-Friday World-April 25,2026
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। 22 अप्रैल 2026 को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना ने लाइबेरिया के झंडे वाले ग्रीक-स्वामित्व वाले कंटेनर जहाज 'एमएससी एपामिनोंडास' (MSC Epaminondas) को जब्त कर लिया। IRGC का आरोप है कि यह जहाज अमेरिकी सेना के लिए गुप्त रसद (logistics) अभियानों में शामिल था और ईरानी तट के पास नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर अपनी मौजूदगी छिपाने की कोशिश कर रहा था।
यह घटना अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे नाजुक संघर्षविराम (ceasefire) के दौरान हुई है, जब अमेरिका हॉर्मुज क्षेत्र में ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड लागू कर रखा है। IRGC ने इस कार्रवाई को “छह महीने की गहन खुफिया निगरानी” का नतीजा बताया है।
घटना का विस्तृत विवरण
25 अप्रैल को IRGC ने औपचारिक घोषणा की कि जहाज 'एपामिनोंडास' पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। आरोपों के अनुसार:
- जहाज ने 2024 के अंत से 2026 की शुरुआत तक ग्यारह विभिन्न अमेरिकी बंदरगाहों पर छत्तीस बार डॉक किया।
- यह एक परिष्कृत रसद नेटवर्क का हिस्सा था, जिसके जरिए अमेरिकी सैन्य अभियानों को सप्लाई पहुंचाई जा रही थी।
- जहाज ने नेविगेशन सिस्टम (AIS) से छेड़छाड़ की और IRGC की कई चेतावनियों को नजरअंदाज किया।
- जब जहाज को रोका गया, तो IRGC के कमांडोज ने फायरिंग की और बोर्डिंग की।
IRGC ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें मास्क पहने सशस्त्र कमांडोज छोटी नावों से जहाज पर चढ़ते दिख रहे हैं। वीडियो में एपामिनोंडास और दूसरे जहाज MSC फ्रांसेस्का दोनों की जब्ती के दृश्य हैं।
जहाज का क्रू 21 सदस्यों का है, जिनमें यूक्रेनियन और फिलिपिनो शामिल हैं। ग्रीक कोस्ट गार्ड और जहाज मैनेजर टेक्नोमार शिपिंग ने शुरू में जब्ती से इनकार किया था और कहा था कि जहाज को गोलीबारी में नुकसान पहुंचा, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि जहाज ईरानी नियंत्रण में है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की ऊर्जा धमनी
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के तेल और गैस व्यापार का गला है। यहां से रोजाना लगभग **20% वैश्विक तेल और गैस** गुजरता है। ईरान इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण दर्शाने के लिए बार-बार जहाजों को रोकता रहा है, जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मानता है और अपनी नौसेना की मौजूदगी बढ़ा रखी है।
यह जब्ती हालिया घटनाओं की कड़ी है:
- अमेरिका ने एक ईरानी तेल टैंकर को जब्त किया था।
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई में दो जहाजों (एपामिनोंडास और MSC फ्रांसेस्का) को निशाना बनाया।
- ट्रंप प्रशासन ने संघर्षविराम बढ़ाया, लेकिन ब्लॉकेड जारी रखा।
ईरान का कहना है कि ये जहाज बिना अनुमति के गुजरने की कोशिश कर रहे थे और नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर सुरक्षा को खतरे में डाल रहे थे।
IRGC का आरोप: अमेरिकी सैन्य सहयोग का गुप्त नेटवर्क
IRGC ने दावा किया कि एपामिनोंडास सिर्फ एक व्यापारिक जहाज नहीं था। छह महीने की जांच में पता चला कि यह अमेरिकी सैन्य रसद का हिस्सा था। 36 बार अमेरिकी बंदरगाहों पर रुकना और MSC (मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी) से इसका संबंध इस आरोप को मजबूती देता है।
ईरानी मीडिया ने इसे “अमेरिकी और उसके सहयोगियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई” बताया। कुछ रिपोर्टों में जहाज को “इजरायल से जुड़ा” भी बताया गया, हालांकि मुख्य आरोप अमेरिकी लॉजिस्टिक्स सपोर्ट का है।
यह घटना पेंटागन के हालिया आंतरिक ईमेल (जिसमें नाटो सहयोगियों को दंडित करने की चर्चा थी) के संदर्भ में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां ईरान अभियानों में समर्थन की कमी पर नाराजगी जताई गई थी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
- ग्रीस: जहाज ग्रीक स्वामित्व का है। ग्रीक सरकार ने क्रू की सुरक्षा की चिंता जताई और ईरान से संपर्क किया।
- अमेरिका: अमेरिका ने इसे “खतरनाक escalation” बताया। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि ceasefire का उल्लंघन नहीं है, लेकिन ब्लॉकेड जारी रहेगा।
- यूके और यूरोपीय देश: चिंता जताई कि हॉर्मुज में व्यवधान से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
- ईरान: IRGC ने इसे “समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने” का कदम बताया।
क्रू सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन जहाज अब ईरानी बंदरगाह (संभवतः बंदर अब्बास) की ओर ले जाया जा रहा है।
व्यापक प्रभाव: तेल की कीमतें, वैश्विक व्यापार और युद्ध का खतरा
हॉर्मुज में कोई भी व्यवधान तुरंत तेल की कीमतों को प्रभावित करता है। इस घटना के बाद बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि:
- ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां हॉर्मुज से बचकर रूट बदल सकती हैं, जिससे लागत बढ़ेगी।
- अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ सकता है, खासकर जब ट्रंप प्रशासन “अमेरिका फर्स्ट” नीति के तहत सख्त रुख अपनाए हुए है।
यह घटना 2026 के हॉर्मुज संकट का हिस्सा है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे के जहाजों को निशाना बना रहे हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी ब्लॉकेड के जवाब में और कदम उठाए जा सकते हैं।
भविष्य की चुनौतियां
यह जब्ती सिर्फ एक जहाज की घटना नहीं है। यह बड़े भू-राजनीतिक खेल का हिस्सा है:
- ईरान अपनी क्षेत्रीय ताकत दिखाना चाहता है।
- अमेरिका हॉर्मुज को खुला रखने और अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।
- नाटो और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ता तनाव (जैसा कि पेंटागन ईमेल में दिखा) इस संकट को और जटिल बना रहा है।
विशेषज्ञ चेताते हैं कि अगर दोनों पक्ष संयम नहीं बरतते, तो छोटी घटनाएं बड़े संघर्ष में बदल सकती हैं।
निष्कर्ष: हॉर्मुज की अस्थिर शांति
'एपामिनोंडास' की जब्ती हॉर्मुज जलडमरूमध्य में शांति की नाजुकता को उजागर करती है। IRGC का आरोप चाहे जितना गंभीर हो, लेकिन इससे वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ रहा है।
दुनिया अब इस बात पर नजर रखे हुए है कि अमेरिका और ईरान इस तनाव को कैसे संभालते हैं। क्या डिप्लोमेसी काम करेगी, या हॉर्मुज फिर से युद्ध का मैदान बन जाएगा?
हॉर्मुज अब सिर्फ एक जलमार्ग नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का परीक्षण स्थल बन चुका है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-April 25,2026