“जो देश कोकीन या फेंटेनिल बनाकर अमेरिका भेजेगा, वह हमले के दायरे में होगा। कोलंबिया में कोकीन के कारखाने हैं
– ऐसा करने वाला कोई भी देश निशाने पर होगा।” बस इतना सुनना था कि कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने तुरंत पलटवार कर दिया। सोशल मीडिया पर लिखा:
“हमारी संप्रभुता को धमकी मत दो। हमारे ऊपर हमला करना युद्ध की घोषणा होगा।”
पेत्रो ने आगे ट्रंप को खुला न्योता भी दे डाला: “आओ कोलंबिया, खुद आँखों से देख लो। हमने 18,000 से ज़्यादा ड्रग लैब्स तबाह कर दिए हैं। हजारों टन कोकीन अमेरिका पहुँचने से पहले ही रोक लिया। फिर भी हमला करने की बात?”
200 साल का दोस्ती अब खतरे में कोलंबिया दशकों से अमेरिका का सबसे भरोसेमंद लैटिन अमेरिकी साथी रहा है। प्लान कोलंबिया के तहत अरबों डॉलर की मदद ली। लेकिन ट्रंप की एक धमकी ने सब बदल दिया।
पेत्रो ने साफ चेतावनी दी: “हमारी संप्रभुता पर हाथ डाला तो दो सदी के कूटनीतिक रिश्ते खत्म हो जाएँगे।”
चार बड़े खतरे जो अब सामने हैं
1. अमेरिका अपना सबसे पुराना लैटिन सहयोगी खो देगा
2. कोलंबिया चीन और रूस की तरफ़ खिसक सकता है
3. पूरे लैटिन अमेरिका में अमेरिका-विरोधी लहर उठ सकती है
4. ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई कमज़ोर पड़ेगी, कार्टेल और ताकतवर होंगे
नया तनाव शुरू हो चुका है ट्रंप की “हमला करेंगे” वाली भाषा और पेत्रो का “जंग मान लेंगे” वाला जवाब बता रहा है कि कोलंबिया-अमेरिका रिश्तों में तूफ़ान आने वाला है।
एक तरफ़ अमेरिका ड्रग्स रोकने के नाम पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहा है, दूसरी तरफ़ कोलंबिया कह रहा है – “हम सबसे ज़्यादा कोकीन रोक रहे हैं, फिर भी धमकी? ये बर्दाश्त नहीं होगा।”
अगर ये मौखिक जंग आगे बढ़ी तो न सिर्फ़ दोनों देशों के रिश्ते ख़राब होंगे, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका में अमेरिका की पकड़ ढीली पड़ सकती है। पेत्रो ने आखिरी ललकार ही दी:
“धमकी देने से पहले ज़मीन पर आओ, जंगलों में चलो। देखो हम कार्टेल से कैसे लड़ रहे हैं।”
अब सवाल सिर्फ़ एक है – ट्रंप पीछे हटेंगे या लैटिन अमेरिका में नया संकट खड़ा करेंगे?
सज्जाद अली नायाणी✍️