सज्जाद अली नायाणी ✍🏼
फ्राइडे वर्ल्ड 24/12/2025
7 अक्टूबर 2023 को 'तूफ़ान अल-अक्सा' ऑपरेशन के बाद शुरू हुए युद्धों ने मध्य पूर्व की रणनीतिक तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया। इज़राइल ने ग़ज़ा से लेकर लेबनान, यमन, सीरिया और अंततः ईरान तक युद्ध का विस्तार किया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे "मध्य पूर्व में बदलाव" का नाम दिया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय शक्ति के रूप में ईरान को कमजोर या समाप्त करना था। लेकिन अल-जज़ीरा स्टडी सेंटर के विश्लेषण के अनुसार, इज़राइल न केवल स्थायी श्रेष्ठता हासिल करने में असफल रहा, बल्कि राजनीतिक रूप से पहले से अधिक अलग-थलग पड़ गया।
ग़ज़ा युद्ध ने इज़राइल की निरोधक क्षमता को बहाल करने के बजाय उसकी गहरी सुरक्षा कमजोरियों को उजागर किया। भारी विनाश और मानवीय संकट के बावजूद, हमास को पूरी तरह कुचलना संभव नहीं हो सका। ग़ज़ा पट्टी पर पूर्ण नियंत्रण हासिल नहीं हुआ और फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध आज भी समीकरण का अहम हिस्सा बना हुआ है।
इसी तरह, लेबनान में हिज़्बुल्लाह और यमन में अंसारअल्लाह (हूती) को भले ही क्षति पहुंची, लेकिन दोनों ने अपनी पुनर्निर्माण क्षमता, सामाजिक आधार और क्षेत्रीय भूमिका को बरकरार रखा। इज़राइल की अधिकतम सैन्य दबाव की नीति अपेक्षित निरोधक परिणाम देने में नाकाम रही।
2025 में इज़राइल ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हमलों के ज़रिए ईरान को निशाना बनाया, जिसमें जून की 12-दिवसीय तीव्र जंग शामिल है। इज़राइल का लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करना, मिसाइल क्षमता को कमजोर करना और क्षेत्रीय प्रभाव को समाप्त करना था। लेकिन अल-जज़ीरा के अनुसार, ईरान ने अपनी रणनीतिक गहराई, प्रमुख क्षमताओं और क्षेत्रीय स्थिति को बनाए रखा। यद्यपि कुछ कमजोरियां उजागर हुईं, ईरान को क्षेत्रीय शक्ति समीकरण से बाहर नहीं किया जा सका।
यह संघर्ष 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' की लचीलापन को भी दर्शाता है। हिज़्बुल्लाह, हूती और अन्य सहयोगी ताकतों ने इज़राइल पर दबाव बनाए रखा, जिससे इज़राइल की रणनीति सीमित सफलता तक ही पहुंच पाई।
अंत में, युद्धों का नतीजा इज़राइल के बढ़ते अलगाव, अब्राहम समझौतों जैसी सामान्यीकरण प्रक्रिया में ठहराव और पश्चिम एशिया में अस्थिरता की ओर इशारा करता है। शक्ति का पुनर्वितरण हुआ है, लेकिन कोई स्थायी नया संतुलन अभी उभर नहीं सका। क्षेत्र अब एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहां पुरानी श्रेष्ठताएं चुनौती का सामना कर रही हैं और नई ताकतें अपनी जगह तलाश रही हैं।
सज्जाद अली नायाणी ✍🏼
फ्राइडे वर्ल्ड 24/12/2025