वाशिंगटन: अमेरिका में अश्वेत प्रवासी (मुख्य रूप से अफ्रीकी और कैरिबियाई मूल के) नस्लीय पूर्वाग्रह और आव्रजन स्थिति के आधार पर दोहरे भेदभाव का शिकार हो रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि उनकी जनसंख्या हिस्सेदारी की तुलना में निर्वासन (डिपोर्टेशन) की दर कई गुना अधिक है, जो प्रणालीगत नस्लवाद को उजागर करता है।
असमान निर्वासन दर
ब्लैक एलायंस फॉर जस्ट इमिग्रेशन (BAJI) की रिपोर्ट के अनुसार, अश्वेत प्रवासी अवैध प्रवासियों की कुल आबादी का केवल 5.4% हैं, लेकिन आपराधिक सजाओं पर आधारित निर्वासनों में उनकी हिस्सेदारी 20.3% तक पहुंच जाती है। 'द अमेरिकन प्रॉस्पेक्ट' में प्रकाशित विश्लेषण से पता चलता है कि यह असमानता पुलिस संपर्क से शुरू होती है।
पुलिस संपर्क से शुरू होने वाली प्रक्रिया
BAJI के आंकड़ों में उल्लेख है कि अश्वेत प्रवासियों के 76% निर्वासन मामले सीधे आव्रजन एजेंसियों के ऑपरेशन से नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस के साथ सामान्य संपर्क (जैसे ट्रैफिक स्टॉप) से शुरू होते हैं। यह "प्रिजन टू डिपोर्टेशन पाइपलाइन" अमेरिकी अश्वेतों की ओवर-पुलिसिंग से जुड़ा है, जहां नस्लीय प्रोफाइलिंग प्रवासियों को भी प्रभावित करती है।
2025 में बड़े पैमाने की छापेमारी
2025 में न्यूयॉर्क, शिकागो और अन्य शहरों में आईसीई (आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन) की बड़े पैमाने की छापेमारी ने इस समस्या को और उजागर किया। ये ऑपरेशन स्थानीय पुलिस और आईसीई के बीच सहयोग समझौतों पर आधारित हैं, जिनमें अश्वेत समुदायों को असमान रूप से निशाना बनाया गया। कई मामलों में अमेरिकी नागरिक भी गलती से हिरासत में लिए गए।
हिरासत केंद्रों में दुर्व्यवहार निर्वासन के बाद भेदभाव खत्म नहीं होता। फ्रीडम फॉर इमिग्रेंट्स की 2022 रिपोर्ट के अनुसार, आईसीई हिरासत में अश्वेत प्रवासी केवल 6% हैं, लेकिन दुर्व्यवहार की 28% शिकायतें और अकेले कारावास (सॉलिटरी कन्फाइनमेंट) के 24% मामले इन्हीं से संबंधित हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ता इसे व्यवस्थित नस्लवाद का प्रमाण मानते हैं।
दोहरी चुनौती और आगे की राह
अश्वेत प्रवासी नस्ल और आव्रजन स्थिति के आधार पर दोहरे भेदभाव का सामना कर रहे हैं। पुलिस संपर्क से हिरासत और निर्वासन तक का पैटर्न अन्य समूहों की तुलना में उन्हें अधिक प्रभावित करता है। विशेषज्ञ सुधारों की मांग कर रहे हैं, जैसे पुलिस-आईसीई सहयोग खत्म करना और हिरासत प्रणाली में पारदर्शिता लाना, ताकि यह अदृश्य अन्याय समाप्त हो।
सज्जाद अली नायाणी✍🏼