-Friday World 6 Jun 2026
आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चंद्रबाबू नायडू की रणनीतिक दूरदर्शिता और सख्ती छाई हुई है। एनडीए गठबंधन के प्रमुख घटक दलों के बीच राज्यसभा सीटों के बंटवारे पर लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने साफ संदेश दे दिया है — इस बार BJP को एक भी सीट नहीं मिलेगी। चार खाली हो रही राज्यसभा सीटों में से तीन Telugu Desam Party (TDP) अपने खाते में रखेगी, जबकि एक Jana Sena Party (जनसेना) को दी जाएगी।
यह फैसला 5 जून 2026 को अमरावती के उंडवली स्थित चंद्रबाबू नायडू के कैंप ऑफिस में हुई उच्चस्तरीय एनडीए बैठक में लिया गया। बैठक में डिप्टी सीएम और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण, TDP राज्य अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव, BJP राज्य अध्यक्ष पीवीएन माधव समेत अन्य प्रमुख नेता शामिल थे।
फैसले की पृष्ठभूमि और राजनीतिक गणित
2024 के विधानसभा चुनावों में TDP, जनसेना और BJP के गठबंधन ने भारी बहुमत हासिल किया था। TDP ने 135 सीटें, जनसेना ने 21 और BJP ने 8 सीटें जीती थीं। राज्यसभा चुनावों में सीटों का बंटवारा विधायकों की संख्या और गठबंधन की ताकत के आधार पर तय होता है।
पहले की चर्चाओं में BJP को एक सीट दिए जाने की संभावना थी, लेकिन हाल के घटनाक्रम — खासकर तमिलनाडु BJP के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई के पार्टी से इस्तीफे — और आंध्र प्रदेश में BJP की वर्तमान स्थिति को देखते हुए चंद्रबाबू ने फॉर्मूला बदला। अब TDP को 3 और जनसेना को 1 सीट मिलने का फैसला हो गया है।
TDP के लिए यह फैसला अपनी ताकत का प्रदर्शन है। पार्टी न केवल राज्य सरकार चला रही है, बल्कि गठबंधन के अंदर भी अपनी प्रधानता बनाए रखना चाहती है। जनसेना को एक सीट देकर पवन कल्याण को सम्मान दिया गया, जो गठबंधन की मजबूती के लिए जरूरी था।
BJP के लिए क्या मतलब?
BJP के लिए यह झटका माना जा रहा है, हालांकि पार्टी ने इसे सहयोग का हिस्सा बताते हुए कोई सार्वजनिक नाराजगी नहीं जताई है। राज्य BJP अध्यक्ष पीवीएन माधव को चंद्रबाबू ने आश्वासन दिया है कि वे खुद अमित शाह और जेपी नड्डा से बात करेंगे। BJP को अगले चक्र में सीट मिलने की उम्मीद है।
विश्लेषकों का कहना है कि चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश में TDP की प्रमुखता बनाए रखना चाहते हैं। 2029 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए वे अपनी पार्टी और जनसेना को मजबूत करना चाहते हैं, ताकि BJP की बढ़ती महत्वाकांक्षा को संतुलित किया जा सके।
राज्यसभा चुनाव की तारीख और प्रक्रिया
ये चार सीटें 18 जून 2026 को होने वाले चुनाव के लिए खाली हो रही हैं। इनमें YSRCP के तीन और TDP के एक सदस्य की अवधि पूरी हो रही है। TDP की मजबूत बहुमत वाली विधानसभा में इन सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है।
TDP अब अपने तीन उम्मीदवारों के नामों पर विचार कर रही है। जनसेना अपने एक उम्मीदवार का फैसला पवन कल्याण करेंगे।
चंद्रबाबू की रणनीति: गठबंधन में संतुलन
चंद्रबाबू नायडू लंबे समय से गठबंधन राजनीति के मास्टर माने जाते हैं। 2024 के चुनाव से पहले उन्होंने TDP, जनसेना और BJP को एक मंच पर लाकर YSRCP को करारी हार दी थी। अब सत्ता में आने के दो साल बाद वे गठबंधन को नई दिशा दे रहे हैं।
- TDP की मजबूती: तीन सीटें लेकर पार्टी अपनी कैडर को संतुष्ट कर रही है।
- जनसेना को सम्मान: एक सीट देकर पवन कल्याण को गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई।
- BJP को संतुलित: बिना टकराव के सीट न देकर भविष्य के लिए दरवाजा खुला रखा।
यह फैसला आंध्र प्रदेश में क्षेत्रीय दलों की ताकत को राष्ट्रीय दलों के सामने मजबूत दिखाता है। कई राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे “चंद्रबाबू मॉडल” का उदाहरण मान रहे हैं — जहां गठबंधन है, लेकिन नेतृत्व TDP का ही रहेगा।
NDA ने फैसला लिया है कि 9 जून से राज्य के तीनों क्षेत्रों में जनसभाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें पिछले दो साल के कार्यों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा जाएगा। राज्यसभा चुनाव के बाद विकास कार्यों, विशेष रूप से अमरावती, विशेष पैकेज और औद्योगिक निवेश पर फोकस बढ़ने की उम्मीद है।
यह घटनाक्रम 2029 के चुनावों की तैयारी का संकेत भी है। TDP और जनसेना मिलकर अपनी ताकत बढ़ाना चाहते हैं, जबकि BJP अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश में जुटी रहेगी।
चंद्रबाबू नायडू का यह फैसला साबित करता है कि आंध्र प्रदेश की राजनीति अभी भी क्षेत्रीय नेताओं के हाथ में है। BJP को शून्य सीट देकर उन्होंने यह संदेश दिया है कि गठबंधन में सब बराबर नहीं — कुछ नेता ज्यादा बराबर होते हैं।
TDP की तीन और जनसेना की एक सीट के साथ NDA मजबूती से आगे बढ़ रहा है, लेकिन BJP के साथ भविष्य का रिश्ता कैसा रहेगा, यह आने वाले महीनों में साफ होगा।
आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो चुका है — जहां संख्याबल, रणनीति और दूरदर्शिता एक बार फिर चंद्रबाबू नायडू को केंद्र में ला खड़ा करती है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 6 Jun 2026