- Friday World 1 Jun 2026
तेहरान/कुवैत सिटी, 01 जून 2026
अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल 2026 से लागू नाज़ुक संघर्ष-विराम के बीच तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना द्वारा दक्षिणी ईरान में रडार और ड्रोन ठिकानों पर ताज़ा हमलों के बाद ईरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी संसद के सभापति और शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाग़िर क़ालीबाफ़ ने लेबनान में इज़राइल की बढ़त को 'अमेरिका द्वारा सीज़फायर का पालन न करने का स्पष्ट प्रमाण' बताया है।
क्या हुआ कुवैत में?
कुवैत की सेना ने सोमवार सुबह पुष्टि की कि उसके वायु रक्षा सिस्टम ने "शत्रुतापूर्ण मिसाइल और ड्रोन हमलों" को रोका। कुवैत आर्मी ने X पर कहा कि धमाकों की आवाज़ वायु रक्षा द्वारा हमलों को रोकने के कारण थी। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, IRGC ने दावा किया कि उसने दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमले के जवाब में एक अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाया। कुवैत ने ईरान पर हमलों का आरोप लगाते हुए इसे "खतरनाक बढ़ोतरी" बताया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड, CENTCOM ने कहा कि कुवैत ने बुधवार रात ईरान से दागी गई मिसाइलों को रोका और इसे "सीज़फायर का घोर उल्लंघन" करार दिया। CENTCOM के मुताबिक यह हमला ईरानी बलों द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास 5 आत्मघाती ड्रोन लॉन्च करने के कुछ घंटे बाद हुआ।
हमले में नुकसान
रिपोर्टों के मुताबिक कुवैत में एक सैन्य अड्डे पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में कई अमेरिकी नागरिक घायल हुए। इंटरसेप्शन के मलबे से करीब 5 लोग घायल हुए, जिनमें सैन्यकर्मी और कॉन्ट्रैक्टर शामिल हैं। एक MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हुआ और दूसरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। हर ड्रोन की कीमत लगभग 3 करोड़ डॉलर है। 2119
अमेरिका-ईरान: किसने क्या कहा
1. अमेरिका: CENTCOM ने कहा कि उसने शनिवार-रविवार को गेरुक और केशम द्वीप पर ईरानी रडार और ड्रोन कंट्रोल साइटों पर "नपे-तुले और जानबूझकर" आत्मरक्षा हमले किए। यह कार्रवाई ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी MQ-1 ड्रोन गिराने के जवाब में थी। अमेरिका ने कहा कि ईरानी ड्रोन जहाज़ों के लिए खतरा थे।
2. ईरान: IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी "आक्रामकता" जारी रही तो जवाब "पूरी तरह अलग" होगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी हमलों को सीज़फायर का उल्लंघन बताया। ब्रिगेडियर जनरल माजिद एब्न अल-रज़ा ने कहा, "हमारी उंगली ट्रिगर पर है" और "नए सरप्राइज़ रास्ते में हैं"।
3. क़ालीबाफ़ का बयान: ईरानी संसद सभापति मोहम्मद बाग़िर क़ालीबाफ़ ने कहा कि लेबनान में इज़राइल की प्रगति अमेरिका द्वारा सीज़फायर का पालन न करने का स्पष्ट प्रमाण है। इज़राइल ने दक्षिणी बेरूत के शोएफ़ात इलाके में एक अपार्टमेंट पर हमला किया। क़ालीबाफ़ का इशारा है कि अमेरिका इज़राइल को रोक नहीं रहा, जो सीज़फायर की भावना के खिलाफ है।
3 महीने का युद्ध और नाज़ुक सीज़फायर
अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर युद्ध शुरू किया था। अप्रैल 2026 की शुरुआत में सीज़फायर लागू हुआ। तब से दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाते रहे हैं। मौजूदा टकराव तब शुरू हुआ जब ईरान ने एक अमेरिकी MQ-1 रीपर ड्रोन को मार गिराया। जवाब में अमेरिका ने केशम द्वीप पर "मिसाइल सिटी" और बंदर अब्बास में ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर हमला किया।
कुवैत क्यों निशाने पर?
कुवैत में अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने हैं, जिनमें कैंप आरिफजान और अली अल-सलेम एयर बेस शामिल हैं। IRGC ने कहा कि उसने अमेरिका द्वारा इस्तेमाल किए गए एयर बेस को निशाना बनाया। कुवैत पहले भी सीज़फायर के दौरान हमलों का शिकार हुआ है। पिछले हफ़्ते भी कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए थे। 5d684c4bc556
क्षेत्रीय असर और कूटनीति
1. तेल बाज़ार: हमलों के बाद तेल की कीमतें 3% से ज़्यादा बढ़ गईं। ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर रखा है, जिससे दुनिया के तेल और LNG व्यापार का पांचवां हिस्सा प्रभावित है।
2. वार्ता: अमेरिका और ईरान सीज़फायर को 60 दिन बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर चर्चा कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि डील करीब है, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंध राहत पर मतभेद बाकी हैं। ट्रंप की 5 शर्तों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करना और होर्मुज़ खोलना शामिल है।
3. लेबनान फ्रंट: इज़राइल ने हिज़्बुल्लाह के खिलाफ लेबनान में सैनिकों को और अंदर भेजने का आदेश दिया। क़ालीबाफ़ इसे अमेरिका-इज़राइल गठजोड़ का हिस्सा बता रहे हैं।
IRGC का इनकार और आरोप
IRGC ने फारस की खाड़ी के देशों पर हमले से इनकार करते हुए अमेरिका और इज़राइल को दोषी ठहराया। उसका कहना है कि अगर मीडिया रिपोर्ट सही हैं तो "बिना शक यह यहूदी दुश्मन या अमेरिका का काम है"। हालांकि कुवैत ने साफ तौर पर ईरान और उसके प्रॉक्सी पर ड्रोन हमलों का आरोप लगाया।
आगे क्या?
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका "ईरान के साथ युद्ध फिर शुरू करने में पूरी तरह सक्षम" है। वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल परमाणु मुद्दे पर अमेरिका से कोई बातचीत नहीं हो रही, प्राथमिकता "युद्ध खत्म करना" है।
विश्लेषकों का मानना है कि कुवैत पर हमला सीज़फायर को पूरी तरह खत्म कर सकता है। पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है, पर ज़मीनी हालात बिगड़ रहे हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 1 Jun 2026