-Friday World-April 2,2026
महाराष्ट्र के जालना जिले में समृद्धि एक्सप्रेसवे (नागपुर-मुंबई हाईवे) पर बुधवार को एक भयानक सड़क दुर्घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी महिला श्रमिकों से भरे टेम्पो को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में ८ महिलाओं की मौत हो गई, जबकि ३-४ अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घटना कदवांची गांव के पास हुई, जहां मजदूर महिलाएं दिन भर का काम पूरा करके घर लौटने की तैयारी कर रही थीं।
यह दुर्घटना न सिर्फ परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि महाराष्ट्र की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
हादसे का पूरा विवरण जालना जिले के कदवांची इलाके में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर काम कर रही महिला श्रमिकों का एक समूह काम समाप्त कर टेम्पो (पिकअप वाहन) में बैठकर घर जाने की तैयारी कर रहा था। कुल ११-१२ लोग टेम्पो में सवार थे, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। जैसे ही टेम्पो स्टार्ट होने वाला था, पीछे से तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने अचानक लेन बदलकर टेम्पो को पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि टेम्पो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस के अनुसार, ७ महिलाओं की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि एक अन्य महिला को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में या अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों को तुरंत जालना सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
जालना के एसपी अजय कुमार बंसल ने बताया कि ट्रक चालक ने लेन बदलने में लापरवाही बरती और अत्यधिक गति के कारण नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने तुरंत ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ आईपीसी की धारा २७९ (लापरवाही से वाहन चलाना), ३०४-ए (लापरवाही से मौत का कारण बनना) तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दुख और सहायता घोषणा इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट और आधिकारिक बयान में कहा कि यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। मृतक परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सीएम फडणवीस ने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के वारिस को **५ लाख रुपये की आर्थिक सहायता** दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी सरकार वहन करेगी।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और हादसे की जांच में कोई कोताही न बरती जाए।
सड़क सुरक्षा और समृद्धि एक्सप्रेसवे की चुनौतियां समृद्धि एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो मुंबई को नागपुर से जोड़ती है। यह हाईवे उच्च गति के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन तेज रफ्तार वाहनों और निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हाईवे पर निर्माण या रखरखाव कार्य के दौरान मजदूरों को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और अलग लेन की व्यवस्था होनी चाहिए। कई बार देखा गया है कि मजदूर सड़क किनारे या साइड लेन में खड़े होकर वाहनों का इंतजार करते हैं, जहां तेज रफ्तार ट्रक या बसें उन्हें खतरे में डाल देती हैं।
इस हादसे में ट्रक की बेकाबू गति और लेन बदलने की लापरवाही मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। परिवहन विभाग अब पूरे एक्सप्रेसवे पर स्पीड चेकिंग, कैमरा निगरानी और चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बढ़ाने की बात कर रहा है।
प्रभावित परिवारों की पीड़ा मृतक महिलाएं ज्यादातर गरीब परिवारों से थीं, जो रोजी-रोटी के लिए निर्माण कार्य पर आती थीं। उनके परिवार अब अकेले पड़ गए हैं। कई बच्चों की मां इस हादसे में खो गई हैं। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि हर दिन सैकड़ों मजदूर इस हाईवे पर काम करते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
घटना स्थल पर पहुंचे स्थानीय लोगों और राहत कार्यकर्ताओं ने बताया कि मलबे में दबे शवों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है।
सड़क दुर्घटनाओं पर बढ़ती चिंता महाराष्ट्र में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हर साल हजारों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। समृद्धि एक्सप्रेसवे जैसे नए हाईवे पर तेज गति के कारण दुर्घटनाएं और भी खतरनाक हो जाती हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर सवाल उठाया है:
- क्या हाईवे पर निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए अलग प्रोटोकॉल होना चाहिए?
- ट्रक और भारी वाहनों की गति पर सख्त लिमिट और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग क्यों नहीं?
- क्या ड्राइवरों को बेहतर ट्रेनिंग और फिटनेस चेक की जरूरत है?
आगे क्या? पुलिस ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम मौके पर सबूत जुटा रही है। ट्रक चालक से पूछताछ जारी है। यदि लापरवाही साबित हुई तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
महाराष्ट्र सरकार ने सभी जिलों में हाईवे पर मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करने की घोषणा की है। परिवहन मंत्री ने कहा कि स्पीड कैमरा, बैरिकेडिंग और साइनेज को और मजबूत किया जाएगा।
एक दर्दनाक याद जालना का यह हादसा सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि कई परिवारों के सपनों और जिंदगियों को चूर करने वाली त्रासदी है। काम करके घर लौट रही मांओं और बहनों का इस तरह जाना किसी भी समाज के लिए कलंक है।
इस घटना से सबक लेते हुए जरूरी है कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। तेज गति, लापरवाही और असुरक्षित व्यवस्था को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
मृतकों की आत्मा को शांति मिले और घायलों को जल्द स्वस्थ होने की कामना।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-April 2,2026