नई दिल्ली कांग्रेस की 'फर्स्ट फैमिली' पर एक और कानूनी तलवार लटक गई है। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने 3 अक्टूबर को दर्ज नई एफआईआर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत आठ लोगों पर आपराधिक साजिश रचकर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को धोखे से हथियाने का गंभीर आरोप लगाया है। एजेएल, जो नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक कंपनी है, की संपत्ति का मूल्य करीब 2,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह एफआईआर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर आधारित है, जो मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में नए सबूत जुटा रही है।
केस की जड़ें: पुराना विवाद, नया हमला नेशनल हेराल्ड केस 2014 से कोर्ट-कचहरी की दुनिया में घूम रहा है, लेकिन 2025 में यह फिर गरमाया। ईडी की चार्जशीट में दावा है कि सोनिया गांधी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपनी स्थिति का दुरुपयोग कर 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' (वाईआई) के जरिए सार्वजनिक धन को निजी फायदे के लिए मोड़ दिया। वाईआई में सोनिया और राहुल के पास 38-38 फीसदी शेयर हैं, जो कुल 76 फीसदी हो जाते हैं।
ईडी का आरोप है कि 2008 से 2024 तक चली साजिश में एजेएल के कर्ज को वाईआई ने मात्र 50 लाख रुपये में 'खरीद' लिया, जबकि कंपनी की दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में करोड़ों की संपत्तियां थीं। इसमें शेल कंपनी डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड से 1 करोड़ रुपये का फर्जी ट्रांसफर भी शामिल है। ईडी ने पीएमएलए की धारा 66(2) का इस्तेमाल कर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग केस को मजबूत बनाया जा सके।
एफआईआर में नाम: गांधी परिवार के अलावा ये चेहरे एफआईआर में सोनिया, राहुल के अलावा इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चीफ सैम पित्रोड़ा, पत्रकार सुमन दुबे, प्रमोटर सुनिल भंडारी और तीन कंपनियां – एजेएल, वाईआई व डॉटेक्स – आरोपी बनाए गए हैं। आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 403 (ईमानदार संपत्ति का दुरुपयोग), 406 (विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज है। ईओडब्ल्यू ने 4 सितंबर को ईडी से मिले सबूतों के आधार पर यह कदम उठाया।
कांग्रेस का पलटवार: 'राजनीतिक बदले की कार्रवाई' कांग्रेस ने इसे 'मोदी-शाह की साजिश' करार दिया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, "यह जांच नहीं, बल्कि उत्पीड़न है। ईडी बीजेपी की 'कोलिशन पार्टनर' बन चुकी है।" राहुल गांधी के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि यह सब एजेएल को पुनर्जीवित करने का प्रयास था, न कि कोई घोटाला। सोनिया-राहुल को पहले भी ईडी ने घंटों पूछताछ की थी, लेकिन वे हमेशा निर्दोष साबित होने का दावा करते रहे।
कोर्ट में अगला कदम: दिसंबर में फैसला दिल्ली कोर्ट ने ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला 16 दिसंबर तक टाल दिया है। नई एफआईआर के बाद अब मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को तय करना होगा कि आरोपी ट्रायल का सामना करेंगे या नहीं। 2023 में ईडी ने संपत्तियों पर अस्थायी अटैचमेंट लगाया था, जो अप्रैल 2025 में पुष्टि हो चुका। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की मूल शिकायत से शुरू यह केस अब राजनीतिक रंग ले चुका है।
क्या होगा असर? यह एफआईआर नेशनल हेराल्ड को 'कागजी युद्ध' से 'पूर्ण मुकदमा' में बदल देगी। कांग्रेस के लिए यह लोकसभा चुनावों से पहले बड़ा झटका है, जबकि बीजेपी इसे 'भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग' बता रही। विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट तक यह लंबा खिंचेगा। सवाल यह है – क्या यह जांच सच्चाई उजागर करेगी या राजनीतिक खेल का शिकार बनेगी?
एक बात तय है: गांधी परिवार पर केंद्रित यह केस भारतीय राजनीति के सबसे विवादास्पद अध्यायों में शुमार हो चुका है।
✒️सज्जाद अली नायाणी