बिश्केक। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है कि अगर एकतरफा प्रतिबंधों का सिलसिला नहीं रुका तो दोनों देशों के बीच जो थोड़ा-बहुत द्विपक्षीय रिश्ता बचा है, वह भी पूरी तरह ख़त्म हो जाएगा।
शुक्रवार को कज़ाक़िस्तान में हुए सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) के सालाना शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन ने कहा, “हर नया प्रतिबंध रूस और अमेरिका के बीच विश्वास की आख़िरी ईंट भी तोड़ रहा है। यह नीति न सिर्फ़ रूस को नुक़सान पहुँचाती है, बल्कि अमेरिका के अपने हितों को भी चोट पहुँचा रही है।”
यूक्रेन मुद्दे पर पुतिन ने पहली बार सकारात्मक लहजा अपनाते हुए कहा कि वॉशिंगटन जिस नए प्रस्ताव पर काम कर रहा है, अगर वह वास्तविकता के धरातल पर आधारित होगा तो उसे बातचीत का आधार बनाया जा सकता है।
पश्चिमी देशों के उस प्रचार को पुतिन ने सिरे से नकार दिया जिसमें दावा किया जा रहा है कि रूस यूरोप पर हमला करने वाला है। उन्होंने हँसते हुए कहा,
“ये डरावनी कहानियाँ सिर्फ़ इसलिए गढ़ी जा रही हैं ताकि यूरोप के लोग डरें और हथियारों की फैक्ट्रियाँ चलती रहें। रूस का किसी पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है।”
CSTO सम्मेलन में पुतिन ने सदस्य देशों (अर्मेनिया, बेलारूस, कज़ाक़िस्तान, किर्गिज़स्तान, ताजिकिस्तान) को भरोसा दिलाया कि रूस उनकी सुरक्षा की पूरी ज़िम्मेदारी लेगा। इसके लिए नई पीढ़ी के हथियार, संयुक्त सैन्य अभ्यास और त्वरित प्रतिक्रिया बल को और मज़बूत किया जाएगा।
विश्लेषकों का कहना है कि पुतिन का यह बयान साफ़ संकेत है कि रूस अब पश्चिम के दबाव में न झुकने का मन बना चुका है। बल्कि मध्य एशिया और पूर्वी यूरोप में अपना सैन्य और राजनीतिक दायरा और विस्तार देने की तैयारी कर रहा है।
अंत में पुतिन ने अमेरिका को नसीहत देते हुए कहा, “प्रतिबंधों से रूस नहीं रुकेगा, बल्कि दुनिया में ऐसे देशों की संख्या बढ़ेगी जो अमेरिका पर भरोसा करना बंद कर देंगे।”
सज्जाद अली नायाणी ✍️