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Tuesday, 6 January 2026

एक्स पर गूंजा संदेश: "ईरान नहीं, अमेरिकियों को बचाओ" – ट्रम्प के ईरान हस्तक्षेप के दावे पर तीखी आलोचना

एक्स पर गूंजा संदेश: "ईरान नहीं, अमेरिकियों को बचाओ" – ट्रम्प के ईरान हस्तक्षेप के दावे पर तीखी आलोचना
Friday World January 6,2026
जनवरी 2026 की शुरुआत में, अमेरिकी राष्ट्रपति     डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक विवादास्पद पोस्ट में ईरान के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को बचाने की धमकी दी। उन्होंने लिखा: "यदि ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गोली मारकर या हिंसक तरीके से मारता है, जो उनकी आदत है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उन्हें बचाने आएगा। हम लोडेड और तैयार हैं।" यह बयान ईरान में आर्थिक संकट से उपजे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच आया, जहां रियाल की कीमत गिरने से जनता सड़कों पर उतर आई। लेकिन एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उपयोगकर्ताओं ने इस दावे को तीखे सवालों से घेर लिया। कई ने ट्रम्प से कहा: "ईरान की जनता को नहीं, पहले अमेरिकियों को बचाओ!" यह प्रतिक्रिया अमेरिकी घरेलू समस्याओं, जैसे स्कूल शूटिंग, गरीबी और घरेलू अस्थिरता के खिलाफ ट्रम्प की विदेश नीति की दोहरी नीति को उजागर करती है। 

ट्रम्प का यह बयान ईरान में जारी विरोधों के संदर्भ में आया, जो दिसंबर 2025 के अंत से शुरू होकर जनवरी 2026 तक फैल चुके थे। प्रदर्शन आर्थिक संकट, मुद्रा अवमूल्यन और महंगाई से शुरू हुए, लेकिन जल्द ही सरकार विरोधी नारे लगने लगे। ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा कथित हिंसा के बाद ट्रम्प ने हस्तक्षेप की चेतावनी दी, लेकिन एक्स यूजर्स ने इसे साम्राज्यवादी हस्तक्षेप और तेल-गैस के लिए बहाना बताया। 

  एक उपयोगकर्ता ने लिखा: "अमेरिका का उद्देश्य बचाव नहीं है, बल्कि ईरान का तेल और गैस है।" यह टिप्पणी ट्रम्प की नीतियों को ऐतिहासिक अमेरिकी हितों से जोड़ती है, जहां मानवाधिकार अक्सर संसाधनों के लिए बहाने के रूप में इस्तेमाल होते हैं।

 एक्स पर सबसे तेज प्रतिक्रिया अमेरिकी घरेलू मुद्दों पर आई। एक यूजर ने व्यंग्य किया: "ट्रम्प हर मुद्दे में हस्तक्षेप क्यों करता है? ईरान को ही अमेरिका को स्कूलों में गोलीबारी से मुक्त करना चाहिए।" यह टिप्पणी अमेरिका में बार-बार होने वाली स्कूल शूटिंग्स की ओर इशारा करती है, जहां हजारों बच्चे प्रभावित होते हैं, लेकिन ट्रम्प प्रशासन ने घरेलू सुधारों पर कम ध्यान दिया। 

 इसी तरह, एक अन्य ने पूछा: "यह आदमी हमेशा अन्य देशों के मामलों में हस्तक्षेप क्यों करना चाहता है? क्या उसके पास खुद अपनी जनता नहीं है जिसकी देखभाल करनी है?" ये सवाल अमेरिकी जनता की थकान को दर्शाते हैं, जो विदेशी युद्धों और हस्तक्षेप से ऊब चुकी है। 

ईरानी और अंतरराष्ट्रीय उपयोगकर्ताओं ने भी ट्रम्प की आलोचना की। प्रसिद्ध ईरानी प्रोफेसर और टिप्पणीकार **सैयद मोहम्मद मरंदी** (@s_m_marandi) ने लिखा: "अमेरिकी शासन हर चीज़ के बारे में झूठ बोलता है ताकि वह हत्या और लूटपाट कर सके। अमेरिका बड़ा शैतान है।" 

 यह बयान अमेरिका-ईरान तनाव के लंबे इतिहास को याद दिलाता है, जिसमें 1953 का तख्तापलट, 1988 में विमान गिराना और हाल के हमले शामिल हैं। एक अन्य यूजर ने गाजा का जिक्र करते हुए कहा: "क्या ट्रम्प ने कभी गाजा में मारे गए निर्दोष नागरिकों और बच्चों को बचाने के लिए कुछ किया है? नहीं, वह नरसंहार का सहयोगी है और अभी भी इजरायल को हथियार दे रहा है।" यह ट्रम्प की मध्य पूर्व नीति की पाखंडपूर्णता पर प्रकाश डालता है।

 कई उपयोगकर्ताओं ने अमेरिकी हस्तक्षेप को 'मानवाधिकार' के नाम पर छद्म युद्ध बताया। 

 एक ने लिखा: "यह मामला प्रदर्शनकारियों को बचाने का नहीं है। यह मामला अमेरिका के हस्तक्षेप के अधिकार को बनाए रखने का है। 'मानवाधिकार' एक बहाना है।" वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए एक यूजर ने कहा: "ट्रम्प का ईरान की जनता की मदद करने का दावा उस समय है जब अमेरिका वेनेजुएला के साथ संघर्ष में है और इस देश के वैध राष्ट्रपति का अपहरण कर लिया है।" ये टिप्पणियां ट्रम्प की विदेश नीति को साम्राज्यवादी और स्वार्थी करार देती हैं। 

एक्स पर इस बहस ने एक स्पष्ट संदेश दिया: अमेरिका को पहले अपनी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। 

 "अमेरिका को सबसे पहले अपनी जनता की देखभाल करनी चाहिए। ईरान की जनता के लिए अचानक इतनी सहानुभूति क्यों? यह उनका राष्ट्र है, उनका कानून है, वे ईरानी इस मामले को संभालेंगे। यह शैतान के लिए एक और युद्ध का मतलब है।" ऐसे संदेशों से साफ है कि वैश्विक उपयोगकर्ता ट्रम्प के बयानों को घरेलू राजनीति का हिस्सा मानते हैं, न कि सच्ची मानवीय चिंता।

 यह घटना दिखाती है कि सोशल मीडिया अब केवल समाचार साझा करने का माध्यम नहीं, बल्कि वैश्विक नीतियों पर जनता की आवाज बन चुका है। ट्रम्प का "लॉकेड एंड लोडेड" बयान ईरान में तनाव बढ़ा सकता है, लेकिन एक्स पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं याद दिलाती हैं कि विदेशी हस्तक्षेप अक्सर घरेलू असफलताओं को छिपाने का तरीका होता है। दुनिया देख रही है कि क्या यह सिर्फ शब्द हैं या वाकई एक नया संघर्ष शुरू होगा। लेकिन फिलहाल, एक्स का संदेश स्पष्ट है: 
ईरान नहीं, अमेरिकियों को बचाओ!

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World January 6,2026