-Friday World March 15,2026
मध्य पूर्व में छिड़े इस बड़े संघर्ष के बीच ईरान की आवाज़ बुलंद है।
फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुए अमेरिका और इज़राइल के बड़े हमलों ने ईरान को गहरे सदमे में डाला, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। लेकिन राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने हाल ही में एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक भावुक और दृढ़ संदेश जारी कर ईरानी जनता को आश्वासन दिया है कि देश इन कठिन परिस्थितियों से पार पा लेगा। उन्होंने कहा, "ईरान के सम्मानित लोगों, आपके सहयोग से हम इन परिस्थितियों से पार पा लेंगे और उनके द्वारा नष्ट की गई हर चीज का पहले से बेहतर पुनर्निर्माण करेंगे।"
यह संदेश ऐसे समय आया है जब युद्ध 15 दिनों से अधिक समय से जारी है। फरवरी 28, 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के सैन्य, परमाणु और नेतृत्व संबंधी लक्ष्यों पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसमें सुप्रीम लीडर खामेनेई सहित कई उच्च अधिकारी मारे गए। ईरान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन हमलों से क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों, इज़राइल और खाड़ी देशों को निशाना बनाया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। होर्मुज जलडमरूमध्य – दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण गलियारा – अब लगभग बंद हो चुका है, जहां जहाजों की आवाजाही रुक गई है और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अपने संदेश में सरकारी सेवाओं की निरंतरता पर जोर दिया। परिवहन, संचार और अन्य बुनियादी ढांचे में भारी व्यवधान के बावजूद, सरकारी कर्मचारियों और जनता के अथक प्रयासों से कोई बड़ी रुकावट नहीं आई। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की सेवा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया। यह बयान ईरानी नेतृत्व की एकजुटता और जनता के प्रति जवाबदेही को दर्शाता है, खासकर जब देश युद्ध की मार झेल रहा है।
युद्ध की शुरुआत और इसके दूरगामी प्रभाव यह संघर्ष फरवरी 28, 2026 को शुरू हुआ, जब अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला बोला। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसने ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को हिला दिया। जल्द ही ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया। नए सुप्रीम लीडर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दबाव का साधन बनाए रखने की बात कही है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य "दुश्मनों और उनके सहयोगियों के टैंकरों और जहाजों" के लिए बंद है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमला हुआ तो तेहरान क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों या उनकी हिस्सेदारी वाली सुविधाओं पर जवाबी कार्रवाई करेगा। हालांकि, ईरान ने आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना बनाने से परहेज करने का वादा किया है, जो युद्ध में मानवीय पहलू को बनाए रखने की कोशिश दिखाता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत प्रभावित हुआ है। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे दुनिया भर में ईंधन, परिवहन और विनिर्माण क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। जहाजों की आवाजाही रुकने से आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है, और कई देश ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं। ईरान का दावा है कि यह बंदिश केवल अमेरिकी और इज़राइली जहाजों पर लागू है, लेकिन वास्तव में हजारों जहाज फंसे हुए हैं।
शांति की राह और ईरान की मांगें राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने शांति के प्रति प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन युद्ध समाप्त करने के लिए स्पष्ट शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध तभी खत्म होगा जब ईरान के "वैध अधिकारों" को मान्यता दी जाए, मुआवजा (रेपरेशंस) दिया जाए और भविष्य के हमलों के खिलाफ मजबूत अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले। रूस और पाकिस्तान जैसे देशों के नेताओं से बातचीत में उन्होंने क्षेत्रीय शांति की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह संदेश ईरान की ओर से डी-एस्केलेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, हालांकि युद्ध अभी भी जारी है। राष्ट्रपति ने जनता से एकजुट रहने की अपील की और वादा किया कि नष्ट हुई हर इमारत, हर सड़क और हर सेवा को पहले से मजबूत और बेहतर बनाकर लौटाया जाएगा।
ईरान की दृढ़ता और भविष्य इस युद्ध ने ईरान को आर्थिक, सैन्य और मानवीय चुनौतियों से जूझने पर मजबूर किया है, लेकिन नेतृत्व की यह आवाज़ दिखाती है कि देश हार नहीं मानेगा। जनता के सहयोग से ईरान न केवल बचाव करेगा, बल्कि मजबूत होकर उभरेगा। वैश्विक समुदाय अब इस संकट के समाधान की ओर देख रहा है, जहां बातचीत और कूटनीति ही स्थायी शांति की कुंजी हो सकती है।
ईरान का यह संघर्ष न केवल क्षेत्रीय, बल्कि वैश्विक स्थिरता का परीक्षण है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन का संदेश आशा की किरण है – कि तबाही के बाद भी पुनर्निर्माण संभव है, और एक बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World March 15,2026