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Saturday, 4 April 2026

ईरान ने अमेरिकी F-15E के दूसरे क्रू सदस्य की गिरफ्तारी से इनकार किया: गवर्नर ने इसे 'दुश्मन की चाल' बताया,

ईरान ने अमेरिकी F-15E के दूसरे क्रू सदस्य की गिरफ्तारी से इनकार किया: गवर्नर ने इसे 'दुश्मन की चाल' बताया,'-Friday World-April 4,2026 
जबकि स्थानीय चैनलों ने 'ज़िंदा पकड़ो' का इनाम घोषित किया

तेहरान-वाशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नया विवादास्पद मोड़ आ गया है। अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान के ईरानी क्षेत्र में गिराए जाने के बाद, ईरान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत कोहगिलुयेह और बोयरअहमद में स्थिति अत्यंत संवेदनशील हो गई है। प्रांत के गवर्नर और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एक इकाई ने स्पष्ट रूप से इनकार किया है कि अमेरिकी विमान के दूसरे क्रू सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। 

इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हलचल मचा दी है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि एक क्रू सदस्य को सफलतापूर्वक बचाया जा चुका है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। वहीं ईरानी पक्ष इसे अपनी वायु रक्षा की जीत बता रहा है और नागरिकों को सक्रिय रूप से शामिल करने की अपील कर रहा है। 

 गवर्नर और IRGC का साफ इनकार ईरान के अर्द्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर न्यूज के अनुसार, कोहगिलुयेह और बोयरअहमद प्रांत के गवर्नर यादोल्लाह रहमानी ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी F-15E के दूसरे पायलट या क्रू सदस्य को गिरफ्तार करने की कोई खबर सही नहीं है। उन्होंने यह भी खारिज कर दिया कि पहले क्रू सदस्य को अमेरिकी बलों ने बचाया है। गवर्नर ने इसे "दुश्मन की रणनीति" और "प्रचार चाल" करार दिया।

 IRGC की क्षेत्रीय इकाई ने भी इसी बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि "विशेष हवाई बलों द्वारा दूसरे पायलट को गिरफ्तार करने" की खबरें गलत और बेबुनियाद हैं। यह इनकार ऐसे समय में आया है जब कुछ प्रारंभिक रिपोर्ट्स में गिरफ्तारी की अफवाहें फैल रही थीं, लेकिन अब आधिकारिक तौर पर उन्हें नकार दिया गया है। 

गवर्नर रहमानी ने जोर दिया कि प्राथमिकता "दुश्मन के क्रू को ज़िंदा पकड़ने" की है। उन्होंने किसी भी व्यक्ति को जो क्रू सदस्य को पकड़ने या मारने में सफल होता, "विशेष सराहना" देने की बात कही। यह बयान स्थानीय स्तर पर तनाव को और बढ़ा रहा है। 

स्थानीय चैनलों की अपील और इनाम की घोषणा दूसरी ओर, प्रांत से जुड़े सरकारी और स्थानीय टीवी चैनलों ने नागरिकों, खासकर عشायरों और स्थानीय युवाओं से सीधा आह्वान किया है। एक समाचार एंकर ने स्पष्ट रूप से कहा: 

 "प्रिय और सम्मानित कोहगिलुयेह और बोयरअहमद प्रांत के लोग, अगर आप दुश्मन के पायलट या पायलटों को ज़िंदा पकड़कर पुलिस या सैन्य बलों को सौंपते हैं, तो आपको मूल्यवान इनाम और मज़दूरी मिलेगी।" 

कुछ रिपोर्ट्स में इस इनाम की राशि लगभग १० अरब تومان (करीब ६०,००० से ६६,००० अमेरिकी डॉलर) बताई गई है। कुछ चैनलों ने शुरू में "जैसे ही देखें, निशाना बनाएं" जैसी बात कही, लेकिन बाद में पुलिस के बयान के बाद इसे "ज़िंदा सौंपने" पर केंद्रित कर दिया गया। 

स्थानीय बाजारों, खासकर सुनारों ने भी १० अरब تومان का इनाम देने की घोषणा की है। यह अपील क्षेत्र के पहाड़ी और जंगली इलाकों में तलाश को और तेज कर रही है, जहां विमान के मलबे के आसपास नागरिकों को सक्रिय रूप से घूमते देखा जा रहा है। 

