-Friday World-24 May 2026
बीजिंग/शांक्सी: विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में एक बार फिर कोयला खदान की दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उत्तर चीन के शांक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी स्थित लियुशेनयु कोयला खदान में शुक्रवार देर रात एक भयानक गैस विस्फोट हुआ, जिसमें अब तक **82 मजदूरों की मौत** हो चुकी है और **9 मजदूर** अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। यह पिछले एक दशक की सबसे घातक खदान दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
247 मजदूर खदान के अंदर काम कर रहे थे, जब अचानक गैस का प्रचंड विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना तेज और विनाशकारी था कि अधिकांश मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका। हालांकि, राहत और बचाव टीमों के तेजी से काम करने से 200 से अधिक मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
हादसे की भयावहता
शांक्सी प्रांत चीन का कोयला उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां की खदानें देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करती हैं। लेकिन इन खदानों की गहराई, गैस की मात्रा और काम की तीव्रता अक्सर जानलेवा साबित होती रही है। लियुशेनयु खदान में हुए विस्फोट की खबर जैसे ही सामने आई, पूरे इलाके में मातम छा गया।
शुरुआती रिपोर्ट्स में केवल 8 मौतों की खबर थी, लेकिन जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ा, मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ती गई और आंकड़ा 82 तक पहुंच गया। लापता 9 मजदूरों की तलाश अभी भी जारी है। सैकड़ों बचावकर्मी, डॉग स्क्वॉड, विशेष उपकरण और एक्सपर्ट टीमें दिन-रात एक कर लगी हुई हैं।
शी जिनपिंग का सख्त रुख
इस दुर्घटना पर चीन के राष्ट्रपति **शी जिनपिंग** ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने उच्च स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
- घायलों का उत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाए
- लापता मजदूरों की तलाश में कोई कसर न छोड़ी जाए
- दुर्घटना के कारणों की गहन जांच हो
- दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए
प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी स्पष्ट कहा कि घटना की जानकारी समय पर और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचाई जाए तथा बेपरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही हो।
खदान संचालक कंपनी के कई उच्च अधिकारी पहले ही हिरासत में ले लिए गए हैं। चीन सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।
चीन में कोयला खदानों की सच्चाई
चीन दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है। उसकी ऊर्जा का लगभग 60% हिस्सा अभी भी कोयले पर निर्भर है। हाल के वर्षों में सरकार ने खदानों में सुरक्षा मानकों को कड़ा करने, छोटी खदानों को बंद करने और आधुनिक तकनीक लगाने पर जोर दिया है। 2000 के दशक की शुरुआत में जहां हर साल हजारों मजदूर खदान दुर्घटनाओं में मारे जाते थे, वहां अब संख्या काफी कम हुई है।
फिर भी, लियुशेनयु जैसी घटनाएं याद दिलाती हैं कि चुनौतियां अभी बाकी हैं। गैस विस्फोट, छत गिरना, पानी भर जाना और आग जैसी घटनाएं अभी भी होती रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई खदानों में पुरानी तकनीक, लाभ की होड़ और पर्याप्त प्रशिक्षण की कमी अभी भी बनी हुई है।
मानवीय पहलू
यह सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है। हर मौत के पीछे एक परिवार है। कई मजदूर ऐसे हैं जो दूर-दराज के गांवों से आकर अपनी रोजी-रोटी के लिए खदानों में काम करते हैं। इनमें युवा, मध्यम आयु वर्ग और कभी-कभी अनुभवी खनिक भी शामिल होते हैं।
एक मृतक के परिवार के सदस्य ने भावुक होकर कहा, “वह रोज सुबह घर से निकलता और कहता – आज अच्छा दिन होगा।” ऐसे कई परिवार अब इंतजार कर रहे हैं कि उनके प्रियजन की लाश कम से कम उन्हें सौंप दी जाए ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।
बचाव अभियान और चुनौतियां
बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। अंधेरी, संकरी और गैस भरी सुरंगों में काम करना बेहद खतरनाक है। ऑक्सीजन की कमी, धुआं और मलबा बचावकर्मियों के लिए बड़ी बाधा बन रहा है। फिर भी चीनी सरकार ने दृढ़ संकल्प दिखाया है कि अंतिम मजदूर तक को निकाला जाएगा।
क्या सबक सीखा जाएगा?
यह दुर्घटना चीन के लिए एक बड़ी चुनौती है। देश जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों के तहत कोयले पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन संक्रमण काल में भी कोयले की मांग बनी हुई है। ऐसे में सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के बाद शी जिनपिंग सरकार खदानों में और सख्त ऑडिट, बेहतर वेंटिलेशन सिस्टम, रियल-टाइम गैस मॉनिटरिंग और मजदूरों के प्रशिक्षण पर और अधिक ध्यान दे सकती है।
लियुशेनयु कोयला खदान दुर्घटना सिर्फ एक औद्योगिक हादसा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, जिम्मेदारी और भविष्य की दिशा का सवाल है। 82 परिवारों में मातम है, 9 परिवार अभी उम्मीद की किरण तलाश रहे हैं। चीन की सरकार इस बार कितना सख्त और पारदर्शी रुख अपनाती है, यह आने वाले समय में तय करेगा कि ऐसी घटनाएं कितनी कम होंगी।
शांति स्वर्गवासी 82 मजदूरों को श्रद्धांजलि।
लापता 9 मजदूरों की सुरक्षित वापसी की कामना।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-24 May 2026