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Saturday, 10 January 2026

अमेरिकी सेना की तगड़ी कार्रवाई: ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक के तहत सीरिया में ISIS के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले,

अमेरिकी सेना की तगड़ी कार्रवाई: ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक के तहत सीरिया में ISIS के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले, Friday World January 11,2026
"हम आपको दुनिया में कहीं भी ढूंढ निकालेंगे और मार देंगे!"
सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के उभरते खतरे के खिलाफ अमेरिकी सेना ने एक बार फिर निर्णायक कदम उठाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हाल ही में घोषणा की कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सेनाओं ने सीरिया के विभिन्न हिस्सों में ISIS के कई ठिकानों पर **बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। ये हमले ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक** का हिस्सा हैं, जो दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था और अब जनवरी 2026 में भी जारी है।

 ट्रिगर: पलमायरा में खूनी हमला यह पूरी कार्रवाई का मूल कारण 13 दिसंबर 2025 को सीरिया के ऐतिहासिक शहर पलमायरा  के पास हुआ एक घातक हमला था। एक अकेले बंदूकधारी, जिसे ISIS से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, ने अमेरिकी और सीरियाई सुरक्षा बलों के एक काफिले पर हमला किया। इस हमले में **दो अमेरिकी सैनिक** (Iowa National Guard के सदस्य Sgt. Edgar Brian Torres-Tovar और Sgt. William Nathaniel Howard) और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया Ayad Mansoor Sakat की मौत हो गई। तीन अन्य अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे।

 हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया। CENTCOM ने इसे ISIS से प्रेरित हमला बताया, जबकि सीरियाई अधिकारियों ने कहा कि हमलावर सीरियाई सुरक्षा बलों का सदस्य था, जिसकी "चरमपंथी विचारधारा" के कारण बर्खास्तगी होने वाली थी। यह हमला दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के पतन के बाद सीरिया में अमेरिकी सैनिकों पर पहला घातक हमला था। 

ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक: बदला और चेतावनी इस हमले के जवाब में 19 दिसंबर 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक शुरू किया गया। नाम "हॉकआई" Iowa राज्य (Hawkeye State) से लिया गया है, जहां मारे गए दोनों सैनिकों का संबंध था। 

- पहला बड़ा हमला: 19 दिसंबर को ही 70 से अधिक ISIS ठिकानों पर 100+ प्रेसिजन मुनिशन्स से हमला किया गया। इसमें A-10 थंडरबोल्ट II, F-15 और F-16 फाइटर जेट्स, AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर्स और HIMARS रॉकेट आर्टिलरी का इस्तेमाल हुआ। जॉर्डन ने भी अपने F-16 से समर्थन दिया।

 - जनवरी 2026 में जारी हमले: 10 जनवरी 2026 को CENTCOM ने फिर से बड़े पैमाने पर हमले किए। इसमें 35+ स्थानों पर 90+ प्रेसिजन मुनिशन्स दागे गए। F-15E स्ट्राइक ईगल्स, AC-130J और अन्य विमानों ने हिस्सा लिया। 

CENTCOM का साफ संदेश: > "हमारा संदेश स्पष्ट है: अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम दुनिया में कहीं से भी आपको खोज निकालेंगे और मार देंगे, चाहे आप इंसाफ से बचने की कितनी भी कोशिश करें।" 


लक्ष्य और प्रभाव हमलों में ISIS के कमांड सेंटर हथियार डिपो, ट्रेनिंग सुविधाएं, ड्रोन साइट्स और लॉजिस्टिकल हब निशाना बनाए गए। मुख्य इलाके: 

- पलमायरा के पास जबल अल-अमूर - रक्का के मादान रेगिस्तान 

- देइर एज-जोर का अल-हम्माद रेगिस्तान 

सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) के अनुसार, कम से कम 5 ISIS सदस्य मारे गए, जिसमें एक ड्रोन सेल लीडर शामिल था। ऑपरेशन की शुरुआत से अब तक दर्जनों ISIS सदस्य मारे या गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

 राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलों को "बहुत सफल" बताया और कहा कि ISIS को फिर से उभरने नहीं दिया जाएगा, जैसा कि उनकी पिछली सरकार में हुआ था। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसे "बदले की घोषणा" करार दिया। 

व्यापक संदर्भ सीरिया में असद के पतन के बाद नए राष्ट्रपति अहमद अल-शरआ (पूर्व में अबू मोहम्मद अल-जुलानी) के नेतृत्व में देश नई शुरुआत कर रहा है। लेकिन ISIS के अवशेष अभी भी सक्रिय हैं और छोटे-छोटे हमलों से अमेरिकी व सहयोगी बलों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिका ने सैकड़ों सैनिक तैनात रखे हैं और SDF (सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस) के साथ मिलकर ISIS को कुचलने का अभियान जारी रखा है।

 यह ऑपरेशन अमेरिका की "जीरो टॉलरेंस" नीति को दर्शाता है 
– आतंकवादियों को कहीं भी छिपने की इजाजत नहीं। सीरिया की नई सरकार ने भी ISIS के खिलाफ सहयोग का वादा किया है। 

अमेरिकी सेना की यह कार्रवाई न केवल बदला है, बल्कि एक मजबूत चेतावनी भी – ISIS जैसे आतंकी संगठनों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचेगा। दुनिया भर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी! 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World January 11,2026