ईरान ने ओमान की खाड़ी में एक बड़ा ऑयल टैंकर जब्त किया है, जिसमें 60 लाख लीटर अवैध डीजल ईंधन भरा हुआ था। टैंकर पर भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश के 18 क्रू सदस्य सवार थे। ईरानी अर्धसरकारी मीडिया के अनुसार, यह टैंकर होर्मोजगान प्रांत के दक्षिणी तट के पास पकड़ा गया, जब यह खाड़ी में अवैध ईंधन की तस्करी कर रहा था।
अवैध ईंधन की ब्लैक ट्रेड- ईरान में ईंधन के दाम दुनिया के सबसे कम हैं, जिसकी वजह से तस्करी का बड़ा धंधा चलता है। ईरानी सेना नियमित रूप से ऐसे अवैध टैंकरों को रोकती है और यह हालिया कार्रवाई भी ऐसी ही एक बड़ी सफलता है। टैंकर ने अपनी नेविगेशन सिस्टम बंद कर रखी थी, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने इसे रोककर जांच की।
ईरान की सख्त नीति और अमेरिका का जवाब- ईरान पहले से ही अवैध व्यापार रोकने के लिए ऐसे ऑपरेशन करता रहा है। पिछले महीने भी एक टैंकर पकड़ा गया था। ईरान का कहना है कि यह किसी देश से बदला लेने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि अवैध व्यापार के खिलाफ लड़ाई है। नवंबर में उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अन्य टैंकर जब्त किया था।
दिलचस्प बात यह है कि ईरान की यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तट पर एक टैंकर जब्त करने के सिर्फ दो दिन बाद हुई है। अमेरिका ने कहा कि वह टैंकर ईरान और हिजबुल्लाह के प्रतिबंधित नेटवर्क का हिस्सा था।
टैंकर की असल हकीकत क्या है?
- ईरान: अवैध ईंधन रोकने का अधिकार।
- अमेरिका: ईरान की तस्करी और प्रतिबंधों का विरोध।
- - भारतीय क्रू: अब आगे क्या होगा?
इस तनावपूर्ण स्थिति में ईरान और अमेरिका के बीच विवाद बढ़ सकता है, और भारत को भी इस मामले में सतर्क रहना पड़ेगा। टैंकर के क्रू सदस्यों की सुरक्षा और रिहाई के लिए भारतीय सरकार क्या कदम उठाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
सज्जाद अली नायाणी✍