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Tuesday, 23 December 2025

मंदिर में पानी पीने पर कुल्हाड़ी से हमला: दलित युवक पर पुजारी का क्रूर प्रहार

मंदिर में पानी पीने पर कुल्हाड़ी से हमला: दलित युवक पर पुजारी का क्रूर प्रहार
पीड़ित: बबलू बैरवा (दलित) 
आरोपी: राजू (पुजारी)

 एक चौंकाने वाली घटना में, रविदास बाबा के मंदिर में मटकी से पानी पीने मात्र से दलित युवक बबलू बैरवा पर पुजारी राजू ने कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। यह मंदिर दलित समुदाय का अपना था, जहां समानता और भक्ति की उम्मीद की जाती है, लेकिन यहां जातीय भेदभाव ने हिंसा का रूप ले लिया।

 घटना की जानकारी के अनुसार, बबलू बैरवा मंदिर में पानी पी रहे थे जब पुजारी राजू ने उन्हें रोकते हुए जातिसूचक गालियां दीं और अचानक कुल्हाड़ी निकालकर हमला कर दिया। बबलू को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंदिर雖 दलितों का होने के बावजूद, कुछ लोग पुरानी जातीय मानसिकता से ग्रस्त हैं और ऐसे छोटे-छोटे कार्यों पर भी हिंसा भड़क उठती है। 

मामला 22/12/2023 का 

यह घटना एक बार फिर समाज में बनी हुई जातीय दरार को उजागर करती है। संविधान के अनुच्छेद 17 में अस्पृश्यता को समाप्त किया गया है, फिर भी ग्रामीण इलाकों में ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। दलित समुदाय के लोग अक्सर मंदिरों, कुओं या सार्वजनिक स्थलों पर पानी पीने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी भेदभाव का शिकार होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा और कानूनी जागरूकता के अभाव में ऐसी घटनाएं जारी हैं।

 पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पुजारी राजू के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। दलित संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और न्याय की मांग की है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि ऐसी घटनाएं न केवल व्यक्तिगत पीड़ा का कारण बनती हैं, बल्कि पूरे समाज में अविश्वास और तनाव पैदा करती हैं। 

 यह बात हमें याद दिलाता है कि समानता की लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है। डॉ. भीमराव अंबेडकर की शिक्षाओं और रविदास बाबा जैसे संतों के संदेशों को जीवंत रखने की जरूरत है, जहां सभी मनुष्य बराबर हैं। उम्मीद है कि इस घटना से सबक लेकर समाज आगे बढ़ेगा और ऐसी क्रूरता का अंत होगा।

सज्जाद अली नायाणी✍🏼