-Friday World-May 5,2026
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कानूनी उलझनें और राजनीतिक मजबूरियां एक बार फिर आमने-सामने आ गई हैं। 5 मई 2026, सोमवार को तेल अवीव जिला अदालत में उनकी गवाही होनी थी, लेकिन सुनवाई शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही उसे रद्द कर दिया गया। वजह बताई गई - "तत्काल राजनीतिक और सुरक्षा परामर्श"। उनके वकील अमित हदाद ने रातों-रात अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री रविवार देर रात तक कैबिनेट बैठक और सुरक्षा ब्रीफिंग में व्यस्त थे, और सोमवार का शेड्यूल भी बेहद गोपनीय सुरक्षा बैठकों से भरा है। अदालत ने विस्तृत कारण सीलबंद लिफाफे में मंगवाए और सुनवाई रद्द कर दी।
यह पहली बार नहीं है। नेतन्याहू का भ्रष्टाचार ट्रायल 2020 में शुरू हुआ था और तब से कई बार टल चुका है। युद्ध, राजनयिक संकट और राष्ट्रीय आपातकाल - हर बार गवाही की तारीख आगे खिसक जाती है।
किस केस में फंसे हैं नेतन्याहू?
नेतन्याहू इज़राइल के पहले मौजूदा प्रधानमंत्री हैं जिन पर आपराधिक आरोप लगे हैं। उन पर रिश्वत, धोखाधड़ी और विश्वासघात के तीन मामले चल रहे हैं:
- केस 1000: आरोप है कि नेतन्याहू और उनके परिवार ने अरबपति व्यापारियों से महंगे गिफ्ट - सिगार, शैंपेन, ज्वेलरी - लिए और बदले में उनको व्यापारिक फायदे पहुंचाए।
- केस 2000: येदियोथ अहरोनोथ अखबार के प्रकाशक अर्नोन मोजेस से डील की कोशिश, ताकि उनके पक्ष में कवरेज मिले।
- केस 4000: बेजेक टेलीकॉम के पूर्व मालिक शॉल एलोविच को रेगुलेटरी फायदे देने के बदले वल्ला न्यूज साइट पर पॉजिटिव कवरेज ली।
नेतन्याहू इन सभी आरोपों से इनकार करते हैं। उनका कहना है कि यह "मुझे सत्ता से हटाने का राजनीतिक अभियान" है।
इस बार क्यों टली सुनवाई?
डिफेंस ने कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा कि "इज़राइल और पूरे मध्य पूर्व में हाल में हुए नाटकीय घटनाक्रमों के कारण वर्गीकृत सुरक्षा और राजनयिक कारणों से प्रधानमंत्री कम से कम दो हफ्ते गवाही नहीं दे सकते"। अप्रैल 2026 में भी इसी आधार पर दो हफ्ते की मोहलत मांगी गई थी।
दरअसल, फरवरी 2026 में ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध के बाद इज़राइल में आपातकाल लगाया गया था। बुधवार को युद्धविराम की घोषणा के बाद रविवार से ट्रायल दोबारा शुरू होना था। लेकिन नेतन्याहू के वकील का कहना है कि युद्धविराम के बाद की कूटनीति और गाजा में बंधकों का मुद्दा इतना संवेदनशील है कि PM को "अपना सारा समय और ऊर्जा राष्ट्रीय, राजनयिक और सुरक्षा मुद्दों पर लगानी है"।
बार-बार टलती गवाही, बढ़ती सियासी हलचल
नेतन्याहू को सोमवार, मंगलवार और बुधवार तीन दिन लगातार गवाही देनी थी। उनकी जिरह केस 1000, 2000 और 4000 में चल रही है। लेकिन युद्ध और सुरक्षा कारणों से ट्रायल "फिट्स एंड स्टार्ट्स" यानी रुक-रुक कर चल रहा है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी नेतन्याहू का बचाव किया है। उन्होंने ट्रायल को "विच हंट" बताते हुए कहा कि इसे "तुरंत रद्द किया जाए या हीरो को माफ़ी दी जाए"। नेतन्याहू ने ट्रंप को धन्यवाद देते हुए लिखा - "हमारे साझा दुश्मनों को हराने और बंधकों को छुड़ाने के लिए साथ काम करने को तैयार हूं"। वहीं इज़राइली विपक्ष के नेता यायर लापिड ने ट्रंप को चेताया कि "एक स्वतंत्र देश की न्यायिक प्रक्रिया में दखल न दें"।
क्या है आगे की राह?
अदालत ने फिलहाल सुनवाई रद्द कर दी है और कहा कि अगली जानकारी बाद में दी जाएगी। अभियोजन पक्ष ने कहा है कि वह डिफेंस के साथ बातचीत को तैयार है, लेकिन ट्रायल के साथ-साथ। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया है ताकि समझौता हो सके। अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि "बिना किसी पूर्व शर्त के प्ली एग्रीमेंट पर चर्चा हो सकती है"।
कानूनी जानकार मानते हैं कि ट्रायल का कोई अंत नज़र नहीं आ रहा। अगर दोषी पाए गए तो नेतन्याहू को जेल हो सकती है। उधर अक्टूबर 2026 में इज़राइल में चुनाव होने हैं। पोल्स बताते हैं कि नेतन्याहू का अति-दक्षिणपंथी गठबंधन हार सकता है।
*न्याय बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा: बड़ी बहस*
नेतन्याहू के समर्थकों का तर्क है कि युद्ध के बीच PM को अदालत में घंटों बैठाना देशहित में नहीं। विरोधियों का कहना है कि "सुरक्षा" के नाम पर न्याय में देरी लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। अदालत ने भी अभियोजन से कहा था कि "तत्काल और अटल सुरक्षा जरूरत न हो तो PM को शेड्यूल कोर्ट के हिसाब से बनाना चाहिए"।
फिलहाल केस में इलानित फिल्बर की गवाही होगी। वे केस 4000 के अहम गवाह श्लोमो फिल्बर की पत्नी हैं। श्लोमो फिल्बर नेतन्याहू सरकार में कम्युनिकेशन मिनिस्ट्री के डायरेक्टर-जनरल थे।
इज़राइल का इतिहास गवाह है - यहां युद्ध और अदालत अक्सर साथ-साथ चलते हैं। लेकिन जब देश का प्रधानमंत्री कटघरे में हो और बॉर्डर पर तनाव, तो हर सुनवाई सिर्फ कानूनी नहीं, राजनीतिक भूकंप बन जाती है। नेतन्याहू की गवाही कब होगी? फिलहाल इसका जवाब सीलबंद लिफाफे में बंद है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-May 5,2026