वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने निजी कार्यक्रमों को पूरी तरह रद्द कर दिया है, बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर की शादी में शामिल होने की योजना छोड़ दी है और व्हाइट हाउस में हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। सैन्य अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं, मेमोरियल डे की छुट्टियां रद्द हो गई हैं और पेंटागन में हलचल तेज है। क्या यह ईरान पर नए सैन्य हमले की तैयारी का संकेत है?
ईरान-अमेरिका संघर्ष: पृष्ठभूमि
2026 की शुरुआत से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। फरवरी में इजरायल के साथ मिलकर अमेरिका ने ईरान पर हमले किए, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामenei की मौत की खबर आई। इसके बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है, हालांकि एक नाजुक सीजफायर (युद्धविराम) लागू है। ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पर पाबंदी लगाई है, जिससे वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने पर अड़ा हुआ है, जबकि ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय प्रभाव की रक्षा कर रहा है।
इस संदर्भ में ट्रम्प प्रशासन की हालिया गतिविधियां चिंता बढ़ा रही हैं।
ट्रम्प का अचानक वाशिंगटन वापसी और कार्यक्रम रद्द
शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रम्प ने न्यू जर्सी जाने का कार्यक्रम अचानक रद्द कर दिया। वे अपने बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर की सामाजिक कार्यकर्ता बेटिना एंडरसन के साथ बहामास में होने वाली निजी शादी में शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्होंने इसे भी कैंसल कर दिया। ट्रूथ सोशल पर अपने पोस्ट में ट्रम्प ने लिखा:
> “सरकारी परिस्थितियों और अमेरिका के प्रति मेरे प्रेम के कारण मुझे व्हाइट हाउस में रहना बेहद जरूरी है।”
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मेमोरियल डे की छुट्टियां चल रही हैं। सैन्य सूत्रों के अनुसार, कई सैनिकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और विदेश में तैनात अमेरिकी ठिकानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
व्हाइट हाउस में हाई-लेवल बैठक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ, चीफ ऑफ स्टाफ सुजी वाइल्स और अन्य शीर्ष सुरक्षा सलाहकार शामिल थे। बैठक में ईरान पर संभावित नए सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई।
एक करीबी सलाहकार ने सोशल मीडिया पर B-2 स्टील्थ बॉम्बर का वीडियो शेयर किया, जो ईरान जैसे लक्ष्यों पर गहरा हमला करने में सक्षम है। इस वीडियो ने वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज कर दी है।
ट्रम्प का रुख: कड़ा और स्पष्ट
ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि ईरान “डील करने के लिए बेताब” है, लेकिन अमेरिका पहले ही उन्हें “जोरदार झटका” दे चुका है। उन्होंने कहा:
> “ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार नहीं रख सकता। हमने पहले उन्हें सबक सिखाया था और अगर जरूरत पड़ी तो फिर से कर सकते हैं।”
मंगलवार को इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत में ट्रम्प ने कूटनीति को मौका देने की बात कही थी, लेकिन गुरुवार-शुक्रवार तक उनका रुख कड़ा हो गया।
कूटनीति के आखिरी प्रयास
जबकि अमेरिका सैन्य तैयारी में जुटा है, कुछ देश शांति प्रयास कर रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे हैं। इस यात्रा को जंग टालने के अंतिम प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कतर भी बैक-चैनल डिप्लोमेसी में सक्रिय है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो फिलहाल भारत के दौरे पर हैं। उनकी यात्रा का समय भी दिलचस्प है, क्योंकि भारत मध्य पूर्व में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
### ईरान का जवाब और वैश्विक प्रभाव
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो वह “बड़े नुकसान” पहुंचाएगा। तेहरान ने कहा है कि ट्रम्प को उसकी मांगें माननी होंगी। होर्मुज की खाड़ी में तेल निर्यात प्रभावित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। भारत जैसे देश, जो ईरान से तेल आयात करते हैं, इस स्थिति से चिंतित हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
ट्रम्प का ईरान नीति हमेशा सख्त रही है। 2018 में उन्होंने ईरान न्यूक्लियर डील से बाहर निकलने का फैसला किया था। अब 2026 में स्थिति और गंभीर हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प “अमेरिका फर्स्ट” नीति के तहत ईरान को कमजोर करने पर जोर दे रहे हैं, जबकि घरेलू स्तर पर अर्थव्यवस्था और चुनावी मुद्दे भी उनके सामने हैं।
क्या होगा आगे?
विशेषज्ञों के अनुसार, तीन संभावनाएं हैं:
1. पूर्ण युद्ध: अगर ईरान समझौते से इनकार करता है तो अमेरिका-इजरायल मिलकर बड़े हमले कर सकते हैं।
2. नया समझौता: बैक-चैनल बातचीत से नया डील हो सकता है, जिसमें ईरान परमाणु कार्यक्रम सीमित करे।
3. नाजुक शांति: वर्तमान सीजफायर जारी रहे, लेकिन छोटे-मोटे टकराव होते रहें।
ट्रम्प की रणनीति “मैक्सिमम प्रेशर” पर आधारित है — सैन्य ताकत दिखाकर बेहतर डील हासिल करना।
विश्व शांति पर सवाल
ट्रम्प के कार्यक्रम रद्द करने और व्हाइट हाउस में हलचल ने पूरी दुनिया को चौकन्ना कर दिया है। ईरान के साथ नया संघर्ष न केवल मध्य पूर्व बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, शिपिंग रूट्स और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा। भारत को भी अपनी रणनीति सतर्कतापूर्वक बनानी होगी।
क्या ट्रम्प ईरान को घुटनों पर ला देंगे या कूटनीति जीत हासिल करेगी? फिलहाल स्थिति बेहद संवेदनशील है और हर घंटे नई खबर आ सकती है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-23 May 2026