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Friday, 9 January 2026

दूसरों के घर में पत्थर फेंकने का नतीजा: अमेरिका की आंतरिक अस्थिरता, ईरान में विदेशी हस्तक्षेप की विफलता और ट्रंप की वैश्विक नालेशी

दूसरों के घर में पत्थर फेंकने का नतीजा: अमेरिका की आंतरिक अस्थिरता, ईरान में विदेशी हस्तक्षेप की विफलता और ट्रंप की वैश्विक नालेशी
Friday World January 9, 2026
आज की वैश्विक राजनीति में प्रभुत्ववाद और हस्तक्षेप की नीतियां बार-बार चर्चा का विषय बन रही हैं। अमेरिका जैसे महाशक्ति देश अन्य देशों के आंतरिक मामलों में दखल देकर अपने हित साधने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसी कोशिशें अक्सर बूमरैंग की तरह खुद पर ही वापस आती हैं। हाल की घटनाओं में अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप उत्पन्न अराजकता, ईरान में विदेशी खुफिया एजेंसियों की असफल कोशिशें और ट्रंप की 'आतंकवादी' गतिविधियों के कारण विश्वभर में विरोध प्रदर्शन इन बातों के जीवंत प्रमाण हैं। 

   अमेरिका में ट्रंप विरोधी प्रदर्शन: एक भयानक घटना और उसके परिणाम** अमेरिका के इतिहास में डोनाल्ड ट्रंप का नाम विवादास्पद व्यक्ति के रूप में हमेशा रहेगा। 2024 के चुनाव में उनकी वापसी के बाद विभिन्न राज्यों में ट्रंप के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। न्यूयॉर्क, वाशिंगटन डीसी और कैलिफोर्निया जैसे प्रमुख शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। इन विरोधों का मुख्य कारण ट्रंप की विवादास्पद नीतियां हैं – आप्रवासन पर सख्त कानून, विदेश नीति में आक्रामक रुख और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विवाद। 

  इन प्रदर्शनों के दौरान एक भयानक घटना घटी जब एक सुरक्षा गार्ड ने एक महिला प्रदर्शनकारी को पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मार दी। यह घटना वाशिंगटन डीसी में हुई, जहां प्रदर्शनकारी कैपिटल हिल की ओर बढ़ रहे थे। महिला शांतिपूर्ण विरोध कर रही थी, लेकिन उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे अमेरिका को हिला दिया और विरोध और भी तीव्र हो गए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से ट्रंप प्रशासन को 'आतंकवादी' कहकर निशाना बनाया जा रहा है। यह घटना 2021 के 6 जनवरी कैपिटल हमले की याद दिलाती है, लेकिन इस बार विरोधियों के खिलाफ। 

  इन विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप अमेरिका में व्यापक बंद और अराजकता फैल गई। कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया और आर्थिक नुकसान अरबों डॉलर तक पहुंच गया। यह स्पष्ट प्रतीक है कि जब आप दूसरों के घर में कंकड़ फेंकते हैं, तो वे आपके घर में ही वापस आते हैं।

    वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप: पेट्रोल की आग में अपने हाथ जलाना अमेरिका की विदेश नीति में वेनेजुएला हमेशा प्रमुख लक्ष्य रहा है। ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर कब्जा करने के लिए व्यापक प्रतिबंध लगाए और विपक्षी नेता जुआन गुआइडो को समर्थन दिया। इसके परिणामस्वरूप वेनेजुएला में बड़े पैमाने पर विरोध हुए, जिसमें पेट्रोल और ज्वलनशील पदार्थों से आग लगाई गई। लेकिन इस हस्तक्षेप से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई और अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ा। 

 2025-2026 में वेनेजुएला में फिर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंधों को आर्थिक संकट का मुख्य कारण बताया जा रहा है। अमेरिका ने तेल पर कब्जा करने की कोशिश की, लेकिन इससे वेनेजुएला के लोगों में अमेरिका-विरोध और बढ़ गया। यह उदाहरण स्पष्ट करता है कि दूसरों के घर में आग लगाने से वह आग अंततः आपके घर तक पहुंच जाती है। अमेरिका में ट्रंप विरोधी प्रदर्शनों को वेनेजुएला जैसे हस्तक्षेप के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में देखा जा रहा है। 

  ईरान में विदेशी खुफिया एजेंसियों की असफल कोशिशें: डॉलर और प्रचार का खेल ईरान में हाल की घटनाएं विदेशी हस्तक्षेप की विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण हैं। अमेरिका की सीआईए, इजराइल की मोसाद और ब्रिटेन की एमआई6 जैसी एजेंसियों ने ईरानी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को भड़काने के लिए व्यापक प्रयास किए। इसमें डॉलर बांटकर लोगों को सड़कों पर लाने की कोशिशें शामिल थीं। साथ ही ईरान के पूर्व शाह मोहम्मद रेजा पहलवी के पुत्र रेजा पहलवी को भी इसमें शामिल किया गया। 

   रेजा पहलवी ने हाल ही में ईरानी जनता से सरकार के खिलाफ विरोध करने की अपील की, लेकिन यह अपील पूरी तरह नाकाम रही। गिनती के लोग भी सड़कों पर नहीं आए। यह कोशिश नाकाम होने के कारण 'नालेशी' जैसी स्थिति पैदा हो गई। ईरानी जनता ने विदेशी हस्तक्षेप को स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया और अपनी संप्रभुता की रक्षा की। यह घटना दर्शाती है कि विदेशी शक्तियों की साजिशें हमेशा सफल नहीं होतीं और अमेरिका जैसे देशों के लिए यह शर्मिंदगी का कारण बनती हैं। 

   ट्रंप की 'आतंकवादी' गतिविधियां और वैश्विक विरोध डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीतियों को बार-बार 'आतंकवादी' करार दिया जाता है। उनके कार्यकाल में ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या, वेनेजुएला पर प्रतिबंध और अन्य देशों में हस्तक्षेप ने विश्वभर में विरोध पैदा किया। 2026 में ट्रंप के खिलाफ वैश्विक विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। यूरोप, एशिया और लैटिन अमेरिका में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और मीडिया में ट्रंप को ट्रोल किया जा रहा है। 

  सोशल मीडिया पर #TrumpTerrorist जैसे हैशटैग वायरल हो गए हैं। इस कारण ट्रंप को वैश्विक स्तर पर भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। ये विरोध अमेरिका के अंदर भी प्रतिबिंबित हुए हैं, जहां व्यापक बंद और अराजकता का सामना करना पड़ रहा है। 

 हस्तक्षेप की नीतियों का परिणाम और सबक ये सभी घटनाएं स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि विदेशी हस्तक्षेप की नीतियां अंततः खुद पर ही वापस आती हैं। अमेरिका ने वेनेजुएला और ईरान में जो आग लगाई, वह आग अब उनके अपने घर में फैल रही है। ट्रंप विरोधी प्रदर्शन और वैश्विक विरोध इसके जीवंत प्रमाण हैं। दुनिया को बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ना चाहिए, जहां कोई भी देश दूसरे की संप्रभुता में दखल न दे। यही एकमात्र रास्ता है जिससे वैश्विक शांति और स्थिरता कायम रह सकती है। 
Sajjadali Nayani ✍
 Friday World January 9, 2026