-Friday World-12May 2026
“अपराध बर्दाश्त नहीं: यूरोपीय संघ ने इज़राइली हिंसक बस्तीवासियों और हमास पर एक साथ लगाई लगाम, हंगरी के बदलाव ने बदला खेल”
ब्रसेल्स, 12 मई 2026 – यूरोपीय संघ (EU) ने लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को तोड़ते हुए इज़राइल की वेस्ट बैंक बस्तियों में हिंसा फैलाने वाले सेटलर्स (बस्तीवासियों) और फिलिस्तीनी militant group हमास के प्रमुख नेताओं पर नए प्रतिबंधों को मंजूरी दे दी है। यह फैसला सोमवार को EU के विदेश मंत्रियों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने इसे “डेडलॉक से डिलीवरी” की ओर बड़ा कदम बताया।
यह प्रतिबंध न केवल क्षेत्रीय हिंसा को रोकने का प्रयास है, बल्कि यूरोपीय संघ की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत भी देता है। महीनों से हंगरी के वीटो के कारण अटका यह प्रस्ताव अब हंगरी की नई सरकार के सकारात्मक रुख के बाद पास हो सका।
पृष्ठभूमि: लंबा गतिरोध और हंगरी का वीटो
यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों में सर्वसम्मति की जरूरत के कारण एक देश भी विरोध करे तो प्रस्ताव अटक जाता है। पिछले कई महीनों से हंगरी के पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान ने इन प्रतिबंधों को रोक रखा था। ओर्बान इज़राइल के मजबूत समर्थक रहे हैं और उन्होंने सेटलर्स पर प्रतिबंधों को हमास से जुड़े व्यक्तियों पर समान कार्रवाई के बिना मंजूर नहीं किया था।
अप्रैल 2026 में हंगरी में हुए चुनावों में पीटर माग्यार की Tisza पार्टी की बड़ी जीत के बाद स्थिति बदल गई। नई सरकार ने ओर्बान की नीति से दूरी बनाते हुए EU की एकजुटता को प्राथमिकता दी। विदेश मंत्री अनीता ओर्बान (या संबंधित अधिकारी) ने स्पष्ट किया कि अब “वीटो को ब्लैकमेल” के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इस बदलाव ने EU को लंबे समय से लंबित मुद्दे पर फैसला लेने का मौका दिया।
काजा कल्लास ने बैठक से पहले कहा था, “मुझे उम्मीद है कि हिंसक उपद्रवियों पर प्रतिबंधों को लेकर राजनीतिक सहमति बन जाएगी।” बैठक के बाद उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा: “It was high time we move from deadlock to delivery. Extremisms and violence carry consequences.” (समय आ गया था कि हम गतिरोध से निकलकर परिणाम दें। चरमपंथ और हिंसा के परिणाम होते हैं।)
प्रतिबंधों का स्वरूप और लक्ष्य
EU अधिकारियों के अनुसार, प्रतिबंधों की सूची में **सात इज़राइली बस्तीवासी या उनसे जुड़े संगठन** शामिल किए जाएंगे। इनमें तीन व्यक्ति और चार संगठन मुख्य रूप से वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा, संपत्ति छीनने और हमलों में शामिल रहे हैं।
प्रतिबंधों में शामिल मुख्य उपाय:
- यात्रा प्रतिबंध (EU देशों में प्रवेश निषेध)
- संपत्ति फ्रीज (EU में किसी भी संपत्ति या फंड पर रोक)
- EU नागरिकों या कंपनियों के साथ आर्थिक लेन-देन पर पाबंदी
साथ ही, EU ने हमास के प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों पर भी नए प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने कहा कि EU “वेस्ट बैंक की अवैध कॉलोनाइजेशन” को बढ़ावा देने वाले मुख्य इज़राइली संगठनों और उनके नेताओं पर कार्रवाई कर रहा है। हमास पर प्रतिबंध पहले से ही EU की terrorist organizations की सूची में है, लेकिन नए लक्ष्य अक्टूबर 7, 2023 के हमले और उसके बाद की गतिविधियों से जुड़े हैं।
वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा: आंकड़े और वास्तविकता
