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Saturday, 4 April 2026

ट्रंप ने मांगा 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 139.5 लाख करोड़ रुपये) का रक्षा बजट! अमेरिकी विपक्ष ने ठुकराया, कहा — 'मोरली बैंकrupt' और 'अमेरिका लास्ट'

ट्रंप ने मांगा 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 139.5 लाख करोड़ रुपये) का रक्षा बजट! अमेरिकी विपक्ष ने ठुकराया, कहा — 'मोरली बैंकrupt' और 'अमेरिका लास्ट'-Friday World — 4 अप्रैल, 2026
वॉशिंगटन — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2027 वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 139.5 लाख करोड़ रुपये) का ऐतिहासिक रक्षा बजट प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा खर्च है, जो पिछले साल के बजट से करीब 40-44% अधिक है। लेकिन डेमोक्रेटिक विपक्ष ने इसे तुरंत खारिज कर दिया और इसे “morally bankrupt” (नैतिक रूप से दिवालिया) तथा “America Last” बताया। 

ट्रंप प्रशासन ने 3 अप्रैल 2026 को जारी अपने बजट ब्लूप्रिंट में पेंटागन के लिए 1.1 ट्रिलियन डॉलर का बेस बजट और अतिरिक्त 350 बिलियन डॉलर reconciliation प्रक्रिया के माध्यम से मांगा है। कुल मिलाकर यह 1.5 ट्रिलियन डॉलर का प्रस्ताव है, जिसमें “Golden Dome” मिसाइल डिफेंस सिस्टम, नए युद्धपोतों का निर्माण, गोला-बारूद बढ़ाना और सैनिकों के लिए 5-7% वेतन वृद्धि शामिल है। 

ट्रंप का दावा: “सबसे मजबूत सेना बनाने के लिए जरूरी” ट्रंप ने इसे “ऐतिहासिक” और “देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक” बताया। प्रशासन का कहना है कि बढ़ते वैश्विक खतरे — खासकर ईरान के साथ चल रहे संघर्ष — को देखते हुए यह खर्च अनिवार्य है। प्रस्ताव में नौसेना को मजबूत करने, मिसाइल डिफेंस को अपग्रेड करने और सैन्य भर्ती-प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। 

लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह प्रस्ताव घरेलू जरूरतों की अनदेखी करते हुए सिर्फ सैन्य खर्च पर केंद्रित है। बजट में गैर-रक्षा क्षेत्रों (non-defense discretionary spending) में 10% की कटौती का प्रस्ताव है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, आवास और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। 

 डेमोक्रेट्स का तीखा विरोध: “यह बजट नैतिक रूप से दिवालिया है” डेमोक्रेटिक नेताओं ने प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया दी: - सीनेट अप्रोप्रिएशंस कमिटी की टॉप डेमोक्रेट पैटी मरे ने कहा, “ट्रंप का यह बजट ‘morally bankrupt’ है। वे विदेशी युद्धों के लिए पैसे बढ़ाना चाहते हैं जबकि घर में स्वास्थ्य अनुसंधान और किफायती आवास पर कटौती कर रहे हैं।” 

- सीनेट अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह बजट कभी पास न हो।” 

- हाउस अप्रोप्रिएशंस डिफेंस सबकमिटी की रैंकिंग मेंबर बेट्टी मैककॉलम ने इसे “outrageous and unacceptable” बताया और कहा कि पेंटागन को फंडिंग की समस्या नहीं, बल्कि खर्च के कुशल प्रबंधन की समस्या है। 

- हाउस बजट कमिटी के टॉप डेमोक्रेट ब्रेंडन बॉयल ने इसे “America Last” बजट करार दिया। 

डेमोक्रेट्स का तर्क है कि इतना विशाल रक्षा खर्च बिना सख्त जवाबदेही के “blank check” जैसा है, जबकि देश में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी जरूरतें उपेक्षित हो रही हैं। 

 बजट का वास्तविक मतलब और चुनौतियां यह बजट प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, लेकिन कांग्रेस में लंबी बहस का आधार बनेगा। ट्रंप प्रशासन 1.1 ट्रिलियन डॉलर को सामान्य अप्रोप्रिएशन प्रक्रिया से और 350 बिलियन डॉलर को reconciliation (साधारण बहुमत से पास होने वाली प्रक्रिया) से पास कराना चाहता है। 

विशेषज्ञों का कहना है कि: 

- यह प्रस्ताव अमेरिका को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे उच्च स्तर के रक्षा खर्च पर ले जाएगा। 

- घरेलू कार्यक्रमों पर कटौती से स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र प्रभावित होंगे। 

- बढ़ते घाटे और कर्ज को देखते हुए यह बजट कांग्रेस में तीखी बहस पैदा करेगा। 

ट्रंप प्रशासन ईरान संघर्ष और अन्य वैश्विक चुनौतियों का हवाला देकर इस खर्च को जस्टिफाई कर रहा है, लेकिन विपक्ष इसे “युद्धोन्माद” और “घरेलू उपेक्षा” बता रहा है। 

क्या है आगे का रास्ता? बजट पर कांग्रेस में लंबी negotiations होंगी। रिपब्लिकन पार्टी के पास reconciliation प्रक्रिया का हथियार है, लेकिन पूर्ण बजट पास करने के लिए डेमोक्रेट्स का सहयोग भी जरूरी हो सकता है। कई रिपब्लिकन सदस्य भी इतने बड़े खर्च पर सवाल उठा रहे हैं, खासकर जब देश पहले से ही भारी कर्ज में है। 

यह प्रस्ताव ट्रंप की “America First” और “मजबूत सेना” वाली छवि को मजबूत करने की कोशिश है, लेकिन आलोचक इसे “America Last” बता रहे हैं क्योंकि इसमें आम अमेरिकी नागरिकों की जरूरतों को नजरअंदाज किया गया है।

सुरक्षा बनाम विकास का संतुलन 1.5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट प्रस्ताव अमेरिका की प्राथमिकताओं पर गहरी बहस छेड़ रहा है। क्या देश की सुरक्षा के नाम पर घरेलू विकास को बलि चढ़ाया जा सकता है? या सुरक्षा और विकास दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए? 

डेमोक्रेट्स का स्पष्ट संदेश है — “हम इस नैतिक रूप से दिवालिया बजट को कचरे में फेंक देंगे।” अब देखना होगा कि कांग्रेस इस प्रस्ताव को किस रूप में आकार देती है। 

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अमेरिकी राजनीति में रक्षा खर्च हमेशा से विवादास्पद रहा है। ट्रंप की महत्वाकांक्षा और विपक्ष का प्रतिरोध दोनों ही देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन अंतिम फैसला आम अमेरिकी नागरिकों की भलाई और वैश्विक स्थिरता दोनों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। 

दादागीरी नहीं, संतुलन और समझदारी से ही देश मजबूत होता है।

Sajjadali Nayani ✍
Friday World — 4 अप्रैल, 2026