काबुल– अफ़ग़ानिस्तान के तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्तकी ने पाकिस्तान को खुली चेतावनी दे दी है। पाकिस्तान द्वारा भारत के साथ तालिबान के बढ़ते संबंधों पर बार-बार ऐतराज़ जताने के जवाब में मुत्तकी ने साफ़ कहा – “पाकिस्तान को यह तय करने का कोई अधिकार नहीं कि अफ़ग़ानिस्तान दूसरे देशों के साथ कैसे रिश्ते रखे।”
मुत्तकी ने कहा, “हमने पाकिस्तान के साथ हमेशा सहनशीलता दिखाई, लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार हमारी संप्रभुता का उल्लंघन किया है – सीमा पर हवाई हमले, व्यापार मार्ग बंद करना और अफ़ग़ान शरणार्थियों को परेशान करना जारी रखा है।”
उन्होंने पाकिस्तान के बदलते-बदलते आरोपों पर तंज कसा: “कल तक कहा जाता था कि टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) हमारा है, फिर कहा गया बलूच विद्रोह हम चला रहे हैं, और अब कहते हैं कि भारत इसमें शामिल है। ये बहाने ख़त्म होंगे या नहीं?”
भारत के साथ रिश्तों पर तालिबान का साफ़ स्टैंड विदेश मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा: “भारत के साथ हमारे राजनीतिक, आर्थिक और व्यापारिक संबंध हैं। हम एक संप्रभु देश हैं। हमें हर देश के साथ संबंध रखने का पूरा हक़ है। कोई हमें डिक्टेट नहीं कर सकता।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ महीनों में भारत और तालिबान के बीच उच्चस्तरीय मुलाक़ातें हुई हैं, व्यापार बढ़ा है और अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय मानवीय सहायता भी जारी है।
पाकिस्तान लगातार दावा करता रहा है कि भारत अफ़ग़ान सरज़मीन से उसके ख़िलाफ़ आतंकी गतिविधियाँ चला रहा है – आरोप जिसे भारत और तालिबान दोनों सिरे से खारिज करते हैं।
तालिबान के इस कड़े रुख़ से साफ़ है कि काबुल अब इस्लामाबाद के दबाव में आने को तैयार नहीं। आने वाले दिनों में भारत-अफ़ग़ानिस्तान संबंध और मज़बूत हो सकते हैं, जिससे पाकिस्तान की बेचैनी और बढ़ने की आशंका है।