नई दिल्ली: भारत की विदेश नीति एक बार फिर चमकी है! खाड़ी देशों से गहरे रिश्तों का फायदा अब रक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों क्षेत्रों में दिख रहा है। ओमान ने भारतीय वायुसेना को 20 से अधिक रिटायर्ड जगुआर फाइटर जेट्स उपहार में देने का फैसला किया है, जबकि UAE गुजरात में बड़े पैमाने पर निवेश की योजनाएं बना रहा है। ये दोनों कदम भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने और आर्थिक विकास को गति देने वाले साबित होंगे।
ओमान का ये बड़ा तोहफा भारतीय वायुसेना के लिए जीवनरक्षक साबित होगा। रॉयल एयर फोर्स ऑफ ओमान ने अपने रिटायर्ड जगुआर जेट्स भारत को ट्रांसफर करने का ऐलान किया है। ये जेट्स उड़ान के लिए नहीं, बल्कि मौजूदा जगुआर फ्लीट के लिए स्पेयर पार्ट्स के रूप में इस्तेमाल होंगे। भारतीय वायुसेना के पास अभी छह जगुआर स्क्वॉड्रन हैं, लेकिन प्रोडक्शन लाइन बंद होने से स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी है। इन जेट्स को तोड़कर इंजन, एवियोनिक्स और अन्य कंपोनेंट्स निकाले जाएंगे, जिससे जगुआर विमानों की सर्विसेबिलिटी बढ़ेगी और वे कई सालों तक ऑपरेशनल रहेंगे।
यह ट्रांसफर दिसंबर 2025 में ऐलान किया गया और प्रधानमंत्री मोदी की संभावित ओमान यात्रा से जुड़ा है। पहले फ्रांस, ब्रिटेन और ओमान से भी ऐसे जेट्स मिल चुके हैं। यह भारत-ओमान के मजबूत रक्षा सहयोग का प्रतीक है, जहां दोनों देश संयुक्त अभ्यास और रणनीतिक साझेदारी करते हैं। जगुआर, जिन्हें 'शमशेर' कहा जाता है, कारगिल युद्ध में शानदार रहे और अब तेजस आने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
दूसरी तरफ, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) गुजरात को निवेश का बड़ा हब बना रहा है। DP वर्ल्ड ने भारत में अतिरिक्त 5 बिलियन डॉलर निवेश का वादा किया है, जिसमें गुजरात के पोर्ट्स, टर्मिनल्स और इकोनॉमिक जोन्स शामिल हैं। पहले से 3 बिलियन डॉलर निवेश के अलावा, अब कांडला पोर्ट पर नया कंटेनर टर्मिनल बनेगा। अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) गिफ्ट सिटी में 4-5 बिलियन डॉलर का फंड सेटअप कर रहा है। फूड पार्क, रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी UAE की दिलचस्पी है।
वाइब्रेंट गुजरात समिट में UAE की कंपनियां सक्रिय रही हैं और CEPA समझौते के बाद द्विपक्षीय व्यापार तेजी से बढ़ा है। UAE भारत का तीसरा बड़ा ट्रेड पार्टनर है और गुजरात इसमें प्रमुख भूमिका निभा रहा है। ये निवेश रोजगार सृजन, लॉजिस्टिक्स सुधार और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देंगे। ओमान और UAE दोनों भारत के रणनीतिक साझेदार हैं।
ओमान का जेट्स तोहफा रक्षा में मदद करेगा, जबकि UAE का निवेश अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा। ये खाड़ी देशों से भारत के गहरे रिश्तों का नतीजा है, जो आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के सपने को साकार कर रहे हैं। दोनों देशों के साथ सहयोग आगे और मजबूत होगा।
सज्जाद अली नायाणी✍