-Friday World-April 4,2026
मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बावजूद भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। 4 अप्रैल 2026 को भारतीय झंडे वाला LPG टैंकर 'ग्रीन सानवी' लगभग 46,650 टन तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर गया है और अब मुंबई की ओर बढ़ रहा है। यह युद्ध शुरू होने के बाद सातवां भारतीय LPG जहाज है जो इस संकटपूर्ण जलमार्ग से सफलतापूर्वक गुजरा है।
यह घटना देश में रसोई गैस की बढ़ती मांग और संभावित कमी के बीच महत्वपूर्ण साबित हो रही है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि घरेलू स्तर पर LPG की कोई कमी नहीं है और नागरिकों को घबराकर स्टॉक करने की जरूरत नहीं है।
'ग्रीन सानवी' का सुरक्षित सफर
भारतीय बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, 'ग्रीन सानवी' नामक यह बहुत बड़ा गैस वाहक (VLGC) जहाज 3 अप्रैल की रात होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गया। जहाज पर लगभग 46,650 मीट्रिक टन LPG लदा है, जो मुख्य रूप से भारत की रसोई गैस की जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात किया गया है।
यह जहाज मुंबई पहुंचने की उम्मीद है और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) इसके खरीदार के रूप में सूचीबद्ध है। इस सफल ट्रांजिट से देश की LPG आपूर्ति में स्थिरता बनी रहेगी, खासकर तब जब होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस चोकपॉइंट माना जाता है।
होर्मुज में फंसे सैकड़ों जहाज
वर्तमान संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट में विभिन्न देशों के लगभग **300 जहाज** फंसे हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा चीन के जहाज हैं (60-70 के आसपास)। भारत के भी कई जहाज इस क्षेत्र में अटके हुए हैं, हालांकि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि उन्हें सुरक्षित निकाला जाए।
अभी तक होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय LPG जहाजों से देश को 2.79 लाख टन से ज्यादा LPG प्राप्त हो चुका है। यह मात्रा लगभग तीन दिनों की पूरे देश की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। हाल ही में तीन ओमानी टैंकरों के सुरक्षित गुजरने के बाद उम्मीद जगी है कि अन्य फंसे भारतीय जहाजों को भी इसी रास्ते से बाहर निकाला जा सकेगा।
ईरान ने कुछ मित्र देशों (भारत सहित) को अपने जहाजों को इस क्षेत्र से गुजरने की अनुमति दी है, जिससे आपूर्ति का सिलसिला जारी रखना संभव हो पाया है।
भारत की LPG निर्भरता: आंकड़ों में समझें
भारत अपनी कुल LPG जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा करता है। पिछले वित्तीय वर्ष में देश में 33.15 मिलियन टन LPG की खपत हुई थी। इन आयातों में से करीब 90 प्रतिशत पश्चिम एशिया (मुख्यतः खाड़ी देशों) से आता है। होर्मुज स्ट्रेट इन आयातों का मुख्य रास्ता है।
युद्ध शुरू होने के बाद मार्च 2026 में LPG आयात में भारी कमी देखी गई – करीब 46 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सरकार अब अमेरिका, रूस, नॉर्वे और कनाडा जैसे वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ा रही है। फिर भी, खाड़ी क्षेत्र अभी भी मुख्य आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।
सरकार की तैयारियां और आश्वासन
बंदरगाह, शिपिंग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय लगातार समन्वय में काम कर रहे हैं। भारतीय मिशनों और क्षेत्रीय हितधारकों के साथ संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी और पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी निरंतर संपर्क है। सरकार ने साफ कहा है:
“देश में गैस या ईंधन की कोई कमी नहीं है। लोग घबराहट में अनावश्यक खरीदारी न करें।”
अभी तक 8 भारतीय जहाज होर्मुज से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं, जबकि कुछ और जहाज (जैसे ग्रीन आशा और जग विक्रम) भी जल्द ही निकलने की उम्मीद है। कुल 18-20 भारतीय झंडे वाले जहाज अभी भी पश्चिमी खाड़ी क्षेत्र में हैं, जिनमें LPG, क्रूड ऑयल और LNG वाले टैंकर शामिल हैं।
रसोई पर असर और भविष्य की चुनौतियां
LPG घरेलू स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण ईंधन है – करोड़ों भारतीय परिवार रोजाना इसमें निर्भर हैं। अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक प्रभावित रहा तो कीमतों पर दबाव पड़ सकता है, लेकिन सरकार ने स्टॉक बनाए रखने और वैकल्पिक रूट्स विकसित करने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट भारत के लिए सबक भी है – ऊर्जा आयात में विविधीकरण जरूरी है। अमेरिका से LPG आयात बढ़ाना और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना भविष्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।
संकट के बीच उम्मीद की किरण
'ग्रीन सानवी' का सुरक्षित ट्रांजिट मध्य पूर्व के तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक और लॉजिस्टिकल क्षमता को दर्शाता है। हालांकि चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन सरकार की सक्रियता और वैकल्पिक व्यवस्थाओं से रसोई में गैस की कमी नहीं होने वाली है।
भारतीय नागरिकों से अपील है कि वे सामान्य खपत बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। ऊर्जा सुरक्षा एक राष्ट्रीय मुद्दा है और इस संकट से उबरने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय जारी है।
होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि यह न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, 46,650 टन LPG की यह खेप देश के लिए राहत का संदेश लेकर आई है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-April 4,2026