भावनगर। गुजरात के भावनगर शहर में खोजा शिया समाज ने एक बार फिर मानव सेवा की अनूठी मिसाल पेश की है। हजरत जनाबे फातिमा ज़हरा (स.अ.) की विलादत (जन्म जयंती) के पावन अवसर पर समाज द्वारा थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों के लाभार्थ रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महदी स्कूल में संपन्न हुआ, जिसमें शहर के विधायक एवं कृषि मंत्री श्री जितुभाई वाघाणी की प्रेरक उपस्थिति ने सभी को उत्साहित किया।
थैलेसीमिया एक गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसमें पीड़ित बच्चों को नियमित रूप से रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। ऐसे में रक्तदान जैसे पुनीत कार्य से न केवल जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि समाज में जागरूकता भी फैलाई जा सकती है। खोजा शिया समाज ने इसी उद्देश्य से इस शिविर का आयोजन किया, जो धार्मिक अवसर को सामाजिक सेवा से जोड़ने का बेहतरीन उदाहरण है। हजरत फातिमा ज़हरा (स.अ.) की जन्म जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल आस्था का प्रतीक बना, बल्कि मानवता की सेवा का संदेश भी लेकर आया।
शिविर में शहर के कई नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विधायक श्री जितुभाई वाघाणी ने अपनी उपस्थिति से सभी दानवीरों को प्रोत्साहित किया और रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद करते हैं। उनकी प्रेरणा से कई युवा आगे आए और रक्तदान किया।
यह आयोजन खोजा शिया समाज की उस परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें धार्मिक त्योहारों को सामाजिक उत्थान से जोड़ा जाता है। थैलेसीमिया जैसे रोग से जूझ रहे बच्चों के लिए यह रक्तदान जीवनदायिनी साबित होगा। समाज के पदाधिकारियों ने सभी दानवीरों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प लिया।
इस तरह के प्रयास न केवल भावनगर शहर बल्कि पूरे गुजरात के लिए प्रेरणादायी हैं। रक्तदान महादान है – यह संदेश इस शिविर ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया।
सज्जाद अली नायाणी✍