 घटना का संदर्भ: F-15E का डाउनिंग और बचाव अभियान यह पूरा मामला ३ अप्रैल २०२६ को शुरू हुआ, जब ईरानी वायु रक्षा ने दावा किया कि अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया गया। विमान में दो क्रू सदस्य थे – पायलट और वीपन्स सिस्टम ऑफिसर (WSO)। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की कि एक क्रू सदस्य को विशेष बलों द्वारा सुरक्षित निकाला गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। 

ईरानी मीडिया ने विमान के मलबे की तस्वीरें जारी कीं, जिनमें पूंछ के निशान से यह अमेरिकी ४८वें फाइटर विंग (यूके स्थित) से संबंधित बताया गया। अमेरिका ने बचाव के लिए हेलीकॉप्टर, टैंकर विमान और अन्य संपत्तियां तैनात कीं, जिसके दौरान एक A-10 वारथॉग भी प्रभावित हुआ लेकिन उसके पायलट को भी बचा लिया गया।

 ईरानी पक्ष इसे अपनी रक्षा क्षमता की जीत बता रहा है, जबकि अमेरिकी पक्ष इसे युद्ध के दौरान अनिवार्य घटना मान रहा है। दोनों तरफ से प्रचार युद्ध भी तेज है – ईरान नागरिकों को शामिल कर रही है, तो अमेरिका अपनी तकनीकी श्रेष्ठता और बचाव कौशल पर जोर दे रहा है। 

 क्षेत्रीय तनाव और व्यापक प्रभाव यह घटना अमेरिका-ईरान (और अप्रत्यक्ष रूप से इजराइल) के बीच चल रहे संघर्ष का हिस्सा है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद घालिबाफ ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि अमेरिका की "रेजीम चेंज" की रणनीति अब "अपने पायलट ढूंढो" तक सिमट गई है। 

कोहगिलुयेह और बोयरअहमद प्रांत पहाड़ी, जंगली और आदिवासी क्षेत्रों से भरा है, जहां तलाश मुश्किल है। स्थानीय जनजातियां हथियारबंद हैं और उन्हें सक्रिय रूप से शामिल किया जा रहा है। अगर दूसरा क्रू सदस्य पकड़ा जाता है, तो यह ईरान के लिए बड़ा प्रचारात्मक लाभ होगा, जबकि अगर अमेरिका उसे बचाने में सफल होता है, तो उसकी सैन्य क्षमता की चर्चा बढ़ेगी। 

विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा को और जटिल बना रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण जलमार्गों पर तनाव पहले से ही ऊंचा है। दोनों पक्षों की ओर से सतर्कता बरती जा रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर नागरिकों को शामिल करने से अप्रत्याशित घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। 

 क्या कहते हैं विशेषज्ञ? सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि F-15E जैसे उन्नत विमान के क्रू को पकड़ना आसान नहीं होता। पायलटों को सर्वाइवल, एवेड और रेसिस्ट ट्रेनिंग दी जाती है। अमेरिकी बल तेजी से SAR (सर्च एंड रेस्क्यू) ऑपरेशन चलाते हैं, जैसा कि इस मामले में देखा गया। 

ईरान की ओर से इनाम घोषणा को प्रचार का हिस्सा माना जा रहा है, जो नागरिकों में "राष्ट्रीय गौरव" की भावना जगाने का प्रयास है। लेकिन आधिकारिक इनकार से साफ है कि फिलहाल कोई पुष्ट गिरफ्तारी नहीं हुई है। 

अनिश्चितता बरकरार अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अमेरिकी F-15E के दूसरे क्रू सदस्य की तलाश दोनों पक्षों द्वारा जोर-शोर से की जा रही है। ईरान ने गिरफ्तारी से इनकार कर दिया है, लेकिन नागरिकों को "ज़िंदा पकड़ो और इनाम लो" का आह्वान जारी रखा है। यह घटना न केवल सैन्य, बल्कि मनोवैज्ञानिक और प्रचार युद्ध का भी हिस्सा बन गई है। 

जैसे-जैसे नई जानकारी आएगी, स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल, क्षेत्र में शांति और संयम की अपील की जा रही है, क्योंकि छोटी-छोटी घटनाएं बड़े संघर्ष को जन्म दे सकती हैं।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World-April 4,2026