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Thursday, 4 December 2025

जर्मनी रोजगार घोटाला: MoU साइन, मंत्रीजी का जर्मनी दौरा, करदाताओं का पैसा पानी... और रिजल्ट ज़ीरो!

जर्मनी रोजगार घोटाला: MoU साइन, मंत्रीजी का जर्मनी दौरा, करदाताओं का पैसा पानी... और रिजल्ट ज़ीरो!
महाराष्ट्र में भाजप सरकार के कार्यकाल में एक और “शून्य” जोड़ दिया गया है। जर्मनी के साथ कुशल कामगार भेजने का भव्य सामंजस्य करार (MoU) हुआ,

 तत्कालीन शिक्षा मंत्री (जिन पर पहले ही स्कूल यूनिफॉर्म घोटाले का आरोप है) खुद जर्मनी दौरे पर गए, करदाताओं के करोड़ों रुपए विज्ञापनों और विदेश यात्राओं पर लुटाए गए – लेकिन आज तक एक भी महाराष्ट्र का युवा जर्मनी में नौकरी पाने नहीं जा सका।

 परिणाम? पूर्णतः शून्य! राज्य में पहले से ही बेरोजगारी चरम पर है, लाखों युवा नौकरी की आस में भटक रहे हैं। फिर भी सरकार विदेशी धरती पर रोजगार देने का ढोंग रचती है। MoU की स्याही सूखी नहीं कि मंत्रीजी का हवाई जहाज़ तैयार! फाइव-स्टार होटल, विदेशी डेलिगेशन, फोटो सेशन – सब कुछ हुआ, बस काम कुछ नहीं हुआ। 
सवाल यह है: - क्या यह सिर्फ दिखावा था? - क्या करदाताओं का पैसा सिर्फ नेताओं की विदेश यात्रा और प्रचार के लिए था? 
- घोटाले के आरोपी मंत्री को फिर से विदेश भेजना क्या सजा नहीं, बल्कि इनाम था? महाराष्ट्र की जनता अब जवाब मांग रही है। माजी मंत्री या वर्तमान सरकार में से कोई तो बोलिए – यह पैसा गया कहाँ और एक भी नौजवान जर्मनी क्यों नहीं पहुँचा?

 दिखावे की राजनीति बंद हो, असली रोजगार दो – यही जनता की पुकार है!

सज्जाद अली नायाणी✍️