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Thursday, 25 December 2025

गुजरात में फर्जी डॉक्टरों का खतरनाक नेटवर्क: 20 साल से चल रहा था धंधा

गुजरात में फर्जी डॉक्टरों का खतरनाक नेटवर्क: 20 साल से चल रहा था धंधा
सज्जाद अली नायाणी ✍🏼फ्राइडे वर्ल्ड 25/12/2025
सूरत, गुजरात। दिसंबर 2024 में एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई जिसने पूरे मेडिकल सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। यहां सिर्फ 70-75 हजार रुपये में फर्जी मेडिकल डिग्री बेची जा रही थी। 8वीं, 10वीं पास लोग भी क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर रहे थे। यह घोटाला 2002 से यानी पिछले 22 साल से लगातार चल रहा था। पुलिस ने जब इसकी तह तक पहुंची तो सामने आया एक बड़ा संगठित रैकेट। 

यह खेल कैसे चलता था? मुख्य आरोपी डॉ. रसेश गुजराती (सूरत) और बी.के. रावत (अहमदाबाद) ने 'Board of Electro Homeopathic Medicine' नाम का फर्जी बोर्ड बनाया। शुरू में इलेक्ट्रो-होम्योपैथी के नाम पर 3 साल का कोर्स दिखाते थे, लेकिन बाद में यह पूरी तरह फर्जी हो गया। किसी भी व्यक्ति को – चाहे वह सिर्फ 8वीं पास हो – 15 दिनों के अंदर BEMS (Bachelor of Electro Homeopathic Medicine & Surgery) की डिग्री, मार्कशीट, आईडी कार्ड और सर्टिफिकेट दे दिए जाते थे। कीमत 70-75 हजार रुपये। जो लोग अच्छा कमाते, उनसे हर साल 5 से 15 हजार रुपये की 'रिन्यूअल फीस' वसूलते थे। न देने पर धमकियां और पुलिस के नाम पर डर दिखाते थे। 

कितना बड़ा था यह स्कैम? पुलिस जांच में पता चला कि इस गिरोह के पास 1,200 से 1,600 फर्जी डिग्रियों का पूरा डेटाबेस था। यानी इतने लोग बिना किसी वैध पढ़ाई के 'डॉक्टर' बनकर प्रैक्टिस कर रहे थे। इनमें से कई क्लीनिकों में एलोपैथी दवाइयां, इंजेक्शन और छोटे-मोटे ऑपरेशन तक हो रहे थे।

 पुलिस ने 13-14 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें मुख्य आरोपी के साथ-साथ 10-14 फर्जी डॉक्टर भी शामिल थे। कई क्लीनिकों से ढेर सारी दवाइयां, इंजेक्शन और मेडिकल सामान बरामद हुआ। 

 सबसे दुखद हिस्सा एक फर्जी डॉक्टर ने गलत इलाज से एक मासूम बच्ची की जान चली गई। ऐसे कई मामले सामने आए जहां अनपढ़ और बिना प्रशिक्षण वाले लोग मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे। यह सिर्फ पैसों का खेल नहीं था, बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी का सवाल था। 

 सच्चाई यह है असली MBBS डॉक्टर बनने के लिए NEET की परीक्षा पास करके 5.5 साल की कड़ी पढ़ाई और इंटर्नशिप करनी पड़ती है। लेकिन यहां 70 हजार में 15 दिन में 'डॉक्टर' बन जाना आसान बना दिया गया। यह पूरे देश में फर्जी डॉक्टरों की बढ़ती समस्या का एक बड़ा उदाहरण है।

 अगर आप या आपके परिवार का कोई इलाज करवा रहा है तो कृपया हमेशा डॉक्टर की डिग्री, MCI या राज्य मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन और वैलिडिटी जरूर जांच लें। एक छोटी सी लापरवाही जिंदगी ले सकती है।
सज्जाद अली नायाणी ✍🏼
फ्राइडे वर्ल्ड 25/12/2025