हुमायूं कबीर'- ने 22 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में एक बड़ी जनसभा में अपनी नई पार्टी **'जनता उन्नयन पार्टी' (JUP)** की औपचारिक घोषणा की। पार्टी का नाम 'जनता' (सामान्य लोग) और 'उन्नयन' (विकास) पर आधारित है, जो सामान्य जनता और वंचित वर्गों के विकास पर फोकस करेगी। हुमायूं कबीर ने कहा, "मेरी पार्टी सिर्फ सामान्य लोगों के विकास के लिए काम करेगी। हम धार्मिक विवादों से ज्यादा विकास की बात करेंगे।" उन्होंने पार्टी के चुनाव चिह्न के लिए पहली पसंद 'टेबल' और दूसरी 'ट्विन रोज़िज' (जोड़ा गुलाब) बताया। उल्लेखनीय है कि 2016 में निर्दलीय लड़ते समय उन्हें 'टेबल' चिह्न मिला था।
2026 विधानसभा चुनाव में बड़ा दावा आने वाले 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए हुमायूं कबीर ने बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो उनकी पार्टी सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। "हम कम से कम 90-135 सीटों पर लड़ेंगे और सरकार बनाने में किंगमेकर की भूमिका निभाएंगे। किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलेगा, और मेरे समर्थन के बिना सरकार नहीं बनेगी," उन्होंने आत्मविश्वास से कहा। उन्होंने TMC और BJP विरोधी सभी दलों से एकजुट होने की अपील की है। वे कांग्रेस, वामपंथी दल, ISF और अन्य के साथ गठबंधन की संभावना तलाश रहे हैं, लेकिन ममता बनर्जी की TMC को हटाने का स्पष्ट इरादा दिखाया है।
बाबरी मस्जिद विवाद की गूंज इस नई पार्टी के पीछे मुख्य कारण मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद का शिलान्यास है। 6 दिसंबर 2025 को (अयोध्या में बाबरी विध्वंस की वर्षगांठ पर) हुमायूं कबीर ने बेलडांगा में इस मस्जिद की नींव रखी थी। उन्होंने विवादास्पद बयान दिया था कि, "अगर अयोध्या में बाबरी तोड़ी जा सकती है तो हम यहां फिर बना सकते हैं।" इससे राज्य में भारी विवाद हुआ, और TMC ने उन्हें निलंबित कर दिया। इस प्रोजेक्ट में अस्पताल, गेस्ट हाउस और मीटिंग हॉल भी शामिल हैं।
कबीर ने कहा कि यह मुस्लिम समुदाय की प्रतिबद्धता है और पूरी होगी। BJP ने इसे वोटबैंक की राजनीति बताया, जबकि TMC ने पार्टी विरोधी कदम कहा।
मुर्शिदाबाद से शुरू हुआ नया अध्याय मुर्शिदाबाद (मुस्लिम बहुल क्षेत्र) से शुरू हुई यह पार्टी अल्पसंख्यक वोटरों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है। हुमायूं कबीर खुद भरतपुर सीट से विधायक हैं और अब रेजिनगर व बेलडांगा से भी लड़ने की तैयारी में हैं। सभा में कड़ी सुरक्षा के बीच बड़ी संख्या में लोग उमड़े थे।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह नई पार्टी कितना असर डालेगी, यह 2026 का चुनाव तय करेगा। लेकिन हुमायूं कबीर की इस राजनीतिक शुरुआत ने TMC और BJP दोनों को चेतावनी दे दी है!
सज्जाद अली नायाणी✍🏼