-Friday World September 21,2026
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बार बीजेपी को मात देने के लिए ऐसा मास्टरप्लान तैयार किया है, जिसकी चर्चा हर जिले में हो रही है। रविवार को लखनऊ में हुई बड़ी बैठक में अखिलेश यादव ने साफ कर दिया कि अब लड़ाई सीधे बूथ लेवल पर होगी।
सपा का लक्ष्य है - प्रदेश की हर विधानसभा सीट पर बीजेपी के 27 हजार वोट कम करना और उन्हें समाजवादी पार्टी के पाले में लाना।
क्या है अखिलेश का 27 हजार वाला फॉर्मूला?
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को समझाया कि 27 हजार कोई हवा-हवाई आंकड़ा नहीं है। यह वो वोट हैं जो सरकार की नीतियों से नाराज हैं। अखिलेश ने कहा कि पिछले कुछ सालों में जिन परिवारों पर अन्याय हुआ, अत्याचार हुआ, जिनके साथ धोखा हुआ, सपा उन सब तक पहुंचेगी।
योजना के मुताबिक, हर बूथ पर ऐसे 20 से 25 परिवारों को चिन्हित किया जाएगा, जो किसी न किसी सरकारी कार्रवाई, उत्पीड़न या अनदेखी के शिकार हुए हैं। इनमें पेपर लीक से पीड़ित युवा, कम मुआवजे से नाराज किसान, बेरोजगार नौजवान और वंचित वर्ग के लोग शामिल होंगे। अगर एक विधानसभा में औसत 350 बूथ हैं और हर बूथ से 80 वोट भी सपा अपने पक्ष में करने में सफल रहती है, तो यह आंकड़ा 27 से 28 हजार तक पहुंच जाता है। यही बीजेपी की हार का अंतर बनेगा।
अखिलेश ने कहा - "हमें हर उस घर में जाना है जहाँ आँसू हैं, जहाँ सरकार ने सुनवाई नहीं की। वही हमारी ताकत बनेंगे।"
PDA का 7वां ऑडिट रिपोर्ट - बीजेपी पर सीधा हमला
इस बैठक में सिर्फ चुनावी रणनीति ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी ने अपना 7वां PDA ऑडिट रिपोर्ट भी जारी किया। PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक - जो सपा का कोर वोट बैंक माना जाता है।
अखिलेश यादव ने इस रिपोर्ट के जरिए बीजेपी सरकार पर बहुत बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2017 से 2026 तक बीजेपी के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 151 से ज्यादा मूर्तियों को तोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मूर्ति तोड़ने की घटना नहीं है, यह सोच पर हमला है। जब भी मूर्ति तोड़ी जाती है, तो सबसे पहले उस हाथ को निशाना बनाया जाता है जिसमें बाबा साहेब ने संविधान पकड़ रखा है। इससे साफ पता चलता है कि बीजेपी संविधान को बदलना चाहती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के 72 जिलों में ऐसी घटनाएं हुई हैं। औसतन हर साल 15 मूर्तियां तोड़ी गईं, लेकिन पुलिस ने सिर्फ 14 मामलों में ही कार्रवाई की। अखिलेश ने कहा कि यह आंकड़ा सरकार के दलित विरोधी चेहरे को उजागर करता है और 2027 में यही मुद्दा गांव-गांव तक जाएगा।
सीएम योगी पर भी साधा निशाना
बैठक में अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि योगी जी ने जितने दौरे अपने गृह जिले गोरखपुर के किए हैं, उतने दौरे आज तक किसी मुख्यमंत्री ने अपने जिले के नहीं किए। इससे पता चलता है कि सरकार पूरे प्रदेश की नहीं, सिर्फ एक जिले की है।
उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यूपी में युवाओं का हक छीना गया है, आरक्षण में घोटाला हुआ है। पेपर लीक ने युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर दी है और देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक यूपी में ही हुए हैं। नौजवान दर-दर भटक रहा है, लेकिन सरकार आंकड़ों में नौकरी दिखा रही है।
किसानों के मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि सरकार जमीनों का सही सर्किल रेट नहीं दे रही, मुआवजा कम दिया जा रहा है। अयोध्या में जमीनों की खरीद-फरोख्त में बड़ा घोटाला हुआ है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
2027 की लड़ाई का नया चेहरा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव इस बार 2022 वाली गलती नहीं दोहराना चाहते। इस बार उनकी रणनीति सिर्फ गठबंधन की नहीं, बल्कि जमीन पर हर वोटर तक पहुंचने की है। 27 हजार वोट का टारगेट इसी जमीनी रणनीति का हिस्सा है।
सपा अब हर विधानसभा में PDA चौपाल, युवा संवाद और किसान पंचायत करेगी। हर बूथ पर 10 यूथ वॉलंटियर तैयार किए जाएंगे जो सोशल मीडिया से लेकर घर-घर संपर्क तक का काम संभालेंगे।
कुल मिलाकर, अखिलेश ने यह साफ कर दिया है कि 2027 का चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और संविधान बचाने का चुनाव होगा। और इसकी तैयारी आज से ही शुरू हो चुकी है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World September 21,2026
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