चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं
सज्जाद अली नायाणी✍🏼फ्राइडे वर्ल्ड 27/12/2025
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए ताजा डेटा के मुताबिक, 2025 में 81 देशों से 24,600 से ज्यादा भारतीयों को डिपोर्ट (देश निकाला) किया गया। और सबसे बड़ा झटका... सऊदी अरब ने अकेले 11,000+ भारतीयों को बाहर निकाला –
यानी अमेरिका से लगभग तीन गुना ज्यादा! अमेरिका ने 2025 में 3,800 भारतीयों को डिपोर्ट किया, जो पिछले 5 सालों में सबसे ज्यादा है। इनमें ज्यादातर प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी थे। ट्रंप प्रशासन की सख्त वीजा जांच, ओवरस्टे और दस्तावेजों की कड़ी तलाशी के कारण यह बढ़ोतरी हुई। खासकर
वॉशिंगटन डीसी से 3,414 और ह्यूस्टन से 234 डिपोर्टेशन हुए। **2025 में टॉप 8 देशों से डिपोर्टेशन की रैंकिंग
- 🇸🇦 सऊदी अरब → 11,000+
- 🇺🇸 अमेरिका
→ 3,800 - 🇲🇲 म्यांमार
→ 1,591 - 🇲🇾 मलेशिया
→ 1,485- 🇦🇪 UAE
→ 1,469 - 🇧🇭 बहरीन
→ 764- 🇹🇭 थाईलैंड
→ 481- 🇰🇭 कंबोडिया
→ 305 विद्यार्थियों के लिए सबसे खतरनाक? ब्रिटेन! भारतीय छात्रों को डिपोर्ट करने में यूके (ब्रिटेन) पहले नंबर पर – 170 मामले! इसके बाद:
ऑस्ट्रेलिया (114), रूस (82), अमेरिका (45)।
यह सब क्यों हो रहा है? खाड़ी देशों (गल्फ) में ज्यादातर मामले वीजा ओवरस्टे, बिना परमिट काम करना, एम्प्लॉयर छोड़कर भागना या छोटे-मोटे अपराधों के कारण होते हैं। एजेंटों की लालच में फंसकर कई लोग गैरकानूनी कामों में पड़ जाते हैं। म्यांमार और कंबोडिया में तो
साइबर गुलामी के केस ज्यादा हैं – ऊंचे वेतन वाली नौकरी का लालच देकर लोगों को फंसाया जाता है, अवैध ऑनलाइन काम करवाया जाता है और फिर पकड़कर डिपोर्ट कर दिया जाता है।
चेतावनी की घंटी! विदेश जाने से पहले वीजा नियम, एजेंट की विश्वसनीयता और स्थानीय कानूनों की पूरी जानकारी लें। नहीं तो 24,600+ लोगों की तरह आपका सपना भी एक दिन में टूट सकता है!
ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं – हजारों परिवारों की उम्मीदों और सपनों की कहानी हैं। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें! 🇮🇳✈️
सज्जाद अली नायाणी✍🏼
फ्राइडे वर्ल्ड 27/12/2025