-Friday World – 26 February 2026
बीजिंग-तेहरान: मध्य पूर्व में युद्ध की आहट तेज होने के बीच ईरान ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने साफ कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ईरान पर हमला करती है, तो यह अमेरिका के लिए बेहद खतरनाक जुआ साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ने अपनी रक्षा की पूरी योजना तैयार कर ली है, लेकिन बातचीत के दरवाजे अभी भी खुले हैं।
दूसरी ओर ईरान अपनी सैन्य क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते युद्ध के खतरे के बीच ईरान ने समुद्री हमलों की ताकत बढ़ाने का फैसला किया है और इसमें **चीन** उसका पूरा साथ दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, चीन ईरान को अपनी उन्नत **सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल CM-302** की आपूर्ति करने वाला है। यह मिसाइल 290 किलोमीटर से अधिक दूरी से दुश्मन के युद्धपोतों को सटीक निशाना बना सकती है और समुद्र में ही उन्हें डुबो सकती है।
CM-302 मिसाइल की खासियतें
- सुपरसोनिक स्पीड: मैक 3 से अधिक (ध्वनि की गति से तीन गुना तेज)
- रेंज: 290+ किलोमीटर
- गाइडेंस सिस्टम: उन्नत रडार और इन्फ्रारेड होमिंग
- वारहेड: भारी विस्फोटक, जहाजों को एक ही प्रहार में डुबोने में सक्षम
- लॉन्च प्लेटफॉर्म: जहाज, पनडुब्बी और तटीय बैटरी से लॉन्च हो सकती है
यह मिसाइल अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोतों और विध्वंसकों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। अगर ईरान को यह मिसाइल मिल जाती है, तो फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की नौसेना की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ेगा।
अमेरिका और सहयोगियों की बढ़ती चिंता यह संभावित सौदा अमेरिका, इजराइल और खाड़ी देशों के लिए बड़ी चुनौती है। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि CM-302 जैसी मिसाइलें ईरान की समुद्री रक्षा को कई गुना मजबूत कर देंगी। अमेरिकी नौसेना के लिए यह एक "गेम चेंजर" साबित हो सकती है। पेंटागन और व्हाइट हाउस में इस खबर से हड़कंप मचा हुआ है।
जिनेवा में निर्णायक बातचीत 26 फरवरी और गुरुवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच अहम वार्ता होने वाली है। ईरान ने कहा है कि वह पूरी ईमानदारी से इन वार्ताओं में शामिल होगा और जल्द से जल्द समझौते पर पहुंचना चाहता है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लीविट ने भी संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप का पहला विकल्प हमेशा कूटनीतिक रास्ता ही रहेगा। लेकिन अगर जरूरी हुआ तो सैन्य विकल्प भी खुला रहेगा।
मध्य पूर्व में बदलते समीकरण
- ईरान-चीन की नजदीकी बढ़ रही है
- रूस पहले से ही ईरान को ड्रोन और मिसाइल तकनीक दे रहा है
- अमेरिका और इजराइल के बीच भी तालमेल बढ़ रहा है
- सऊदी अरब और UAE जैसे देशों की नजर इस डील पर टिकी है
यह डील अगर पूरी हुई तो मध्य पूर्व के रक्षा समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की ताकत पर सवाल उठ सकते हैं और क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। पूरी दुनिया की नजर अब जिनेवा की इन वार्ताओं पर है कि क्या कूटनीति जीतेगी या युद्ध का खतरा और करीब आएगा?
ईरान की नई ताकत: चीन से सुपरसोनिक मिसाइल, अमेरिका के लिए बड़ा खतरा!🚀🌊
Sajjadali Nayani ✍
Friday World – 26 February 2026