ममता का 'रसोई क्रांति' वाला बम! महिलाओं से बोलीं – “चिमटा-बेलन लेकर तैयार रहो, नाम कटा तो सड़क पर उतरना” कृष्णनगर (नदिया)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को ऐसा बयान दे दिया कि पूरे राज्य में हड़कंप मच गया।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका पर तमतमाईं दीदी ने महिलाओं को खुला ऐलान कर दिया – “अगर आपका नाम काटा गया तो रसोई के औजारों – चिमटा, बेलन, कड़छी – लेकर सड़क पर तैयार रहो!”
क्या बोलीं ममता बनर्जी? कृष्णनगर की जनसभा में ममता ने मंच से गरजते हुए कहा: - “माँ-बहनों का नाम मतदाता सूची से कोई नहीं काट सकता। - अगर मनमानी हुई तो महिलाएँ आगे आएंगी, पुरुष पीछे खड़े रहेंगे। - रसोई के हथियार लेकर तैयार रहो, हम धरने पर बैठेंगे, सड़क जाम करेंगे। - बंगाल से किसी को खदेड़ने नहीं दूंगी, चाहे वो रोहिंग्या का मामला हो या बांग्लादेशी घुसपैठिए का।”
SIR पर क्यों भड़कीं दीदी? पश्चिम बंगाल में 11 दिसंबर को SIR प्रक्रिया पूरी हुई। TMC का आरोप है कि भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग बांग्ला-भाषी और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में बड़े पैमाने पर नाम काट रहा है। ममता ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया। #### अमित शाह पर भी तीखा हमला ममता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “अमित शाह जी कहते हैं बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ देंगे। हम जानते हैं बंगाल से किसी को भगाने की कोशिश हुई तो उसे वापस कैसे लाना है। मैं बंगाल की मिट्टी का एक कण भी बाहर नहीं जाने दूंगी।”
महिलाओं में जोश, भाजपा में खलबली ममता के इस “बेलन-चिमटा” वाले बयान के बाद TMC कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है। ग्रामीण इलाकों में महिलाएँ मजाक-मजाक में कह रही हैं – “दीदी ने बोल दिया तो अब रोटी बेलते-बेलते ही क्रांति कर देंगे!” वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा, “लोकतंत्र में हिंसा की धमकी देना ममता बनर्जी की पुरानी आदत है। रसोई के औजारों से लोकतंत्र नहीं चलता।”
अब देखना यह है कि SIR के बाद आने वाली अंतिम मतदाता सूची में कितने नाम सचमुच कटते हैं, और अगर कटे तो बंगाल की गलियों में “रसोई क्रांति” सचमुच उतरती है या नहीं।
सज्जाद अली नायाणी ✍