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Sunday, 18 January 2026

मुंबई मेयर की कुर्सी पर नया ट्विस्ट! एकनाथ शिंदे ने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों से की मुलाकात, कहा- "महायुति का ही होगा मेयर" – होटल में 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' का नया अध्याय

मुंबई मेयर की कुर्सी पर नया ट्विस्ट! एकनाथ शिंदे ने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों से की मुलाकात, कहा- "महायुति का ही होगा मेयर" – होटल में 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' का नया अध्याय
-Friday World January 19,2026 
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों में महायुति गठबंधन की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सारी नजरें मुंबई के मेयर पद पर टिकी हैं। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के लिए शिवसेना (शिंदे गुट) का साथ जरूरी है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को अपने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों से मुंबई के एक लग्जरी होटल में मुलाकात की और स्पष्ट संदेश दिया – मुंबई का मेयर महायुति गठबंधन का ही होगा!

 यह मुलाकात महज मार्गदर्शन के लिए नहीं थी, बल्कि सत्ता बंटवारे की तैयारियों का हिस्सा लगती है। शिंदे ने पार्षदों को उनके वार्डों में विकास कार्यों को तेज करने, चुनावी घोषणापत्र को लागू करने और अगले पांच साल की रोडमैप पर चर्चा की। लेकिन जब पत्रकारों ने मेयर पद पर सवाल किया, तो शिंदे का जवाब साफ और दमदार था: 

"ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, उल्हासनगर सभी जगह महायुति का मेयर होगा। मुंबई में भी महायुति का मेयर होगा।"

 यह बयान उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना यूबीटी) के लिए बड़ा झटका है, जो दावा कर रहा था कि मुंबई का मेयर शिवसेना का ही होना चाहिए। शिंदे ने विकास पर जोर देते हुए कहा कि मतदाताओं ने भावनाओं के बजाय विकास को चुना है। 

बीएमसी चुनाव परिणाम: महायुति की मजबूत स्थिति 227 सदस्यीय बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटें चाहिए। परिणामों में:

 - बीजेपी: 89 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)

 - शिवसेना (शिंदे गुट): 29 सीटें 

- कुल महायुति: 118 सीटें (बहुमत से ऊपर)

 उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस 24, एमएनएस 6 और एआईएमआईएम 8 सीटों पर जीती। यह परिणाम महाराष्ट्र में महायुति की मजबूत पकड़ को दर्शाता है, जहां बीजेपी ने राज्यव्यापी स्तर पर भी भारी जीत हासिल की। 


 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' का पुराना खेल फिर शुरू? शनिवार से ही 29 पार्षदों को मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में ठहराया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह तीन दिवसीय वर्कशॉप है, जहां विकास योजनाओं, बीएमसी प्रक्रियाओं और वार्ड-स्तरीय कार्यों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पोचिंग (पक्ष बदलने) से बचाव का कदम है।

 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि कोई पोचिंग नहीं हो रही, और मेयर का फैसला दोनों पार्टियां मिलकर लेंगी। लेकिन शिंदे गुट सूत्र बताते हैं कि वे मेयर पद के पहले 2.5 साल के लिए दावा कर रहे हैं (क्योंकि मेयर का कार्यकाल 2.5 साल का होता है), ताकि बाल ठाकरे की 100वीं जयंती (23 जनवरी) पर उनका गुट मजबूत दिखे। बाकी 2.5 साल बीजेपी को दिए जा सकते हैं। साथ ही स्टैंडिंग कमिटी जैसी महत्वपूर्ण कमेटियों में भी हिस्सेदारी मांगी जा रही है। 

उद्धव गुट का पलटवार उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने इसे "ताज होटल को जेल" बनाने का आरोप लगाया है। राउत ने कहा कि पार्षदों को कैद किया गया है। लेकिन शिंदे ने इसे खारिज करते हुए कहा कि यह सिर्फ प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का कार्यक्रम है। 


मुंबई का भविष्य: विकास या राजनीतिक घमासान? बीएमसी दुनिया की सबसे अमीर नगर पालिकाओं में से एक है, जिसका बजट 74,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। मेयर पद न केवल प्रतिष्ठा का, बल्कि शहर के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतियों का केंद्र है। महायुति की जीत से उम्मीद है कि मुंबई में बड़े प्रोजेक्ट्स तेज होंगे, लेकिन सत्ता बंटवारे की बातचीत अभी लंबी खिंच सकती है। 

एकनाथ शिंदे की यह मुलाकात सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में बीजेपी-शिंदे के बीच गहन बातचीत होगी, और मुंबईवासियों को जल्द ही नया मेयर मिलेगा – जो महायुति का होगा! 
Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World January 19,2026