-Friday World March 13,2026
अमेरिका-इजरायल के ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बीच एक बड़ी घटना ने सुर्खियां बटोरी हैं। 12 मार्च 2026 को पश्चिमी इराक के ऊपर अमेरिकी वायुसेना का एक Boeing KC-135 Stratotanker रिफ्यूलिंग विमान क्रैश हो गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है, लेकिन घटना के कारणों पर विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं। यह विमान हवा में लड़ाकू जेट्स और बॉम्बर्स को ईंधन भरने वाला महत्वपूर्ण टैंकर है, जो लंबी दूरी के मिशनों के लिए अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ माना जाता है। इस क्रैश से अमेरिकी ऑपरेशन पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर जब ईरान समर्थित ग्रुप्स ने इसे अपना हमला बताया है।
घटना का क्रम और क्या हुआ? CENTCOM के बयान के अनुसार, यह घटना 'फ्रेंडली एयरस्पेस' (दोस्ताना हवाई क्षेत्र) में हुई, जहां दो KC-135 विमान शामिल थे। एक विमान पश्चिमी इराक में क्रैश हो गया, जबकि दूसरा सुरक्षित उतर गया। कुछ रिपोर्ट्स में दूसरे विमान के टेल फिन (ऊर्ध्वाधर स्थिरक) के बड़े हिस्से के क्षतिग्रस्त होने की बात है, जो इजरायल के तेल अवीव में लैंडिंग के दौरान दिखाई दी। इससे मिड-एयर कोलिजन (हवा में टकराव) की सबसे मजबूत आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि क्रैश "न तो दुश्मन की फायरिंग से हुआ और न ही फ्रेंडली फायर (अपने ही बलों की गोलीबारी) से"। राहत और बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन क्रैश साइट की सटीक लोकेशन (इराक-जॉर्डन बॉर्डर के निकट होने की बात) और समय अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
क्रू मेंबर और हताहतों की स्थिति विमान में क्रू की संख्या पर रिपोर्ट्स अलग-अलग हैं:
- कुछ स्रोतों (जैसे AP और PBS) के अनुसार, क्रैश हुए विमान में कम से कम 5 क्रू मेंबर थे।
- अन्य रिपोर्ट्स में 3 या 6 क्रू मेंबर का जिक्र है।
- अभी तक किसी की मौत या बचाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन KC-135 में पैराशूट या ईजेक्शन सीट्स नहीं होतीं (2008 से पैराशूट हटा दिए गए हैं), जिससे इमरजेंसी में बचाव मुश्किल हो जाता है। क्रू केवल फ्लोर हैच से निकल सकता है, वो भी अगर विमान सीधा और लेवल हो।
जिम्मेदारी के दावे: विरोधाभास की पराकाष्ठा ईरान समर्थित 'इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक' (Iraq में कई मिलिशिया ग्रुप्स का छाता संगठन) ने क्रैश की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने "उचित हथियार" से अमेरिकी KC-135 को मार गिराया, इराकी संप्रभुता की रक्षा में। ईरानी राज्य मीडिया (Press TV) और IRGC के बयानों में भी इसे मिसाइल अटैक बताया गया, जिसमें चालक दल के मारे जाने का दावा किया गया।
लेकिन CENTCOM ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे "हॉस्टाइल फायर" नहीं माना और इसे एक "दुर्घटना" बताया। यह विरोधाभास युद्ध के प्रचार युद्ध का हिस्सा लगता है, जहां दोनों पक्ष अपनी जीत दिखाना चाहते हैं।
KC-135 Stratotanker: युद्ध का 'अदृश्य हीरो' KC-135 Stratotanker 1950 के दशक से अमेरिकी वायुसेना का मुख्य रिफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म है। यह Boeing 707 के आधार पर बना है और हवा में ईंधन ट्रांसफर कर लड़ाकू विमानों को हजारों किलोमीटर अतिरिक्त रेंज देता है। ईरान जैसे दूरस्थ लक्ष्यों पर हमलों के लिए ऐसे टैंकर बिना इनके ऑपरेशन असंभव हैं।
इस क्रैश से अमेरिकी वायुसेना को न सिर्फ एक विमान का नुकसान हुआ है, बल्कि ऑपरेशन की लॉजिस्टिक्स पर भी असर पड़ सकता है। KC-135 फ्लीट पुराना है, लेकिन अभी भी महत्वपूर्ण है।
व्यापक संदर्भ: ईरान युद्ध का नया मोड़ यह घटना अमेरिका-इजरायल के ईरान के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का हिस्सा है। हाल के दिनों में क्षेत्र में कई घटनाएं हुई हैं, जैसे अमेरिकी जहाजों पर हमले, ईरानी जहाजों पर फायरिंग और हूती/हिजबुल्लाह की गतिविधियां। यह क्रैश अमेरिकी नुकसान की बढ़ती सूची में चौथा बड़ा प्लेन हो सकता है।
ट्रंप प्रशासन ने ईरान युद्ध को "बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा" बताया है, लेकिन ऐसे हादसे राजनीतिक और सैन्य दबाव बढ़ा सकते हैं।
जांच और आगे क्या? अभी जांच जारी है। मिड-एयर कोलिजन सबसे संभावित कारण लगता है, लेकिन ईरान समर्थित ग्रुप्स के दावे प्रोपगैंडा का हिस्सा भी हो सकते हैं। क्रू की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता है। जैसे-जैसे नई जानकारी आएगी, स्थिति स्पष्ट होगी।
यह घटना याद दिलाती है कि युद्ध में तकनीकी हादसे भी उतने ही खतरनाक हो सकते हैं जितने दुश्मन के हमले। मध्य पूर्व का तनाव और गहरा रहा है, और ऐसे हादसे स्थिति को और जटिल बना सकते हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World March 13,2026