लंदन की राजनीति इन दिनों तूफान के बीच है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी एपस्टीन फाइल्स विवाद के कारण डगमगा रही है। पिटर मेंडेलसन की नियुक्ति और एपस्टीन से उनके पुराने संबंधों की नई खुलासे ने लेबर पार्टी में भारी असंतोष पैदा कर दिया है। स्टार्मर के करीबी सहयोगी इस्तीफे दे चुके हैं, और पार्टी के भीतर से इस्तीफे की मांगें तेज हो गई हैं। ऐसे में एक नाम जोर-शोर से चर्चा में है – शबाना महमूद। क्या यह मुस्लिम महिला ब्रिटेन की अगली प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच सकती हैं?
शबाना महमूद वर्तमान में ब्रिटेन की होम सेक्रेटरी (गृह मंत्री) हैं। 45 वर्षीय यह नेता लेबर पार्टी की सबसे प्रभावशाली और केंद्र-दक्षिणपंथी धारा की प्रमुख चेहरा मानी जाती हैं। वह कीर स्टार्मर की सबसे करीबी सहयोगियों में से एक हैं। यदि स्टार्मर की सरकार गिरती है या वे इस्तीफा देते हैं, तो शबाना को पार्टी लीडरशिप के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। कई ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वह ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं – वह भी एक महिला के रूप में। यह ब्रिटिश इतिहास में एक अभूतपूर्व बदलाव होगा।
शबाना महमूद का सफर: इमिग्रेंट परिवार से कैबिनेट तक शबाना महमूद का जन्म 17 सितंबर 1980 को बर्मिंघम में हुआ था। उनके माता-पिता जुबैदा और महमूद अहमद पाकिस्तानी मूल के हैं, जिनकी जड़ें मीरपुर (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर या PoK) में हैं। परिवार की जड़ें PoK के मीरपुर कस्बे से जुड़ी हुई हैं, जहां से कई ब्रिटिश-पाकिस्तानी परिवार ब्रिटेन आए थे। शबाना का बचपन का कुछ समय सऊदी अरब के ताइफ में भी बीता, जहां उनके पिता सिविल इंजीनियर के रूप में काम करते थे।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिंकन कॉलेज से लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद शबाना बैरिस्टर बनीं। 2010 में वह पहली बार संसद सदस्य (MP) चुनी गईं – बर्मिंघम लेडीवुड सीट से। वह ब्रिटेन की पहली मुस्लिम महिला MPs में से एक थीं, जिनमें रौशनारा अली और यासमीन कुरैशी भी शामिल हैं। लेबर पार्टी में उन्होंने तेजी से तरक्की की – शैडो कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
2025 में होम सेक्रेटरी बनने के बाद शबाना ने इमिग्रेशन और बॉर्डर सिक्योरिटी पर सख्त रुख अपनाया। वह खुद को इमिग्रेंट्स की बेटी बताती हैं, लेकिन अवैध प्रवास के खिलाफ कड़े कदमों की समर्थक हैं। उनका कहना है कि अवैध माइग्रेशन से देश में विभाजन पैदा हो रहा है, और इसे ठीक करना उनकी जिम्मेदारी है।
गाजा-फिलिस्तीन मुद्दे पर स्टैंड और पार्टी में लोकप्रियता शबाना महमूद ने गाजा में इजरायली कार्रवाइयों का खुलकर विरोध किया है। लेबर पार्टी जब इजरायल का समर्थन कर रही थी, तब शबाना ने पार्टी लाइन से हटकर फिलिस्तीनियों के समर्थन में आवाज उठाई। इससे मुस्लिम समुदाय और युवा वोटर्स में उनकी लोकप्रियता बढ़ी। वह एक कुशल वक्ता हैं और पार्टी में उन लोगों को वापस जोड़ने का काम किया, जो गाजा मुद्दे पर असंतुष्ट थे।
एपस्टीन विवाद: स्टार्मर के लिए खतरा, शबाना के लिए मौका? एपस्टीन फाइल्स के नए खुलासों ने ब्रिटिश राजनीति को हिला दिया है। स्टार्मर ने पिटर मेंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाया था, जिनके एपस्टीन से पुराने संबंध थे। फाइल्स में मेंडेलसन के संदेशों ने विवाद बढ़ाया, जिससे स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ और कम्युनिकेशंस डायरेक्टर जैसे करीबी इस्तीफा दे चुके हैं। स्कॉटलैंड लेबर के लीडर अनास सरवार ने भी स्टार्मर से इस्तीफा मांगा है।
ऐसे में शबाना महमूद को स्टार्मर का मजबूत विकल्प माना जा रहा है। कई रिपोर्ट्स में उन्हें लीडरशिप कंटेस्ट में टॉप कंटेंडर बताया गया है। यदि वह प्रधानमंत्री बनीं, तो ब्रिटेन न सिर्फ पहली मुस्लिम PM, बल्कि पहली मुस्लिम महिला PM देखेगा। उनकी PoK कनेक्शन भी चर्चा में है, लेकिन वह ब्रिटिश नागरिक हैं और ब्रिटिश मूल्यों पर जोर देती हैं।
क्या होगा आगे? राजनीति अनिश्चितताओं से भरी है। स्टार्मर अभी भी अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन यदि पार्टी में विद्रोह बढ़ा तो लीडरशिप चुनाव हो सकता है। शबाना महमूद का नाम इतिहास रचने की संभावना लिए हुए है। क्या ब्रिटेन बहुसांस्कृतिक लोकतंत्र का नया अध्याय लिखेगा? समय बताएगा, लेकिन फिलहाल शबाना महमूद का नाम ब्रिटिश राजनीति का सबसे गर्म मुद्दा बना हुआ है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday world 14th Feb 2026