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Saturday, 20 December 2025

‘लाख डॉलर टैक्स देने वाले को भी डिपोर्ट करो’: ट्रंप समर्थक ने भारतीयों पर जहर उगला, कहा- अमेरिकी संस्कृति बर्बाद कर रहे हैं भारतीय"

‘लाख डॉलर टैक्स देने वाले को भी डिपोर्ट करो’: ट्रंप समर्थक ने भारतीयों पर जहर उगला, कहा- अमेरिकी संस्कृति बर्बाद कर रहे हैं भारतीय"
अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले भारतीय प्रोफेशनल्स को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।

 रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक और MAGA इन्फ्लुएंसर एंड्र्यू ब्रांका ने एक वीडियो में भारतीयों के खिलाफ तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारतीय अमेरिकी संस्कृति को "बर्बाद" कर रहे हैं और उन्हें डिपोर्ट कर देना चाहिए – भले ही वे सालाना लाखों डॉलर का टैक्स चुकाते हों।

 ब्रांका, जो खुद को प्रो-अमेरिकन बताते हैं और पेशे से एटॉर्नी हैं, अपने वीडियो में कहते हैं: "अगर कोई भारतीय H-1B वीजा पर काम करके 1 लाख डॉलर का टैक्स देता है तो भी उसे डिपोर्ट कर देना चाहिए। ये नौकरियां अमेरिकनों की हैं, और भारतीय उन्हें 'चोरी' कर रहे हैं।"

 उन्होंने आगे कहा कि भारतीय "थर्ड वर्ल्ड कल्चर" लाकर अमेरिका की "हाई ट्रस्ट, लार्जली व्हाइट कल्चर" को दूषित कर रहे हैं। 

यह वीडियो X (ट्विटर) पर पोस्ट किया गया है, जिसमें ब्रांका ने दावा किया कि अमेरिकी भी ये ही नौकरियां करके उतना ही टैक्स चुका सकते हैं। उनके अनुसार, भारतीयों का आर्थिक योगदान कोई मायने नहीं रखता, क्योंकि यह अमेरिकी सांस्कृतिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाता है।

 इस बयान से अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय में भय का माहौल फैल गया है। भारतीय प्रोफेशनल्स अमेरिकी टेक इंडस्ट्री में बड़ा योगदान देते हैं। H-1B वीजा होल्डर्स में ज्यादातर भारतीय हैं, जो अरबों डॉलर का टैक्स चुकाते हैं और इनोवेशन में मदद करते हैं। 

फिर भी, ट्रंप के कुछ समर्थकों में भारतीयों के प्रति ईर्ष्या और विरोध देखने को मिलता है। कई भारतीय सालों तक ग्रीन कार्ड की राह देखते रहते हैं, फिर भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं।

 ब्रांका जैसे लोगों की यह आलोचना नस्लीय और ज़ेनोफोबिक मानी जा रही है। 

यह विवाद ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी से जुड़ा है, जिसमें H-1B वीजा पर सख्ती बढ़ाने की बातें चल रही हैं। 

ऐसी आलोचनाओं के बीच भी भारतीय अमेरिका में सफलता हासिल कर रहे हैं, लेकिन ऐसे बयान तनाव बढ़ा रहे हैं।
सज्जाद अली नायाणी✍