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Thursday, 12 March 2026

अब हवाई सफर भी महंगा! एयर इंडिया ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर उड़ान के टिकटों पर डाला तगड़ा बोझ – ईरान-इज़राइल जंग की आग पहुंची भारतीय यात्रियों के जेब तक

अब हवाई सफर भी महंगा! एयर इंडिया ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर उड़ान के टिकटों पर डाला तगड़ा बोझ – ईरान-इज़राइल जंग की आग पहुंची भारतीय यात्रियों के जेब तक-Friday 🌎 World 12 March 20
दुनिया में फैली जंग की लपटें अब भारत के आम आदमी की जेब को झुलसा रही हैं। रसोई गैस सिलेंडर महंगे होने के बाद अब हवाई यात्रा भी आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है। एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जेट फ्यूल (एविएशन टर्बाइन फ्यूल - ATF) की कीमतों में भारी उछाल के चलते सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा कर दी है। यह बढ़ोतरी तीन चरणों में लागू हो रही है, जो 12 मार्च 2026 से शुरू हो गई है। 

यह फैसला सिर्फ एयरलाइंस की मजबूरी नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर फैली भू-राजनीतिक अस्थिरता का सीधा नतीजा है। खासकर ईरान-अमेरिका-इज़राइल संघर्ष (जिसे ईरान युद्ध के नाम से जाना जा रहा है) ने मध्य पूर्व में तेल और गैस के सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्ग प्रभावित होने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, और इसका असर सीधे एटीएफ पर पड़ रहा है। एयर इंडिया के मुताबिक, एटीएफ की कीमतें मार्च 2026 की शुरुआत से ही तेजी से बढ़ी हैं, जो एयरलाइंस के कुल ऑपरेशनल खर्च का लगभग 40% हिस्सा बनाती हैं। भारत में दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में एटीएफ पर लगने वाली ऊंची एक्साइज ड्यूटी और वैट ने इस बोझ को और बढ़ा दिया है। 

फ्यूल सरचार्ज बढ़ोतरी का पूरा गणित: तीन चरणों में कितना बढ़ेगा खर्च? 

एयर इंडिया ने फ्यूल सरचार्ज को तीन चरणों में लागू करने का फैसला किया है, ताकि यात्रियों पर एकदम से बड़ा झटका न लगे। यह सरचार्ज सभी नई बुकिंग्स पर लागू होगा, और एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट्स पर भी। यहां चरणबद्ध विवरण है: *

चरण 1 (12 मार्च 2026 से प्रभावी – 0001 IST से नई बुकिंग्स के लिए):

- घरेलू उड़ानें (भारत के अंदर) और SAARC देशों के लिए: ₹399 फ्लैट सरचार्ज (पहले लागू नहीं था)।

 - वेस्ट एशिया/मिडिल ईस्ट (जैसे UAE, सऊदी अरब, ईरान आदि): $10 (लगभग ₹830-850)। 

- साउथईस्ट एशिया: पहले $40 से बढ़कर $60। 

- अफ्रीका: पहले $60 से बढ़कर $90। चरण 2 (18 मार्च 2026 से प्रभावी 

– 0001 IST से नई बुकिंग्स के लिए):

- यूरोप: पहले $100 से बढ़कर $125। 

- नॉर्थ अमेरिका: पहले $150 से बढ़कर $200।

 - ऑस्ट्रेलिया: पहले $150 से बढ़कर $200। 

चरण 3 (फिलहाल घोषित नहीं – फार ईस्ट मार्केट्स जैसे हॉन्गकॉन्ग, जापान, साउथ कोरिया के लिए जल्द घोषणा होगी):

यह चरण बाद में लागू होगा, लेकिन इसमें भी भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। 


ये सरचार्ज प्रति टिकट लगेंगे, और यह बेस फेयर से अलग होगा। मतलब, अगर आपकी टिकट ₹10,000 की है, तो घरेलू फ्लाइट पर ₹399 अतिरिक्त देने पड़ेंगे। अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी की फ्लाइट्स पर $200 (लगभग ₹16,500-17,000) तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। 

 क्यों बढ़ रही है एटीएफ की कीमतें? जंग की असली कीमत भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% तेल और गैस खाड़ी देशों से आयात करता है। ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध ने न सिर्फ तेल उत्पादन प्रभावित किया है, बल्कि शिपिंग रूट्स, एयरस्पेस क्लोजर और लंबे रूट्स की वजह से परिवहन लागत भी बढ़ गई है। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले 20% वैश्विक तेल और काफी मात्रा में LNG पर असर पड़ा है। 

भारत में एटीएफ की कीमतें मार्च 2026 में दिल्ली में ₹96,638 प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई हैं, जो फरवरी में ₹91,393 और जनवरी में ₹92,323 थी। यह उछाल एयरलाइंस के लिए घातक साबित हो रहा है। एयर इंडिया ने स्पष्ट कहा है कि अगर फ्यूल सरचार्ज नहीं बढ़ाया गया, तो फ्लाइट्स कैंसल करनी पड़ सकती हैं, जो यात्रियों के लिए और भी बुरी स्थिति होगी। 

 सिर्फ हवाई सफर नहीं, पूरी अर्थव्यवस्था पर असर यह बढ़ोतरी सिर्फ हवाई यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगी। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उद्योग जहां कमर्शियल LPG इस्तेमाल होता है, वहां भी कीमतें बढ़ चुकी हैं (हाल ही में ₹115 का बढ़ोतरी)। पर्यटन, बिजनेस ट्रैवल, फैमिली विजिट – सब प्रभावित होंगे। गर्मियों की छुट्टियां, त्योहारों के दौरान यात्रा – सब महंगी हो जाएगी।

 यदि मध्य पूर्व में स्थिति जल्द शांत नहीं हुई, तो आने वाले महीनों में और बढ़ोतरी हो सकती है। अन्य एयरलाइंस जैसे इंडिगो, स्पाइसजेट आदि भी इसी तरह के कदम उठा सकती हैं, क्योंकि फ्यूल कॉस्ट सभी के लिए समान समस्या है। 

 यात्रियों के लिए सलाह: क्या करें? 

- जल्दी बुकिंग करें: अगर आपकी यात्रा प्लान है, तो 18 मार्च से पहले बुक कर लें, ताकि चरण 2 के सरचार्ज से बच सकें। 

- वैकल्पिक एयरलाइंस चेक करें: कुछ लो-कॉस्ट कैरियर्स पर अभी सरचार्ज कम हो सकता है। 

- फ्लेक्सिबल डेट्स चुनें: ऑफ-पीक ट्रैवल से बचत हो सकती है। 

- सरचार्ज की जांच: बुकिंग से पहले एयर इंडिया की वेबसाइट या ऐप पर नया फेयर चेक करें। 

यह दौर सिर्फ एयर इंडिया का नहीं, बल्कि पूरी एयरलाइन इंडस्ट्री का है। जंग की कीमतें आम आदमी चुकाता है – चाहे रसोई में गैस हो या आकाश में उड़ान। उम्मीद है कि वैश्विक स्तर पर शांति जल्द लौटे, वरना हवाई सफर अब सिर्फ अमीरों की लग्जरी बन जाएगा। 

जय हिंद! ✈️ संघर्ष जारी रहेगा, लेकिन जेब खाली होने लगी है। 

Sajjadali Nayani ✍
Friday 🌎 World 12 March 20