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Friday, 3 July 2026

ट्रम्प इज़रायल के पुतले? लारा ट्रम्प ने टकर कार्लसन को दिया करारा जवाब, रिपब्लिकन पार्टी में फूट का खतरा

ट्रम्प इज़रायल के पुतले? लारा ट्रम्प ने टकर कार्लसन को दिया करारा जवाब, रिपब्लिकन पार्टी में फूट का खतरा - Friday World 3 Jul 2026


वॉशिंगटन की सियासी गलियारों में इन दिनों एक नया विवाद गरमाया हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मजबूत समर्थक और परिवार के सदस्य लारा ट्रम्प ने पूर्व सहयोगी टकर कार्लसन पर तीखा हमला बोल दिया है। लारा ने सवाल उठाया है कि जो लोग ट्रम्प को इज़रायल का कठपुतली बता रहे हैं, वे असल में पार्टी और राष्ट्र के हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मध्यावधि चुनावों के ठीक पहले यह विवाद रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

लारा ट्रम्प, जो एरिक ट्रम्प की पत्नी हैं, ने एक्स (पूर्व ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो संदेश जारी कर यह स्पष्ट कर दिया कि उन्हें टकर कार्लसन जैसे दिग्गज व्यक्तियों का यह रुख समझ नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि टकर कार्लसन जैसे प्रतिभाशाली लोग भी राष्ट्रपति ट्रम्प को इज़रायल की कठपुतली क्यों कह रहे हैं।” यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के कई राज्यों में मध्यावधि चुनाव नजदीक हैं और पार्टी के अंदरूनी कलह की खबरें तेज हो रही हैं।

पृष्ठभूमि: ट्रम्प-इज़रायल संबंधों की सच्चाई

डोनाल्ड ट्रम्प का इज़रायल के साथ रिश्ता लंबे समय से चर्चा में रहा है। अपने पहले कार्यकाल में ट्रम्प प्रशासन ने जेरूसलम को इज़रायल की राजधानी मान्यता दी, गोलान हाइट्स पर इज़रायल के कब्जे को वैध ठहराया और अब्राहम समझौतों के जरिए मध्यपूर्व में ऐतिहासिक शांति प्रयास किए। इन कदमों को इज़रायल समर्थक लॉबी और ईसाई इंजीलिकल वोट बैंक ने सराहा, लेकिन कुछ आलोचकों ने इसे “अमेरिका फर्स्ट” नीति से विचलन बताया।

2024 के चुनावी जीत के बाद ट्रम्प के दूसरे (या तीसरे) कार्यकाल में भी इज़रायल-हमास संघर्ष और ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिकी नीति पर सवाल उठे हैं। टकर कार्लसन, जो पहले ट्रम्प के मजबूत समर्थक थे, अब खुलकर कह रहे हैं कि ट्रम्प इज़रायल और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रभाव में काम कर रहे हैं। लारा ट्रम्प ने इसे “विचित्र वलण” करार दिया।

उन्होंने कहा कि एक समय जब ट्रम्प के सबसे बड़े समर्थक ऐसे बयान दे रहे हैं, तो यह पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है। मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन को कांग्रेस दोनों सदनों में मजबूत बहुमत चाहिए। अगर आंतरिक कलह बढ़ी तो मतदाता भ्रमित होंगे और डेमोक्रेट्स को फायदा मिल सकता है।

लारा ट्रम्प का पूरा संदेश

वीडियो में लारा ट्रम्प ने भावुक होकर कहा, “राष्ट्रपति ट्रम्प अमेरिका को पहले रखने की नीति पर चल रहे हैं। इज़रायल के साथ मजबूत संबंध अमेरिकी हितों की रक्षा करते हैं, क्योंकि मध्यपूर्व में स्थिरता हमारी सुरक्षा और ऊर्जा जरूरतों से जुड़ी है।” 

उन्होंने आगे कहा कि टकर कार्लसन जैसे लोग अब ट्रम्प की आलोचना कर रहे हैं कि वे नेतन्याहू की कठपुतली बन गए हैं। लारा ने पूछा, “अमेरिका के लिए सबसे अच्छा रास्ता यही है कि हम इस पूरी स्थिति को स्पष्ट कर दें।” 

उनका तर्क है कि जब दो महीने बाद मध्यावधि चुनाव हैं, तब पार्टी के सीनेटर और प्रभावशाली आवाजें ऐसी टिप्पणियां दे रही हैं कि वे चुनाव में वोट नहीं देंगे। इससे न सिर्फ रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान होगा बल्कि पूरा राष्ट्र प्रभावित होगा।

सियासी विश्लेषण: क्यों बढ़ रही है पार्टी में फूट?

