-, Friday World 27 Aug 2026
कुदरत जब नाराज होती है तो उसकी ताकत के सामने इंसान की सारी तरक्की बौनी पड़ जाती है। ऐसा ही दिल दहला देने वाला मंजर इस वक्त हमारे पड़ोसी देश नेपाल में देखने को मिल रहा है, जहां हिमालय की गोद में बसे जिलों में तबाही का सैलाब आया हुआ है।
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने पूरे इलाके को श्मशान में बदल दिया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस जलप्रलय में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 844 लोग अभी भी लापता हैं। इन लापता लोगों में सबसे चिंताजनक बात यह है कि 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनमें से ज्यादातर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए श्रद्धालु हैं।
कैसे आई ये अचानक तबाही? 5200 मीटर पर फटा ग्लेशियर
वैज्ञानिकों और स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, ये कोई आम बाढ़ नहीं थी। समुद्र तल से करीब 5,200 मीटर की ऊंचाई पर, तिब्बत की तरफ एक विशाल ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा अचानक टूट कर गिर पड़ा। इसे ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहा जाता है।
बर्फ, बड़े-बड़े पत्थर, मिट्टी और कीचड़ का एक विशाल सैलाब कई किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भोटेकोशी नदी में आ गिरा। पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। रसुवा, नुवाकोट और धादिंग - नेपाल के ये तीन जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
पानी का बहाव इतना तेज था कि अपने साथ सब कुछ बहा ले गया। रिपोर्ट के अनुसार 19 बड़े पुल पूरी तरह टूट कर बह गए, 40 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें नामोनिशान मिट गया और करीब एक दर्जन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे पूरे इलाके में बिजली गुल हो गई है और राहत कार्य में और भी मुश्किलें आ रही हैं।
133 भारतीय लापता, कैलाश यात्रियों से संपर्क टूटा
इस आपदा ने भारत में भी चिंता की लहर दौड़ा दी है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, लापता 844 लोगों में से कम से कम 133 भारतीय नागरिक हैं। ये सभी लोग पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अकेले 59 श्रद्धालु ऐसे हैं जिनका पिछले 48 घंटों से कोई पता नहीं चल रहा है।
पहाड़ों में कम्युनिकेशन नेटवर्क पूरी तरह ठप हो जाने से परिजनों तक जानकारी नहीं पहुंच पा रही है। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने तेजी दिखाई है। काठमांडू में भारतीय दूतावास के अलावा तमिलनाडु, केरल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्य सरकारों ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि पीड़ित परिवार मदद ले सकें।
संकट में साथी: भारत ने भेजी 10 टन मानवीय सहायता
मुसीबत की इस घड़ी में भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि वो नेपाल का सिर्फ पड़ोसी नहीं, बल्कि पहला दोस्त है। भारत सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से 10 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी है।
इस खेप में जीवन रक्षक दवाएं, फूड पैकेट्स, टेंट, कंबल और पीने के पानी के प्यूरीफायर शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत हर संभव मदद के लिए तैयार है। जरूरत पड़ी तो NDRF की टीमें भी बचाव कार्य के लिए नेपाल भेजी जाएंगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस आपदा पर नजर बनाए रखी है।
बिहार में हाई अलर्ट, गंडक बैराज के सभी 36 गेट खुले
नेपाल में आई इस बाढ़ का सीधा असर अब भारत पर भी दिखने लगा है। नेपाल की नदियों का पानी सीधे बिहार में आता है। गंडक नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी को देखते हुए बिहार सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
एहतियात के तौर पर वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं ताकि पानी का दबाव कम किया जा सके। निचले इलाकों में बसे गांवों को खाली करने का आदेश दिया गया है और प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
तिब्बत में भी तबाही, 3 की मौत, 265 लापता
ये आपदा सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं है। सीमा के दूसरी तरफ चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है। वहां से 3 लोगों की मौत और 265 लोगों के लापता होने की खबर है। चीन और नेपाल दोनों देशों की रेस्क्यू टीमें मिलकर बॉर्डर इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन खराब मौसम और टूटे हुए रास्ते बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं।
क्यों बढ़ रही हैं हिमालय में ऐसी घटनाएं?
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिमालय के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ऊपर झीलें बन रही हैं और जब वो फटती हैं तो ऐसी ही भयावह बाढ़ आती है। नेपाल जैसा पहाड़ी देश इस जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा शिकार बन रहा है।
फिलहाल जरूरत है कि हम सब मिलकर प्रार्थना करें कि लापता लोगों का जल्द पता चले और प्रभावित परिवारों को हिम्मत मिले। यह आपदा हमें फिर याद दिलाती है कि प्रकृति के साथ खिलवाड़ कितना महंगा पड़ सकता है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 27 Aug 2026
#NepalFlood #NepalTibetBorder #GlacierBurst #BhotekoshiFlood #KailashYatra #IndiaHelpsNepal #BiharAlert #GLOF #HimalayanDisaster #RescueOperation