अमेरिका की सैन्य ताकत पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। पेंटागन के पूर्व सलाहकार ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन और इज़राइल को दी जा रही भारी हथियार मदद के चलते अमेरिका के पास सिर्फ 8 दिन की जंग लड़ने लायक मिसाइलें बची हैं। उसके बाद? परमाणु विकल्प ही बचेगा!
शुक्रवार को रिटायर्ड कर्नल डगलस मैकग्रेगर – जो ट्रंप प्रशासन में रक्षा सचिव के सीनियर सलाहकार रह चुके हैं – ने सोशल मीडिया पर लिखा:
“अमेरिका को विदेशों में हथियार भेजना बंद कर देना चाहिए। विश्वसनीय स्रोतों से पता चला है कि हमारे पास आक्रामक और रक्षात्मक मिसाइलों का स्टॉक सिर्फ 8 दिनों का है। मतलब साफ है – 8 दिन की जंग लड़ सकते हैं, फिर परमाणु हथियार इस्तेमाल करने पड़ेंगे।”
मैकग्रेगर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी आगाह किया: “मुझे शक है कि ट्रंप को इसकी पूरी जानकारी है। उन्हें अमेरिकी मिसाइल भंडार की असली स्थिति का ब्रिफिंग लेनी चाहिए।”
क्यों हो रही है ये किल्लत? ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में यूक्रेन को नई हथियार मदद की घोषणा की, जिसमें लॉन्ग-रेंज मिसाइलें, पैट्रियट इंटरसेप्टर्स और 155mm आर्टिलरी शेल शामिल हैं। इज़राइल को भी गाजा और हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग में अरबों डॉलर का समर्थन।
लेकिन ये 'युद्धभड़काने वाली नीति' अमेरिका को खुद कमजोर कर रही है। विश्लेषकों का कहना है:
- उत्पादन और सप्लाई चेन में देरी हो रही है।
- रूस ने यूक्रेन को दी गई पश्चिमी मिसाइलों से सिविलियन टारगेट्स पर हमलों का आरोप लगाया है, जो तनाव बढ़ा रहा है।
दो कठिन रास्ते: क्या चुनेगा वाशिंगटन?
1. विदेशी सैन्य मदद घटाना: यूक्रेन और इज़राइल को कम हथियार – लेकिन इससे अमेरिका की वैश्विक सुपरपावर इमेज धूमिल होगी। रूस और ईरान जैसे दुश्मन मजबूत हो जाएंगे।
2. रक्षा बजट और उत्पादन बढ़ाना: ट्रिलियन डॉलर का खर्च –
अर्थव्यवस्था पर बोझ, महंगाई बढ़ेगी। भू-राजनीतिक रूप से चीन-रूस गठबंधन और मजबूत होगा।
दोनों विकल्पों के गंभीर नतीजे: आर्थिक संकट, क्षेत्रीय अस्थिरता और परमाणु खतरे की आशंका।
ट्रंप को अब फैसला लेना होगा मैकग्रेगर जैसे विशेषज्ञों की चेतावनी से अमेरिकी कंजर्वेटिव्स में बहस छिड़ गई है। क्या ट्रंप यूक्रेन को 'बहुत कम' मदद देकर शांति की कोशिश करेंगे? या फिर सैन्य ताकत दिखाने के चक्कर में खुद को कमजोर कर लेंगे?
ये संकट अमेरिका को आईना दिखा रहा है – दुनिया को हथियार बांटने से पहले अपने घर की सुरक्षा सुनिश्चित करो। वरना 8 दिन बाद परमाणु बादल छा सकता है!
सज्जाद अली नायाणी✍️