ट्रम्प समर्थक “मेगा” (Make America Great Again) बेस इज़रायल को मजबूत समर्थन देता है, लेकिन पार्टी के अंदर “अमेरिका फर्स्ट” वाले अलग गुट हैं जो विदेशी युद्धों और अरबों डॉलर की सहायता पर सवाल उठाते हैं। टकर कार्लसन इस गुट के प्रमुख चेहरे बन गए हैं। वे कहते हैं कि अमेरिका को अपने बॉर्डर, अर्थव्यवस्था और आंतरिक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि विदेशी संघर्षों में फंसना चाहिए।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह फूट व्यक्तिगत नहीं बल्कि वैचारिक है। ट्रम्प ने हमेशा इज़रायल को मजबूत सहयोगी बताया, लेकिन उनके “अमेरिका फर्स्ट” नारे ने अलगाववादी नीतियों को भी बढ़ावा दिया। लारा ट्रम्प परिवार की तरफ से पार्टी की एकजुटता की अपील कर रही हैं।

 इज़रायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर अमेरिकी राजनीति

अमेरिका में इज़रायल समर्थन दो प्रमुख कारणों से मजबूत है – सामरिक गठबंधन और घरेलू वोट बैंक। ईसाई इंजीलिकल समुदाय (लगभग 25% आबादी) बाइबिल के आधार पर इज़रायल को पवित्र भूमि मानता है। यहूदी समुदाय भी ट्रम्प को उनके कदमों के लिए समर्थन देता रहा है।

हालांकि, युवा डेमोक्रेट्स और कुछ प्रगतिशील रिपब्लिकन फिलिस्तीन के प्रति सहानुभूति रखते हैं। गाजा संघर्ष के दौरान मानवीय संकट की खबरों ने इस विभाजन को और गहरा किया है। टकर कार्लसन इस मुद्दे पर “अमेरिकी खून और धन” की बर्बादी का मुद्दा उठाते हैं।

 लारा ट्रम्प की भूमिका और परिवार की रणनीति

लारा ट्रम्प सिर्फ परिवार की सदस्य नहीं बल्कि पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता भी हैं। उन्होंने महिलाओं, युवाओं और नए वोटरों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका यह बयान ट्रम्प परिवार की तरफ से पार्टी में अनुशासन बनाए रखने का संदेश है।

एरिक और लारा ट्रम्प ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। लारा की स्पष्टवादिता उन्हें पार्टी में लोकप्रिय बनाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से न सिर्फ चुनावी नुकसान होगा बल्कि राष्ट्र की विदेश नीति भी कमजोर पड़ेगी।

 मध्यावधि चुनावों का महत्व

2026 के मध्यावधि चुनाव अमेरिकी राजनीति के भविष्य तय करेंगे। अगर रिपब्लिकन कांग्रेस पर नियंत्रण खो देते हैं तो ट्रम्प प्रशासन की नीतियां बाधित हो सकती हैं – चाहे वह बॉर्डर सुरक्षा हो, टैक्स कटौती हो या विदेश नीति। लारा ट्रम्प इसी चिंता को व्यक्त कर रही हैं।

वे चाहती हैं कि पार्टी के सभी सदस्य एकजुट रहें और ट्रम्प की “अमेरिका फर्स्ट” विजन को आगे बढ़ाएं। इज़रायल को समर्थन देना इस विजन का हिस्सा है क्योंकि मजबूत सहयोगी अमेरिका को मजबूत बनाते हैं।

 क्या कहते हैं अन्य नेता?

ट्रम्प प्रशासन के कई मंत्री और सीनेटर इज़रायल समर्थन को जारी रखने के पक्ष में हैं। वे तर्क देते हैं कि ईरान और इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ इज़रायल अमेरिका का सबसे भरोसेमंद साथी है। वहीं, टकर कार्लसन जैसे स्वतंत्र आवाजें लोकप्रियता हासिल कर रही हैं क्योंकि वे “अनावश्यक विदेशी उलझनों” से बचने की बात करते हैं।

यह बहस अमेरिकी राजनीति में अलगाववाद बनाम अंतरराष्ट्रीयवाद की पुरानी लड़ाई को फिर से जीवंत कर रही है।

 एकता जरूरी है

लारा ट्रम्प का संदेश साफ है – आंतरिक कलह छोड़कर पार्टी को एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए। ट्रम्प को इज़रायल का कठपुतली कहना न सिर्फ गलत है बल्कि पार्टी को कमजोर करता है। 

अमेरिका की विदेश नीति उसके राष्ट्रीय हितों पर आधारित होनी चाहिए। इज़रायल के साथ मजबूत संबंध इन हितों की रक्षा करते हैं। मध्यावधि चुनावों से पहले यह बहस पार्टी के लिए परीक्षा है। अगर रिपब्लिकन एकजुट रहे तो वे मजबूत वापसी कर सकते हैं, अन्यथा फूट का फायदा विरोधियों को मिलेगा।

लारा ट्रम्प की यह अपील न सिर्फ ट्रम्प परिवार की प्रतिबद्धता दिखाती है बल्कि पूरे पार्टी को एक सूत्र में बांधने का प्रयास है। सियासी गलियारों में अब सवाल यह है कि क्या टकर कार्लसन जैसे नेता इस अपील को मानेंगे या विवाद और गहराएगा?

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 3 Jul 2026