री निगरानी और एंटी-सबमरीन वारफेयर में मजबूती देंगे।
ये सभी फैसले मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़े कदम हैं, क्योंकि ज्यादातर उत्पादन भारत में होगा।
दुश्मन देशों के लिए बड़ा संदेश राफेल के बाद अब S-400 मिसाइलों की यह मेगा डील भारत की रक्षा नीति की मजबूती दिखाती है। ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की सफलता ने साबित कर दिया कि भारत अब किसी भी हवाई खतरे से डरने वाला नहीं है। पड़ोसी देशों, खासकर पाकिस्तान और चीन के लिए यह चेतावनी है कि भारत की सीमाएं अब अभेद्य हो चुकी हैं।
यह डील रूस के साथ भारत की पुरानी रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करती है, भले ही वैश्विक दबाव हो। भविष्य में भारत की वायु रक्षा दुनिया की सबसे मजबूत में शुमार होगी।
देश की सुरक्षा के लिए ऐसे फैसले गर्व का विषय हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday world 14th Feb 2026