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Saturday, 17 January 2026

अमेरिका का रास्ता अब 'लोहे के चने' चबाने जितना कठिन! H-1B वीजा धारकों पर सोशल मीडिया की तलवार लटकी,

अमेरिका का रास्ता अब 'लोहे के चने' चबाने जितना कठिन! H-1B वीजा धारकों पर सोशल मीडिया की तलवार लटकी,-Friday World January 17,2026
ट्रंप प्रशासन की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति ने हजारों भारतीयों की नींद उड़ा दी

 ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर अपनी सख्त इमिग्रेशन नीतियों से दुनिया को चौंका दिया है। 15 दिसंबर 2025 से लागू हुए नए नियम के तहत, अब H-1B (स्किल्ड वर्कर) और उनके डिपेंडेंट H-4 वीजा अप्लाई करने वालों की सोशल मीडिया प्रोफाइल की अनिवार्य जांच (ऑनलाइन प्रेजेंस रिव्यू) की जाएगी। इस जांच के लिए आवेदकों को अपनी सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर/X, लिंक्डइन आदि) को "पब्लिक" मोड में सेट करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम पहले जून 2025 से छात्र वीजा (F, M, J) के लिए लागू था, लेकिन अब इसे H-1B पर विस्तारित कर दिया गया है। 

 नया नियम क्या है और क्यों लागू हुआ? अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट का कहना है कि हर वीजा अप्रूवल एक "नेशनल सिक्योरिटी डिसीजन" है। वे सभी उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल करके यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई आवेदक अमेरिका की सुरक्षा या पब्लिक सेफ्टी के लिए खतरा न हो। सोशल मीडिया पर पुरानी पोस्ट्स, कमेंट्स, लाइक्स, शेयर या कोई भी कंटेंट जो "एंटी-अमेरिकन", एक्सट्रीमिस्ट, डिसइनफॉर्मेशन से जुड़ा हो, या फ्री स्पीच सप्रेशन से संबंधित काम का इतिहास हो, उसे जांचा जाएगा। ट्रंप प्रशासन का फोकस "फ्री स्पीच" को बढ़ावा देने पर है, इसलिए कंटेंट मॉडरेशन, फैक्ट-चेकिंग या मिसइनफॉर्मेशन से जुड़े पिछले काम वाले आवेदकों पर विशेष नजर है। 

यह बदलाव दिसंबर 2025 में लागू होने के बाद से अमेरिकी दूतावासों और कांसुलेट्स में प्रोसेसिंग कैपेसिटी कम हो गई है। कांसुलर ऑफिसर्स को हर अप्लिकेंट की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग में अतिरिक्त समय लगता है, इसलिए रोजाना इंटरव्यू की संख्या घट गई है। 

 भारतीय H-1B धारकों पर सबसे ज्यादा असर भारतीय प्रोफेशनल्स H-1B वीजा के सबसे बड़े लाभार्थी हैं – लगभग 70% से ज्यादा H-1B वीजा भारतीयों को मिलते हैं। दिसंबर 2025 में छुट्टियां, शादियां या फैमिली विजिट के लिए भारत आए हजारों लोग वीजा स्टैंपिंग के लिए अपॉइंटमेंट बुक करवाकर गए थे। लेकिन 15 दिसंबर के बाद अपॉइंटमेंट्स को कैंसल कर दिया गया और नए डेट्स पर शिफ्ट कर दिया गया। 

कई लोगों को ईमेल मिले हैं कि उनकी अपॉइंटमेंट मार्च, अप्रैल, मई, जून 2026 या यहां तक कि जुलाई-नवंबर 2026 तक धकेल दी गई है! भारत के US कांसुलेट्स (चेन्नई, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता) में यह समस्या सबसे ज्यादा है। हजारों लोग फंसे हुए हैं – नौकरी पर खतरा, फैमिली अलग, शादियां टल रही हैं, और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। 

कई बड़ी कंपनियां जैसे गूगल, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, सर्विसनाउ ने अपने कर्मचारियों को मेमो भेजकर चेतावनी दी है कि बिना वैलिड वीजा स्टैंप के इंटरनेशनल ट्रैवल न करें, क्योंकि वापसी में महीनों की देरी हो सकती है। कुछ मामलों में लोग रिमोट वर्क पर मजबूर हैं या जॉब लॉस का खतरा मंडरा रहा है। 

 क्या कोई एक पोस्ट आपकी मेहनत बर्बाद कर सकती है? यह सबसे बड़ा सवाल है। हां, संभव है! अगर आपकी कोई पुरानी पोस्ट राजनीतिक, धार्मिक या सोशल इश्यू पर हो और उसे "हॉस्टाइल" या "थ्रेट" माना जाए, तो वीजा रिजेक्ट हो सकता है या एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेसिंग में फंस सकता है। कई साल पुरानी पोस्ट्स भी जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा:

 - कंपनियां इतने लंबे वेटिंग में कर्मचारी रखेंगी या जॉब छोड़ देंगी?

 - फैमिली विस्थापित हो रही है, मेंटल हेल्थ पर असर पड़ रहा है।

 - क्या अमेरिका का "डेमोक्रेसी" और "फ्री स्पीच" मॉडल अब सिर्फ अमेरिकन्स के लिए बचा है? 

आगे क्या सावधानियां बरतें? अगर आप अमेरिका में हैं और H-1B/H-4 पर हैं, तो: 

- अगले 1-2 साल तक जरूरी न हो तो भारत या बाहर ट्रैवल न करें।

 - सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले सौ बार सोचें – पुरानी पोस्ट्स डिलीट या प्राइवेट करने का विकल्प सीमित है, क्योंकि जांच पिछले 5 साल के अकाउंट्स तक हो सकती है।

 - अपॉइंटमेंट बुक करने से पहले US स्टेट डिपार्टमेंट की वेबसाइट चेक करें। 

- इमिग्रेशन अटॉर्नी से सलाह लें। 

ट्रंप की "अमेरिका फर्स्ट" नीति ने लाखों भारतीय ड्रीम को प्रभावित किया है। यह सिर्फ वीजा नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, सपनों और परिवारों का सवाल है। क्या सोशल मीडिया अब वीजा का नया "गेटकीपर" बन गया है? 

समय बताएगा, लेकिन फिलहाल यह रास्ता पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो चुका है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World January 17,2026