यह फैसला वेस्ट बैंक में इज़राइली सेटलर हिंसा के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बीच आया है। 2026 में अब तक 11 फिलिस्तीनियों की हत्या सेटलर हिंसा से जुड़ी घटनाओं में हुई है, जबकि 2025 में यह संख्या 9 थी। अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अनुसार, बस्तीवासियों द्वारा फिलिस्तीनियों की भूमि पर कब्जा, olive groves की कटाई, घरों पर हमले और हथियारबंद घुसपैठ बढ़ गई है।
EU का मानना है कि इन हिंसक तत्वों को जवाबदेह बनाए बिना दो-राज्य समाधान (Two-State Solution) संभव नहीं है। हालांकि, इज़राइल सरकार ने इन प्रतिबंधों की निंदा की है। इज़राइली अधिकारियों ने इसे “राजनीतिक रूप से प्रेरित” और “एकतरफा” बताया, जबकि कुछ ने हमास पर प्रतिबंधों को “मॉरल इक्विवेलेंस” (नैतिक समानता) का प्रयास करार दिया।
EU की विदेश नीति: संतुलन की कोशिश
यह निर्णय EU के अंदरूनी विभाजन को भी उजागर करता है। कई सदस्य देश (जैसे स्पेन, आयरलैंड, फ्रांस) इज़राइल पर अधिक सख्त रुख चाहते हैं, जबकि कुछ पूर्वी यूरोपीय देश इज़राइल के सुरक्षा हितों को प्राथमिकता देते हैं।
फिर भी, काजा कल्लास और अन्य नेताओं ने जोर दिया कि यह कार्रवाई दोनों पक्षों की हिंसा के खिलाफ है। हमास पर प्रतिबंध जोड़ना कई देशों (खासकर हंगरी जैसे) की मांग थी, जिससे प्रस्ताव को सर्वसम्मति मिल सकी।
व्यापार संबंधी चर्चा: बैठक में इज़राइली बस्तियों से आने वाले उत्पादों पर व्यापार प्रतिबंध लगाने का मुद्दा भी उठा। कई सदस्य देशों ने European Commission से प्रस्ताव मांगे हैं, लेकिन इस पर अभी पूर्ण सहमति नहीं बनी है। यह बड़े आर्थिक प्रतिबंधों की दिशा में पहला कदम हो सकता है।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं
- फिलिस्तीनी प्राधिकरण और अरब देशों ने इस कदम का स्वागत किया, इसे “देर आए लेकिन सही दिशा” बताया
- इज़राइल ने इसे “EU की偏向” (偏向 -偏见) करार दिया और कहा कि यह терроризм को पुरस्कृत करने जैसा है।
- अमेरिका की प्रतिक्रिया अभी मिश्रित है; बाइडन प्रशासन (या वर्तमान US सरकार) ने सेटलर हिंसा की निंदा की है लेकिन पूर्ण EU कार्रवाई पर सतर्क रुख अपनाया।
- रूस और चीन जैसे देश इसे पश्चिमी double standards का उदाहरण बता सकते हैं।
### आगे क्या? प्रभाव और चुनौतियां
ये प्रतिबंध व्यक्तिगत स्तर पर प्रभावी हो सकते हैं, लेकिन वेस्ट बैंक में बस्तियों का विस्तार रुकना मुश्किल है। इज़राइल की मौजूदा सरकार बस्तियों को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर अड़ी हुई है।
EU अब इस फैसले को लागू करने, निगरानी करने और आगे के कदमों (जैसे व्यापार प्रतिबंध) पर काम करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हिंसा जारी रही तो EU को और सख्त उपाय अपनाने पड़ सकते हैं।
यह घटनाक्रम मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया, अंतरराष्ट्रीय कानून और EU की रणनीतिक स्वायत्तता के लिए महत्वपूर्ण है। 7 अक्टूबर 2023 के बाद से गाजा युद्ध, वेस्ट बैंक अस्थिरता और क्षेत्रीय तनाव ने वैश्विक व्यवस्था को चुनौती दी है। EU का यह कदम दिखाता है कि वह “नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था” को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
यूरोपीय संघ का यह फैसला चरमपंथ और हिंसा के खिलाफ स्पष्ट संदेश है। हिंसक सेटलर्स और हमास दोनों पर कार्रवाई से EU ने संतुलन साधने की कोशिश की है। हालांकि, असली परीक्षा लागूकरण और क्षेत्र में शांति बहाली होगी। यदि यह प्रयास सफल हुआ तो दो-राज्य समाधान की राह आसान हो सकती है, अन्यथा मध्य पूर्व की अस्थिरता और गहरा सकती है।
विश्व इस फैसले को नजदीक से देख रहा है। EU की एकजुटता और साहस ने साबित किया कि बड़े बदलाव कभी-कभी छोटे राजनीतिक बदलावों (जैसे हंगरी) से शुरू होते हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-12May 2026