Friday World January 3,2026
जनवरी 2026 की तड़के वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में कई जोरदार धमाकों ने पूरे शहर को हिला दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये विस्फोट शहर के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हुए, जिनमें ला कार्लोटा (La Carlota) सैन्य हवाई अड्डा और फुएर्ते तिउना (Fuerte Tiuna) मुख्य सैन्य अड्डा शामिल हैं।
आसमान में कम ऊंचाई पर उड़ते विमान और हेलीकॉप्टर देखे गए, जबकि शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई। धुएं के गुबार और आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
ये घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दबाव अभियान के चरम पर पहुंचा, जो कई महीनों से वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर चल रहा था।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमेरिकी सेना ने "बड़ी पैमाने पर हमला" किया और मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले जाया गया है।
ट्रंप ने इसे "शानदार ऑपरेशन" करार दिया और कहा कि मादुरो को अमेरिका में ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म के आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा।
अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि मादुरो सरकार वेनेज़ुएला को ड्रग तस्करी का केंद्र बना चुकी है, जिससे अमेरिका में मादक पदार्थों की बाढ़ आ रही है।
ट्रंप ने पिछले महीनों में कैरिबियन और प्रशांत महासागर में दर्जनों ड्रग तस्करी वाली नौकाओं पर हमले कराए थे, और अब पहली बार वेनेज़ुएला की जमीन पर सीधे सैन्य कार्रवाई हुई।
पेंटागन और व्हाइट हाउस ने इन हमलों की पुष्टि नहीं की, लेकिन ट्रंप के बयान के बाद कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने वीडियो और तस्वीरें जारी कीं, जिनमें फुएर्ते तिउना से उठता धुआं और ला कार्लोटा पर आग लगी दिख रही है।
वेनेज़ुएला सरकार ने इसे "गंभीर सैन्य आक्रमण" बताया और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करार दिया।
उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो की "जीवन की पुष्टि" की मांग की। विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने कहा कि यह अमेरिकी कार्रवाई कई सैन्य और संचार ठिकानों पर केंद्रित थी।
पड़ोसी देशों ने तीखी प्रतिक्रिया दी—कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सीमा पर सेना तैनात की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक की मांग की, जबकि क्यूबा ने इसे "आपराधिक" बताया।
ये हमले ट्रंप के घरेलू राजनीतिक संकट के बीच आए, जहां उनकी लोकप्रियता में गिरावट देखी जा रही है। कई विश्लेषकों का मानना है कि वेनेज़ुएला पर सख्त रुख दिखाकर ट्रंप अपनी छवि को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
वेनेज़ुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं, और अमेरिका लंबे समय से वहां प्रभाव बढ़ाना चाहता है।
शहरवासियों में डर का माहौल है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "रात 2 बजे अचानक धरती कांपी, ऐसा लगा जैसे बड़ा ट्रक गिरा हो।" कई इलाकों में लोग सड़कों पर निकल आए, और अस्पतालों में घायलों की भीड़ देखी गई।
स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है—क्या मादुरो वाकई गिरफ्तार हुए या यह सिर्फ ट्रंप का दावा है? क्या यह अमेरिका-वेनेज़ुएला युद्ध की शुरुआत है? यह घटना लैटिन अमेरिका की राजनीति में भूकंप ला सकती है। दुनिया की नजरें अब ट्रंप के अगले बयान और वेनेज़ुएला की सेना की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। शांति की कामना के साथ, यह संकट कितना गहराता है, यह आने वाले घंटों में तय होगा।
Friday World January 3,2026
Sajjadali Nayani ✍