Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Sunday, 4 January 2026

"वेनेजुएला पर ट्रंप की सैन्य कार्रवाई: अमेरिका में ही उठा तीखा विरोध, कमला हैरिस ने कहा - 'यह तेल के लिए है, न कि ड्रग्स या लोकतंत्र'

"वेनेजुएला पर ट्रंप की सैन्य कार्रवाई: अमेरिका में ही उठा तीखा विरोध, कमला हैरिस ने कहा - 'यह तेल के लिए है, न कि ड्रग्स या लोकतंत्र'
Friday World January 4,2026 
3 जनवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐतिहासिक और विवादास्पद सैन्य अभियान की घोषणा की, जिसमें अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर बड़े पैमाने पर हमला किया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया। ट्रंप ने इसे 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' नाम दिया और दावा किया कि मादुरो को अमेरिका लाकर ड्रग्स तस्करी और नारको-टेररिज्म के आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा। ट्रंप ने मार-ए-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को "अस्थायी रूप से चलाएगा" जब तक सुरक्षित संक्रमण नहीं हो जाता, और अमेरिकी तेल कंपनियां अरबों डॉलर निवेश करके देश के तेल ढांचे को ठीक करेंगी। 

यह कार्रवाई अमेरिकी इतिहास में लैटिन अमेरिका में सबसे प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप है, जो 1989 में पनामा पर आक्रमण के बाद पहली बार इतनी बड़ी है। वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े सिद्ध तेल भंडार (लगभग 303 अरब बैरल) हैं, और ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिकी कंपनियां इन संसाधनों का दोहन करेंगी।

 लेकिन इस कार्रवाई का अमेरिका में ही जबरदस्त विरोध हुआ है। पूर्व उपराष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक नेता **कमला हैरिस** ने तीखी आलोचना की। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर एक लंबा बयान जारी कर कहा:

 "डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला में कार्रवाई से अमेरिका न सुरक्षित हुआ है, न मजबूत और न ही सस्ता। मादुरो क्रूर और गैरकानूनी तानाशाह है, लेकिन इस कार्रवाई से यह तथ्य नहीं बदलता कि यह गैरकानूनी और अनुचित थी। हमने यह फिल्म पहले भी देखी है। तेल या सत्ता परिवर्तन के लिए युद्ध, जो ताकत के रूप में बेचे जाते हैं, लेकिन अराजकता में बदल जाते हैं, और अमेरिकी परिवारों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।" 

हैरिस ने आगे कहा कि यह कार्रवाई ड्रग्स या लोकतंत्र के बारे में नहीं है, बल्कि **तेल (ऑयल)** और ट्रंप की क्षेत्रीय ताकतवर बनने की इच्छा के बारे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर ट्रंप को वाकई ड्रग्स या लोकतंत्र की चिंता होती, तो वे दोषी ड्रग तस्करों को माफ नहीं करते या वेनेजुएला के वैध विपक्ष को नजरअंदाज नहीं करते। हैरिस ने चेतावनी दी कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों को खतरे में डाल रही है, अरबों डॉलर खर्च कर रही है, क्षेत्र को अस्थिर कर रही है, और घरेलू स्तर पर कोई लाभ नहीं दे रही। 

"अमेरिकी जनता इस झूठ से थक चुकी है। अमेरिका को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो अमेरिकी परिवारों को पहले रखे, महंगाई कम करे, कानून का शासन लागू करे और मजबूत गठबंधन बनाए।" 

यह बयान अमेरिकी राजनीति में गहरा विभाजन दर्शाता है। रिपब्लिकन नेताओं ने इस ऑपरेशन की सराहना की है, जबकि डेमोक्रेट्स इसे "अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन" और "साम्राज्यवाद" बता रहे हैं। सीनेटर टिम केन ने इसे "अवैध युद्ध" कहा और कांग्रेस से वॉर पावर्स रेजोल्यूशन लाने की बात कही। 

वेनेजुएला में क्या हो रहा है? 

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने अंतरिम राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाली है। देश में आपातकाल घोषित किया गया है, और मादुरो के समर्थक इसे "जियोनिस्ट आक्रमण" बता रहे हैं। रूस, क्यूबा और ईरान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है, जबकि कुछ लैटिन अमेरिकी देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया।

 ट्रंप प्रशासन का दावा है कि मादुरो "नारको-स्टेट" चला रहे थे और ट्रेन डे अरागुआ गैंग जैसे संगठनों को समर्थन दे रहे थे। लेकिन आलोचकों का कहना है कि असली मकसद वेनेजुएला के विशाल तेल संसाधनों पर नियंत्रण पाना है, खासकर जब अमेरिका ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। 

यह घटना न सिर्फ वेनेजुएला के भविष्य को प्रभावित करेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नया तनाव पैदा कर सकती है। क्या यह लोकतंत्र की बहाली होगी या नया साम्राज्यवाद? समय बताएगा। लेकिन फिलहाल, अमेरिका में ही इस पर बहस तेज है, और कमला हैरिस जैसे नेता इसे "तेल के लिए युद्ध" बता रहे हैं।
Friday World January 4,2026 
Sajjadali Nayani ✍