Friday World 10 जनवरी 2026
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक आग भड़क गई है! 8 जनवरी 2026 को **एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने TMC से जुड़ी प्रमुख राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के कोलकाता ऑफिस (सॉल्ट लेक सेक्टर-5) और उसके को-फाउंडर/डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास (लाउडन स्ट्रीट) पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत हुई, जिसमें कुल 10 जगहों (6 पश्चिम बंगाल और 4 दिल्ली में) पर सर्च ऑपरेशन चलाए गए।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक आग भड़क गई है! 8 जनवरी 2026 को **एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने TMC से जुड़ी प्रमुख राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के कोलकाता ऑफिस (सॉल्ट लेक सेक्टर-5) और उसके को-फाउंडर/डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास (लाउडन स्ट्रीट) पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत हुई, जिसमें कुल 10 जगहों (6 पश्चिम बंगाल और 4 दिल्ली में) पर सर्च ऑपरेशन चलाए गए।
ED की कार्रवाई: कोयला घोटाले से जुड़ा मामला
ED का दावा है कि यह छापेमारी 2020 में CBI द्वारा दर्ज कोयला तस्करी सिंडिकेट (अनूप माझी उर्फ 'लाला' के नेतृत्व में) से जुड़ी है। सिंडिकेट ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के क्षेत्रों से अवैध कोयला खनन और तस्करी की, जिसके प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (अपराध से प्राप्त धन) को हवाला चैनलों के जरिए I-PAC जैसी कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। ED ने कहा कि जांच "सबूत-आधारित" है और किसी राजनीतिक दल को निशाना नहीं बनाया गया। I-PAC TMC की चुनावी रणनीति, IT, डिजिटल, मीडिया और ऑर्गनाइजेशनल काम संभालती है, और 2021 विधानसभा चुनाव में TMC की जीत में इसकी बड़ी भूमिका रही।
ममता बनर्जी का ड्रामेटिक हस्तक्षेप:
खुद पहुंचीं साइट पर छापेमारी की खबर मिलते ही मममता बनर्जी ने तुरंत एक्शन लिया। सुबह 6 बजे ED पहुंची, तो दोपहर करीब 11:45 बजे ममता प्रतीक जैन के आवास पर पहुंच गईं और बाद में I-PAC ऑफिस भी गईं। उन्होंने ED अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए कि वे TMC की आंतरिक चुनावी स्ट्रैटेजी, कैंडिडेट लिस्ट, हार्ड डिस्क, लैपटॉप, मोबाइल और गोपनीय दस्तावेज चुराने की कोशिश कर रहे थे।
ममता ने कहा, "ED सुबह 6 बजे आई, मैं 11:45 बजे पहुंची। तब तक कई चीजें चुराई जा चुकी हो सकती हैं।" उन्होंने इसे BJP द्वारा राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया, जिसका मकसद 2026 विधानसभा चुनाव से पहले TMC की स्ट्रैटेजी चुराना है।
अमित शाह पर तीखा हमला: "नास्टी, नॉटी होम मिनिस्टर"
ममता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साधा: "क्या अमित शाह का काम पार्टी के हार्ड डिस्क और कैंडिडेट लिस्ट लेना है? नास्टी, नॉटी होम मिनिस्टर जो देश की रक्षा नहीं कर सकता, मेरी पार्टी के दस्तावेज चुरा रहा है।" उन्होंने दावा किया कि कोयला घोटाले का पैसा BJP नेताओं (अमित शाह, सुवेंदु अधिकारी, जगन्नाथ सरकार) तक पहुंचा है, और उनके पास पेन ड्राइव में सबूत हैं जो जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक कर देंगे।
ममता ने ED के खिलाफ FIR दर्ज कराई और स्पष्ट किया कि उन्होंने TMC चेयरपर्सन के रूप में (न कि CM के रूप में) हस्तक्षेप किया, और कुछ गैरकानूनी नहीं किया।
9 जनवरी का विरोध मार्च: 10 किमी लंबा रोड शो
9 जनवरी 2026 को ममता ने जादवपुर से हजरा क्रॉसिंग तक लगभग 10 किमी लंबा विरोध मार्च निकाला। हजारों TMC कार्यकर्ता, सांसद, विधायक, मंत्री और नेता शामिल हुए। मार्च में भारी भीड़ थी, स्लोगन गूंजे—"BJP मिसयूज एजेंसीज"। रैली में ममता ने कहा: "कल का दिन मेरे लिए पुनर्जन्म जैसा था। राजनीतिक हमला मुझे नया जीवन देता है।" उन्होंने BJP को चेतावनी दी—"2026 चुनाव में लोकतांत्रिक तरीके से लड़ो, वरना बंगाल में BJP को जीरो सीटें मिलेंगी।" उन्होंने दिल्ली में TMC सांसदों (महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ'ब्रायन आदि) के साथ पुलिस द्वारा "शर्मनाक" व्यवहार की निंदा की, जहां उन्हें अमित शाह के ऑफिस के बाहर हिरासत में लिया गया।
ED और BJP की जवाबी कार्रवाई ED ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें ममता पर छापेमारी में बाधा डालने, दस्तावेज/डिवाइस जब्त करने और पुलिस का दुरुपयोग का आरोप लगाया। ED ने CBI जांच की मांग की और कहा कि ममता ने "की इविडेंस" (लैपटॉप, फोन, दस्तावेज) जब्त कर लिया।
हाई कोर्ट में हंगामा: सुनवाई 14 जनवरी तक टली कलकत्ता हाई कोर्ट में ED और TMC की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान भारी भीड़ और हंगामा हुआ। जज सुव्रा घोष ने कोर्ट छोड़ दिया। मामला 14 जनवरी 2026 तक टाल दिया गया।
I-PAC का बयान: "अनसेटलिंग प्रेसिडेंट" I-PAC ने कहा कि यह "प्रोफेशनल ऑर्गनाइजेशन" के लिए "दुर्भाग्यपूर्ण दिन" था, जो "अनसेटलिंग प्रेसिडेंट" सेट करता है। कंपनी ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है।
यह घटना 2026 विधानसभा चुनाव से पहले TMC और BJP के बीच बड़े टकराव का संकेत है।
ममता इसे "लोकतंत्र पर हमला" और राजनीतिक बदला बता रही हैं, जबकि BJP इसे भ्रष्टाचार छिपाने की कोशिश कह रही है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है— यह TMC ओर ममता को और मजबूत बनाएगा
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 10 जनवरी 2026