Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Saturday, 26 September 2026

इजरायल के रक्षा मंत्री का एर्दोगन पर बड़ा हमला - कहा कागजी सुल्तान है तुर्की राष्ट्रपति, इजरायल से भिड़ने की गलती मत करो!

इजरायल के रक्षा मंत्री का एर्दोगन पर बड़ा हमला - कहा कागजी सुल्तान है तुर्की राष्ट्रपति, इजरायल से भिड़ने की गलती मत करो!
- Friday World September 27,2026 
इजरायल और तुर्की के बीच जुबानी जंग अब खुली धमकी तक पहुंच गई है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण पर कड़ा पलटवार करते हुए उन्हें 'कागजी सुल्तान' करार दिया है और चेतावनी दी है कि तुर्की को इजरायल से भिड़ने की गलती नहीं करनी चाहिए। 

एर्दोगन ने UN में क्या कहा था?

81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में न्यूयॉर्क में बोलते हुए एर्दोगन ने गाजा की स्थिति को "हमारे समय का सबसे अमानवीय और शर्मनाक कंसंट्रेशन कैंप" बताया था। उन्होंने इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए और उन देशों से फलस्तीनी राज्य को मान्यता देने की अपील की जो अभी तक नहीं कर रहे हैं। उन्होंने इजरायल पर युद्ध रोकने के लिए और ज्यादा दबाव बनाने की भी मांग की। 

एर्दोगन ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र अब शांति बनाए रखने के अपने कर्तव्य को पूरा करने में सक्षम नहीं है और सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत है।

काट्ज का पलटवार - कागजी सुल्तान

एर्दोगन के इस भाषण के बाद इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी प्रतिक्रिया दी। काट्ज ने एर्दोगन के भाषण को "यहूदी-विरोधी और भड़काऊ" बताया। 

काट्ज ने लिखा, "एर्दोगन एक कागजी सुल्तान है। वह भड़काऊ और यहूदी-विरोधी भाषणों में तो मजबूत है, लेकिन एक्शन में कमजोर है। मैं उसे सलाह देता हूँ कि इजरायल से खेलना बंद करे।" 

उन्होंने आगे धमकी भरे लहजे में कहा, "इजरायल मजबूत है और अपनी रक्षा करना जानता है। हम वो कुर्द या वो बेसहारा लोग नहीं हैं जिन पर वह आज भी तुर्की में जुल्म करता है।" 

काट्ज ने एर्दोगन पर हमास को पैसा देने और गले लगाने का भी आरोप लगाया और कहा कि वह "ओटोमन साम्राज्य को फिर से बहाल करने" का सपना देखता है। 

काट्ज ने मक्का समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "अब उसने सऊदी अरब की रक्षा के लिए 'मक्का समझौता' पर हस्ताक्षर किया है, लेकिन जब हूतियों ने मक्का पर मिसाइलें दागीं और वादे को निभाने का समय आया, तो वह हवा में गायब हो गया।" 

तुर्की का जवाब

तुर्की ने भी काट्ज के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तुर्की के संचार प्रमुख बुहरानेटिन दुरान ने कहा कि काट्ज की टिप्पणियां गाजा की घटनाओं या इजरायली सरकार पर लगे आरोपों को नहीं छिपा पाएंगी। 

उन्होंने कहा कि इतिहास टीवी सीरियलों से नहीं सीखा जाता, बल्कि राष्ट्रों की सामूहिक यादों में लिखा जाता है। तुर्की फलस्तीनी अधिकारों का समर्थन जारी रखेगा।

बढ़ता तनाव

पिछले साल भी एर्दोगन ने गाजा युद्ध को लेकर इजरायल की कड़ी आलोचना की थी। तुर्की ने इजरायल के साथ अपना व्यापार रोकने का ऐलान भी किया था, हालांकि UN रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ व्यापार अभी भी अप्रत्यक्ष रूप से जारी है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह जुबानी जंग सिर्फ बयानबाजी नहीं है, बल्कि मध्य पूर्व में तुर्की और इजरायल के बढ़ते प्रभाव की लड़ाई है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World September 27,2026 

#IsraelKatz #Erdogan #TurkeyIsrael #UNGA #GazaWar #PaperSultan #MiddleEast #IsraelTurkeyTension #UNGeneralAssembly #ErdoganSpeech